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सीएम यादव का बड़ा एक्शन, सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटायासीएम यादव ने सीधी जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया. सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को भी निलंबित करने के आदेश जारी किए गए.
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
सीएम यादव का बड़ा एक्शन, सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटायासीएम यादव ने सीधी जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया. सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को भी निलंबित करने के आदेश जारी किए गए.
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- सीएम यादव का बड़ा एक्शन, सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से हटायासीएम यादव ने सीधी जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया. सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को भी निलंबित करने के आदेश जारी किए गए.1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- पुष्पा स्टाइल में सागौन तस्करी! : बिना बिल्टी और E-Way Bill चार राज्यों की सरहदें लांघकर मऊगंज पहुंचा संदिग्ध ट्रक, पकड़े जाने पर रची गई फर्जी लूट की पटकथा—आनन-फानन में तैयार किए गए दस्तावेजों ने खोली पोल, वन विभाग के रेंजर की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल! करोड़ों के खेल में सिस्टम की मिलीभगत की गूंज! रिपोर्ट — दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज मो.89650741301
- Post by Bablu Namdev1
- Post by Singrauli Madhya Pradesh1
- बारा तहसील परिसर में वकीलों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है, लेकिन अब तक कोई समझौता नहीं हो सका है। आज सोमवार दोपहर करीब 01:00 के आसपास वकीलों ने एडीएम के सामने अपनी समस्याएं और जनता का दर्द जोरदार तरीके से रखा। वकीलों ने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार गरीबों की सुनवाई नहीं करते, जबकि पैसे वालों के काम प्राथमिकता से निपटाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को न्याय मिलने में भारी परेशानी हो रही है। आंदोलनरत वकीलों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।1
- रीवा शहर के कमांडेंट बांग्ला के सामने कई सालों से शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण कराया गया था जिला प्रशासन द्वारा चिरौला मंदिर को उज्जैन और शिर्डी के रूप में विस्थापित करने के लिए नई रणनीति बनाई है जिसके चलते मंदिर से कमांडेड बांग्ला होते हुए एक सड़क निर्माण कराया जा रहा है जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर 50 साल से शासकीय जमीन पर किए गए अतिक्रमण और भवन निर्माण को नगर निगम प्रशासन द्वारा पुलिस सुरक्षा के बीच गिराया जा रहा है प्रदेश सरकार के आदेश पर जिला कलेक्टर द्वारा शासकीय भूमि पर किए हुए अतिक्रमण को मुक्त करने का लक्ष्य बना रखा है कुछ दिन पूर्व हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर ग्राम पंचायत पुरास तालाब से अतिक्रमण हटाया गया लेकिन एसडीएम और तहसीलदार की कार्यों शैली पर ग्रामीणों द्वारा उंगली उठाई जा रही है कि अगर हाई कोर्ट द्वारा तालाब से अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश जारी किया है उसे शासकीय जमीन पर भवन और जमीन पर किए गए अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए गए क्या गरीबों पर ही बुलडोजर चलने का आदेश हाई कोर्ट द्वारा दिया गया है1
- सीधी/उपनी। जनपद के उपनी ग्राम पंचायत से एक ऐसी हृदयविदारक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने न केवल सामाजिक समरसता के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है, बल्कि करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था के केंद्र 'रामचरित मानस' और पूज्य देवी-देवताओं का घोर अपमान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के एक प्रतिष्ठित पंडित जी के निवास पर जब श्रद्धापूर्वक मानस पाठ का आयोजन किया जा रहा था, तब भक्ति के उस पावन माहौल में विष घोलने का प्रयास किया गया। गांव के ही कुंठित मानसिकता वाले अमलेश कुशवाहा ने अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देते हुए पहले तो इस पवित्र पाठ को रुकवाने के लिए पुलिस को मौके पर बुलवाया, लेकिन जब सत्य और श्रद्धा के आगे उसकी एक न चली, तो उसने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। प्राचीन काल के उन राक्षसों की याद ताजा हो गई जो साधु-संतों के भजन और यज्ञ में विघ्न डाला करते थे, ठीक वैसा ही कृत्य आज के इन कलयुगी 'राक्षसों' और उनके पीछे छिपे गुमनाम समर्थकों द्वारा किया जा रहा है। घटना के बाद आरोपी अमलेश कुशवाहा का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वह सरेआम हिंदू देवी-देवताओं और मानस पाठ करवाने वाले परिवार को अत्यंत घृणित और भद्दी गालियां देता सुनाई दे रहा है। इस ऑडियो ने क्षेत्र के सनातनी समाज के स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंचाई है। स्थानीय ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि अमलेश कुशवाहा अकेला नहीं है, बल्कि उसके पीछे एक पूरी टोली सक्रिय है जो उसे इस तरह की घिनौनी वारदातों के लिए उकसाती और संरक्षण देती है। सूत्रों के हवाले से यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि उपनी गांव में अमलेश सहित कई ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो गुप्त रूप से अपना धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में अपनी पुरानी पहचान बताकर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और सुविधाओं का दोहरा लाभ उठा रहे हैं। यह सीधे तौर पर देश के नियमों और समाज के साथ एक बहुत बड़ी जालसाजी और विश्वासघात है। आक्रोशित ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जो लोग हिंदू धर्म से इतनी नफरत करते हैं कि उनके आराध्यों को गाली देते हैं, वे हिंदू बनकर सरकारी लाभ किस नैतिक अधिकार से ले रहे हैं? समाज के इन दुश्मनों और इनके पीठ पीछे खड़े मददगारों के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई की तैयारी है। उपनी पंचायत सहित जिले भर के हिंदू संगठनों में भारी उबाल है। ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि अगर मुख्य आरोपी के साथ-साथ उसके उन समर्थक सपोलों को भी कड़ी सजा नहीं मिली जो पर्दे के पीछे से नफरत का खेल खेल रहे हैं, तो ये सनातन धर्म की जड़ों को खोदने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इनके इस संगठित नफरत भरे व्यवहार के कारण भविष्य में कोई भी साधारण व्यक्ति अपने घर में शांतिपूर्वक पूजा-पाठ या भगवत भजन करने से डरेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इन चेहरों और इनके पीछे छिपे आकाओं पर कब और कितनी कठोर कार्यवाही करता है? क्या धर्म के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों और उन्हें शह देने वालों की फाइलें खुलेंगी या आस्था का अपमान करने वाले ऐसे तत्व समाज में खुलेआम ज़हर घोलते रहेंगे? 'विंध्य बलराम समाचार' इस मामले की हर सच्चाई और हर चेहरे को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है।1