बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत घोंघा नदी पर बने विंध्यासर एनीकट में एक दर्दनाक हादसे में 38 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। पानी के तेज बहाव में बह गई अपनी चप्पल को पकड़ने की कोशिश युवक के लिए जानलेवा साबित हुई। सूचना मिलने पर सकरी पुलिस और SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय मुकेश उर्फ हेतराम साहू, पिता शिवकुमार साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था। गुरुवार 23 जुलाई की शाम लगभग 4 बजे वह विंध्यासर एनीकट पार कर रहा था, तभी उसकी चप्पल तेज बहाव में बह गई। चप्पल वापस लाने के प्रयास में पानी की ओर कदम बढ़ाते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एनीकट के गहरे हिस्से में गिरकर बह गया। आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस और SDRF की गोताखोर टीम ने तेज बहाव व गहराई के बीच कड़ी मशक्कत कर शाम लगभग 6 बजे शव को बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में एनीकट पर पानी का बहाव अत्यधिक तेज रहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर इसे पार करते हैं। यह हादसा तेज बहाव वाले जलाशयों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की याद दिलाता है।
बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत घोंघा नदी पर बने विंध्यासर एनीकट में एक दर्दनाक हादसे में 38 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। पानी के तेज बहाव में बह गई अपनी चप्पल को पकड़ने की कोशिश युवक के लिए जानलेवा साबित हुई। सूचना मिलने पर सकरी पुलिस और SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय मुकेश उर्फ हेतराम साहू, पिता शिवकुमार साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री था। गुरुवार 23 जुलाई की शाम लगभग 4 बजे वह विंध्यासर एनीकट पार कर रहा था, तभी उसकी चप्पल तेज बहाव में बह गई। चप्पल वापस लाने के प्रयास में पानी की ओर कदम बढ़ाते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एनीकट के गहरे हिस्से में गिरकर बह गया। आसपास के लोगों की सूचना पर पुलिस और SDRF की गोताखोर टीम ने तेज बहाव व गहराई के बीच कड़ी मशक्कत कर शाम लगभग 6 बजे शव को बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में एनीकट पर पानी का बहाव अत्यधिक तेज रहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर इसे पार करते हैं। यह हादसा तेज बहाव वाले जलाशयों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की याद दिलाता है।
- बारिश के कहर के चलते हसौद मुख्य मार्ग पर तीन फीट तक पानी भर गया है। इसके साथ ही ओडेकेरा के पास सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अस्पताल में पदस्थ प्रभारी सिविल सर्जन श्री संतोष कुमार पटेल को एसीबी बिलासपुर की टीम ने अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जिला अस्पताल सक्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी यूनिट बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मूल पदस्थापना सी एम एच ओ कार्यालय पोरथा में है और वे फरवरी 2026 से जिला अस्पताल सक्ती में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। आरोप के अनुसार, प्रभारी सिविल सर्जन श्री संतोष कुमार पटेल द्वारा मई से जून 2026 तक का पे डेटा सी एम एच ओ कार्यालय नहीं भेजा जा रहा था। डेटा भेजने के बदले उन्होंने फरवरी से जून तक प्रति माह 20,000 रुपये के हिसाब से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी सिविल सर्जन ने प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया था। प्रार्थी द्वारा डभरा कॉलेज मोड़ के पास बुलाए जाने पर आरोपी श्री संतोष कुमार पटेल रात करीब 9 बजे पहुंचे। जैसे ही वे प्रार्थी के स्कार्पियो वाहन में बैठकर 1 लाख रुपये की रिश्वती रकम ले रहे थे, आसपास मौजूद एसीबी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की 1 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है और आरोपी के खिलाफ धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत कार्रवाई की जा रही है।1
- बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र में राहगीरों को रोककर आंखों में मिर्च पाउडर झोंकने, शराब के लिए पैसे मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 22 जुलाई 2026 की है, जब ग्राम सेमरी निवासी संतोष यादव अपने पड़ोसी अक्षय के साथ ग्राम पौंसरा से धान का बीज लेकर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। सेमरा बाजार के पास पहले से घात लगाए बैठे चेतन ध्रुव और उसके दो साथियों ने उनकी बाइक रुकवा ली। आरोपियों ने अक्षय की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और अश्लील गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब पीड़ितों ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने अक्षय के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका मोबाइल फोन भी तोड़कर मौके से फरार हो गए। संतोष यादव की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों फरार आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सेमरा (भरारी) निवासी चेतन ध्रुव (20 वर्ष), जागेश्वर प्रसाद साहू (32 वर्ष) और आकाश साहू (24 वर्ष) शामिल हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक मनोज एक्का, प्रधान आरक्षक दिनेश कांत, आरक्षक पवन ठाकुर और धीरज कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में मलेरिया की रोकथाम और कुपोषण उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मलेरिया प्रभावित गांव औरापानी, नवाडीह, मझगांव तथा उप स्वास्थ्य केंद्र मझगांव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण व्यवस्था की जमीनी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ग्राम औरापानी में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया के तीन और नवाडीह में एक संक्रमित बच्चा मिला है। सभी पीड़ित बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। कलेक्टर ने डॉक्टरों को प्रभावित इलाकों में सघन सर्वे, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने मझगांव और औरापानी के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि जो बच्चे नियमित रूप से स्कूल या आंगनबाड़ी नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर वजह पता करें और आवश्यकता होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर इलाज की व्यवस्था कराएं। मझगांव आंगनबाड़ी केंद्र में अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद कलेक्टर एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को बेहतर इलाज और पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया, जिस पर परिजन अगले दिन बच्चे को एनआरसी ले जाने के लिए सहमत हो गए। कलेक्टर ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्थानीय पोषणयुक्त 'तिरंगा भोजन' अपनाने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही निर्देश दिया गया कि किसी भी गांव में मौसमी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर आवश्यक इलाज और नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोटा प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, मितानिन और ग्राम सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लापता महिला का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले में अभी तक महिला के संबंध में कोई भी जानकारी सामने नहीं आ सकी है।1
- छत्तीसगढ़ में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ दो दिन पहले एक प्रेमी ने फांसी लगा ली थी। जैसे ही इस बात की खबर उसकी प्रेमिका को मिली, उसने भी उसी पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।1
- रथ यात्रा के दौरान बिजली के तार पर 10 फीट लंबा अजगर लिपटा हुआ दिखाई दिया। रथ यात्रा के बीच बिजली की तार से चिपके इस विशाल अजगर के दिखने से लोगों का ध्यान इस ओर गया।1