छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में मलेरिया की रोकथाम और कुपोषण उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मलेरिया प्रभावित गांव औरापानी, नवाडीह, मझगांव तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण व्यवस्था की जमीनी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम औरापानी में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया के तीन और नवाडीह में एक संक्रमित बच्चा मिला है। सभी पीड़ित बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। कलेक्टर ने डॉक्टरों को प्रभावित इलाकों में सघन सर्वे, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने मझगांव और औरापानी के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि जो बच्चे नियमित रूप से स्कूल या आंगनबाड़ी नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर वजह पता करें और आवश्यकता होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर इलाज की व्यवस्था कराएं। मझगांव आंगनबाड़ी केंद्र में अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद कलेक्टर एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को बेहतर इलाज और पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया, जिस पर परिजन अगले दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने के लिए सहमत हो गए। कलेक्टर ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्थानीय पोषणयुक्त 'तिरंगा भोजन' अपनाने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि किसी भी गांव में मौसमी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक इलाज और नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोटा प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, मितानिन और ग्राम सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में मलेरिया की रोकथाम और कुपोषण उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मलेरिया प्रभावित गांव औरापानी, नवाडीह, मझगांव तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण व्यवस्था की जमीनी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम औरापानी में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया के तीन और नवाडीह में एक संक्रमित बच्चा मिला है। सभी पीड़ित बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। कलेक्टर ने डॉक्टरों को प्रभावित इलाकों में सघन सर्वे, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने मझगांव और औरापानी के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि जो बच्चे नियमित रूप से स्कूल या आंगनबाड़ी नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर वजह पता करें और आवश्यकता होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर इलाज की व्यवस्था कराएं। मझगांव आंगनबाड़ी केंद्र में अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद कलेक्टर एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को बेहतर इलाज और पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया, जिस पर परिजन अगले दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने के लिए सहमत हो गए। कलेक्टर ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्थानीय पोषणयुक्त 'तिरंगा भोजन' अपनाने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि किसी भी गांव में मौसमी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक इलाज और नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोटा प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, मितानिन और ग्राम सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
- कोरबा जिले के नोनविर्रा पंचायत में रोजगार सहायक की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक जिस तरह से अपने दायित्वों और कामकाज का संचालन कर रहे हैं, उस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ में अपने दोस्तों और परिजनों के साथ घूमने-फिरने के लिए कई जगहें मौजूद हैं। मानसून के समय अपने परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करने और समय बिताने के लिए राज्य में अनेक विकल्प उपलब्ध हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की बाराद्वार थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उड़ीसा राज्य के बालेश्वर से एक गुमशुदा/अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस बालक को परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस सफल कार्रवाई को पुलिस की सतर्कता और प्रभावी समन्वय का परिणाम माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ती डॉ भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। इस संबंध में थाना बाराद्वार में अपराध क्रमांक 239/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम को उड़ीसा रवाना किया गया। पुलिस टीम ने लगातार प्रयास, तकनीकी जानकारी और स्थानीय पुलिस के समन्वय से उड़ीसा के बालेश्वर में नाबालिग बालक का पता लगाया और उसे सकुशल बरामद कर नियमानुसार थाना बाराद्वार लाया, जिसके बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव, प्रधान आरक्षक अयूब खान तथा आरक्षक जितेंद्र सिदार की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- आसमान में घने बादल छाए होने के बावजूद तेज धूप निकल रही है, जिससे भारी उमस बढ़ गई है। कड़क धूप को देखकर लग रहा है कि दिन में बारिश नहीं होगी, हालांकि शाम तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।1
- सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती का मोबाइल हैक करने और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले साइबर अपराधी को रायगढ़ साइबर पुलिस ने बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर पहचान बढ़ाकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया और फिर एक APK फाइल डाउनलोड करवाकर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उसने निजी फोटो-वीडियो और संपर्क सूची चुराकर युवती से ₹13 हजार की वसूली की। यह मामला रायगढ़ के लैलूंगा थाना क्षेत्र का है, जहाँ 23 वर्षीय पीड़िता ने 12 जून 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, करीब छह साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान बिहार निवासी अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। आरोपी ने भरोसा जीतकर निजी तस्वीरें लीं और फिर APK फाइल भेजकर एक्सेस कोड ले लिया। मोबाइल का नियंत्रण मिलने पर वह परिजनों को तस्वीरें भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग करने लगा। डर के मारे युवती ने तीन किस्तों में ₹13 हजार भेजे, लेकिन ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना रायगढ़ ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। डिजिटल साक्ष्यों और आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर से 20 वर्षीय आरोपी अविनाश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यूट्यूब से हैकिंग सीखकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने लोगों को सचेत करते हुए अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें, निजी फोटो-वीडियो साझा न करें और किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड करने से बचें। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेल होने पर आरोपी को पैसे देने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।1
- बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत घोंघा नदी पर बने विंध्यासर एनीकट में एक दर्दनाक हादसे में 38 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। पानी के तेज बहाव में बह गई अपनी चप्पल को पकड़ने की कोशिश युवक के लिए जानलेवा साबित हुई। सूचना मिलने पर सकरी पुलिस और SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय मुकेश उर्फ हेतराम साहू, पिता शिवकुमार साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था। गुरुवार 23 जुलाई की शाम लगभग 4 बजे वह विंध्यासर एनीकट पार कर रहा था, तभी उसकी चप्पल तेज बहाव में बह गई। चप्पल वापस लाने के प्रयास में पानी की ओर कदम बढ़ाते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एनीकट के गहरे हिस्से में गिरकर बह गया। आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस और SDRF की गोताखोर टीम ने तेज बहाव व गहराई के बीच कड़ी मशक्कत कर शाम लगभग 6 बजे शव को बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में एनीकट पर पानी का बहाव अत्यधिक तेज रहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर इसे पार करते हैं। यह हादसा तेज बहाव वाले जलाशयों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की याद दिलाता है।1