कौशांबी जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल कड़ा धाम में आगामी तीन दिवसीय आषाढ़ मेले की तैयारियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा तैयारियों में तेजी लाने का दावा किया जा रहा है, जबकि लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन मेले से पहले ही व्यवस्थाओं की बदहाली को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्यटन विभाग द्वारा कड़ा धाम में लगाए गए 64 कैमरों में से अधिकांश खराब पड़े हैं, जिससे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है, जहाँ जगह-जगह नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लगने वाली कतारों का अव्यवस्थित होना भी भक्तों के लिए परेशानी का एक बड़ा कारण है। साथ ही, मुख्य मार्गों पर यात्री शेड, वाहन स्टैंड, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी हर वर्ष एक बड़ी समस्या बनी रहती है। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस बार मेले से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा पाता है या पिछली बार की तरह समस्याएं इस बार भी बनी रहती हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कौशांबी जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल कड़ा धाम में आगामी तीन दिवसीय आषाढ़ मेले की तैयारियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा तैयारियों में तेजी लाने का दावा किया जा रहा है, जबकि लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन मेले से पहले ही व्यवस्थाओं की बदहाली को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्यटन विभाग द्वारा कड़ा धाम में लगाए गए 64 कैमरों में से अधिकांश खराब पड़े हैं, जिससे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है, जहाँ जगह-जगह नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लगने वाली कतारों का अव्यवस्थित होना भी भक्तों के लिए परेशानी का एक बड़ा कारण है। साथ ही, मुख्य मार्गों पर यात्री शेड, वाहन स्टैंड, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी हर वर्ष एक बड़ी समस्या बनी रहती है। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस बार मेले से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा पाता है या पिछली बार की तरह समस्याएं इस बार भी बनी रहती हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
- कौशांबी जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल कड़ा धाम में आगामी तीन दिवसीय आषाढ़ मेले की तैयारियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा तैयारियों में तेजी लाने का दावा किया जा रहा है, जबकि लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन मेले से पहले ही व्यवस्थाओं की बदहाली को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्यटन विभाग द्वारा कड़ा धाम में लगाए गए 64 कैमरों में से अधिकांश खराब पड़े हैं, जिससे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है, जहाँ जगह-जगह नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लगने वाली कतारों का अव्यवस्थित होना भी भक्तों के लिए परेशानी का एक बड़ा कारण है। साथ ही, मुख्य मार्गों पर यात्री शेड, वाहन स्टैंड, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी हर वर्ष एक बड़ी समस्या बनी रहती है। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस बार मेले से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा पाता है या पिछली बार की तरह समस्याएं इस बार भी बनी रहती हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- ग्रामीणों के अनुसार, आधे गांव के लोग पीने के पानी के लिए दर-बदर भटक रहे हैं और प्यास से बेहाल हैं। उनका आरोप है कि जल जीवन मिशन योजना पूरी तरह से विफल हो चुकी है। इस योजना के तहत पानी की टंकी के निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के कार्यों में करोड़ों रुपये का बड़ा घोटाला हुआ है। अपनी मांगों को लेकर और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए, गांव के लोग अब सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने कोखराज थाने में अर्दली रूम आयोजित कर लंबित विवेचनाओं, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की गहन समीक्षा की। उन्होंने महिला अपराध, साइबर क्राइम, वांछित और वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए, साथ ही यह साफ कर दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने बीट पुलिसिंग को और मजबूत करने, प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने और जनसुनवाई के मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की सख्त हिदायत दी गई। इस समीक्षा बैठक का संदेश स्पष्ट था कि अपराधियों के प्रति सख्ती बरती जाएगी, जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और पुलिसिंग में किसी भी तरह का कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।4
- अयोध्या से कांग्रेस नेताओं की धड़ाधड़ गिरफ्तारियाँ की जा रही हैं, जहाँ पुलिस ने उनके घरों से लेकर होटलों तक में घुसकर कार्रवाई की है।1
- प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में स्थित चौराहे के पास 16 मार्केट के पीछे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अचानक एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर देख नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पूरामुफ्ती थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस प्रशासन की टीम अब युवक को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश कर रही है।1
- प्रयागराज के पूरामुफ्ती में एक प्रेमी युवक अपनी प्रेमिका से मिलने की ज़िद में मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया। पूरामुफ्ती थानाध्यक्ष अविनाश सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे और युवक को टावर से नीचे उतारने के लिए भारी मशक्कत की। युवक का नाम उदित है, जो प्रयागराज के थाना एयरपोर्ट के ग्राम फुलवा का रहने वाला है। वह दोपहर करीब 2 बजे टावर पर चढ़ा था और पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया था, क्योंकि वह लगातार अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग कर रहा था। पुलिस ने उसे लगातार समझाने का प्रयास किया और अपनी बात उस तक पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर का भी सहारा लिया। एक बार बातचीत के बाद युवक ने अपना मोबाइल नीचे फेंक दिया था। पुलिस प्रशासन की तमाम जुगत और अथक प्रयासों के बाद, आखिरकार पुरामुफ्ती पुलिस को युवक को टावर से सुरक्षित नीचे उतारने में सफलता मिली।1
- कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र के बभनपुरवा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 16 वर्षीय रितु यादव, जो कक्षा 9 की छात्रा थी, ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय परिजन खेत में मूंग तोड़ने गए थे और किशोरी घर में अकेली थी। उसने बांस के सहारे दुपट्टे से फांसी लगा ली। जब परिजन वापस लौटे, तो घटना की जानकारी मिलने पर घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही करारी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का कहना है कि रितु काफी समय से बीमार चल रही थी और अपनी बीमारी से परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार सुबह करीब पांच बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक तेज रफ्तार बस और कार की टक्कर में पाँच लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। बांगरमऊ कोतवाली इलाके के 230.800 माइल स्टोन के पास हुई इस दुर्घटना में संतकबीरनगर के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार में सवार सभी पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दिव्या (13), अमृता (5), अंजू (40), धुनमुन (60) और कार चालक विनोद (45) शामिल हैं। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बांगरमऊ सीएचसी से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। बस में कुल 85 यात्री सवार थे, जिनमें से 17 से अधिक यात्री भी चोटिल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस डिवाइडर की ग्रिल तोड़ते हुए खंती में पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और राहत बचाव कार्य शुरू किया।2