बघाट बैंक की एजीएम में रिवाइवल प्राथमिकता, विलय के विकल्प पर भी मंथन कसौली : बघाट अर्बन कोआपरेटिव बैंक सोलन की मंगलवार को आयोजित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की बैठक में बैंक के रिवाइवल को प्राथमिकता में रखा गया, वहीं बैंक के विलय के विकल्प पर भी मंथन हुआ। एजीएम में शेयरधारकों डेलिगेटों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। बैंक प्रबंधन ने वित्तीय स्थिति सुधारने की प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि बीते वर्ष आठ अक्टुबर से बघाट बैंक के 138 करोड़ के एनपीए को देखते हुए आरबीआई ने बैंक पर कई बंदिशें लगा दी थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन सहित 80 हजार खाताधारकों व शेयरहोल्डर्स भी चिंताग्रस्त हो गए थे। बैंक के पैसे पर कुंडली मार कर बैठे डिफॉल्टरों पर भी कार्यवाही जारी है। अनेकों डिफॉल्टरों की संपतियां जब्त की जा चुकी है। अनेकों के पास अभी बैंक का पैसा फंसा हुआ है। बैंक एनपीए से उबरने के लिए प्रयासरत है। बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा ने बताया कि बैंक का मुख्य लक्ष्य रिवाइवल है। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट व बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बैंक के वित्तीय पैरामीटर बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रिवाइवल के प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं देते हैं, तो विलय का विकल्प भी खुला रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव भेजा जाएगा। वर्तमान में बैंक का एनपीए लगभग 11 प्रतिशत है, जिसे मार्च तक 10 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। डिफॉल्टरों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में न्यायालय या डीआरटी से स्टे मिलने के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। जमाकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक में जमा राशि सुरक्षित है। इंश्योरेंस के माध्यम से लगभग 50.30 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं व शेष दावों की प्रक्रिया जारी है। बैंक को इससे उबारने के लिए डिफॉल्टरों के खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं। वहीं बैंक के अधिक से अधिक शेयरधारक बनाने के लिए भी प्रक्रिया जारी है।
बघाट बैंक की एजीएम में रिवाइवल प्राथमिकता, विलय के विकल्प पर भी मंथन कसौली : बघाट अर्बन कोआपरेटिव बैंक सोलन की मंगलवार को आयोजित वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की बैठक में बैंक के रिवाइवल को प्राथमिकता में रखा गया, वहीं बैंक के विलय के विकल्प पर भी मंथन हुआ। एजीएम में शेयरधारकों डेलिगेटों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। बैंक प्रबंधन ने वित्तीय स्थिति सुधारने की प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि बीते वर्ष आठ अक्टुबर से बघाट बैंक के 138 करोड़ के एनपीए को देखते हुए आरबीआई ने बैंक पर कई बंदिशें लगा दी थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन सहित 80 हजार खाताधारकों व शेयरहोल्डर्स भी चिंताग्रस्त हो गए थे। बैंक के पैसे पर कुंडली मार कर बैठे डिफॉल्टरों पर भी कार्यवाही जारी है। अनेकों डिफॉल्टरों की संपतियां जब्त की जा चुकी है। अनेकों के पास अभी बैंक का पैसा फंसा हुआ है। बैंक एनपीए से उबरने के लिए प्रयासरत है। बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा ने बताया कि बैंक का मुख्य लक्ष्य रिवाइवल है। बोर्ड
ऑफ मैनेजमेंट व बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बैंक के वित्तीय पैरामीटर बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रिवाइवल के प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं देते हैं, तो विलय का विकल्प भी खुला रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव भेजा जाएगा। वर्तमान में बैंक का एनपीए लगभग 11 प्रतिशत है, जिसे मार्च तक 10 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है। डिफॉल्टरों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में न्यायालय या डीआरटी से स्टे मिलने के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। जमाकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक में जमा राशि सुरक्षित है। इंश्योरेंस के माध्यम से लगभग 50.30 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं व शेष दावों की प्रक्रिया जारी है। बैंक को इससे उबारने के लिए डिफॉल्टरों के खिलाफ कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं। वहीं बैंक के अधिक से अधिक शेयरधारक बनाने के लिए भी प्रक्रिया जारी है।
- सोलन के रामशहर मैं चल रही श्री शिव महापुराण कथा दौरान रात्रि भजन कार्यक्रम में कथा व्यास नरेंद्र भारद्वाज के मुखारविंद से रात्रि भजन संध्या कार्यक्रम1
- शिमला में सुक्खू सरकार के ख़िलाफ पेंशनरों का प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त संघर्ष समिति ने चौड़ा मैदान शिमला में धरना प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेश सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने और मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। पेंशनर का तर्क है कि बीते साल 28 नवंबर को धर्मशाला में हुए धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे एक हफ्ते में शिष्टमंडल को बातचीत के लिए बुलाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपना वादा नहीं निभाया। पेंशनरों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पेंशनरों के प्रति संवेदनशील नहीं है और उनकी देनदारियों को रोक कर अपनी सरकार चला रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पेंशनरों की मांगों को नहीं माना गया, तो वे विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। पेंशनरों की मांग है कि 1.1.2016 से 31.1.2022 तक सेवानिवृत कर्मचारियों की ग्रटुइटी, लीव इनकाशमेंट, कम्युटेशन और संशोधित पैंशन की अदायगी की जाए। इसके अलावा वे 13% मेहगाई भता और 146 महीने का मेहगाई भते का अर्रेंर भी मांग रहे हैं। हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को प्रति माह पेंशन की अदायगी पहली तारीख को करने की मांग की जा रही है। साथ ही संशोधित वेतनमान के वित्तीय लाभों को देने की भी मांग है। शहरी नगर निकायों के पेंशनरों को 1.1.2006 के बजाय 1.1.2016 के वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर पेंशन देने की मांग की जा रही है।1
- जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।1
- Post by Himanshu Chopra1
- yi kam h es acha kr na he nahi tha1
- पहले बच्चे चोरी होने की खबरे ओर अब नया तरीका हिप्नोटाइज करके महिला की सोने की चेन और अंगूठी लेकर कर हुए फरार यमुनानगर वालों हो जाओ सावधान इमरजेंसी में 112 डायल करें धन्यवाद1
- yamuna nagar के फिल्म सिटी के डायरेक्टर लवली सिंह के द्वारा नया गाना बहुत ही जल्दी रिलीज होने जा रहा है1
- सोलन क्षेत्र के नालागढ़ के राम शहर में महाशिवपुराण प्रारंभ कथा के भंडारे का भोग लगाने के लिए शीतला माता के दरबार पहुंचे भक्त1