प्रदेश स्तरीय जनसंपर्क अभियान – Day 13जनसंपर्क यात्रा का 13वां दिन सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कानों और सपनों 📍 प्रदेश स्तरीय जनसंपर्क अभियान – Day 13 जनसंपर्क यात्रा का 13वां दिन सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कानों और सपनों से भरा एक खूबसूरत अनुभव बन गया… ❤️ रास्ते में जब पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय, बुबकापुर (1-8), शिक्षा क्षेत्र फखरपुर, जनपद बहराइच पहुंचा, तो वहां का नज़ारा किसी उत्सव से कम नहीं था। मानो छोटे-छोटे सपनों ने रंगमंच पर अपनी उड़ान भर ली हो… ✨ 🎪 मदर मेला – जहां मासूम हाथों ने अपने हुनर से नई दुनिया रच दी 🎭 थियेटर (रंगमंच) – जहां बच्चों की भावनाएं संवाद बनकर दिलों तक उतर गईं 🎉 प्रगति मेला (बाल उत्सव) – जहां हर मुस्कान में भविष्य की चमक दिखाई दी इन नन्हे कलाकारों की आंखों में चमक थी, हौसलों में उड़ान थी, और हर प्रस्तुति में एक संदेश— 👉 “अगर मौका मिले, तो गांव का हर बच्चा इतिहास लिख सकता है…” 👏 इस अद्भुत आयोजन के लिए विद्यालय परिवार, समर्पित शिक्षकगण और प्रतिभाशाली बच्चों को दिल से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। 🚩 हक की आवाज़ न्यूज़ चैनल का यह संकल्प और मजबूत हुआ है कि हर गांव, हर स्कूल और हर बच्चे की आवाज़ को मंच मिले… और शिक्षा, विकास व जनसमस्याओं से जुड़ी हर सच्चाई आप तक पहुंचे। ✨ क्योंकि असली बदलाव वहीं से शुरू होता है, जहां छोटे-छोटे सपनों को बड़ा बनने का मौका मिलता है… #JansamparkAbhiyan #Day13 #Bahraich #Education #BalUtsav #GroundReport
प्रदेश स्तरीय जनसंपर्क अभियान – Day 13जनसंपर्क यात्रा का 13वां दिन सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कानों और सपनों 📍 प्रदेश स्तरीय जनसंपर्क अभियान – Day 13 जनसंपर्क यात्रा का 13वां दिन सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कानों और सपनों से भरा एक खूबसूरत अनुभव बन गया… ❤️ रास्ते में जब पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय, बुबकापुर (1-8), शिक्षा क्षेत्र फखरपुर, जनपद बहराइच पहुंचा, तो वहां का नज़ारा किसी उत्सव से कम नहीं था। मानो छोटे-छोटे सपनों ने रंगमंच पर अपनी उड़ान भर ली हो… ✨ 🎪 मदर मेला – जहां मासूम हाथों ने अपने हुनर से नई दुनिया रच दी 🎭 थियेटर (रंगमंच) – जहां बच्चों की भावनाएं संवाद बनकर दिलों तक उतर गईं 🎉 प्रगति मेला (बाल उत्सव) – जहां हर मुस्कान में भविष्य की चमक दिखाई दी इन नन्हे कलाकारों की आंखों में चमक थी, हौसलों में उड़ान थी, और हर प्रस्तुति में एक संदेश— 👉 “अगर मौका मिले, तो गांव का हर बच्चा इतिहास लिख सकता है…” 👏 इस अद्भुत आयोजन के लिए विद्यालय परिवार, समर्पित शिक्षकगण और प्रतिभाशाली बच्चों को दिल से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। 🚩 हक की आवाज़ न्यूज़ चैनल का यह संकल्प और मजबूत हुआ है कि हर गांव, हर स्कूल और हर बच्चे की आवाज़ को मंच मिले… और शिक्षा, विकास व जनसमस्याओं से जुड़ी हर सच्चाई आप तक पहुंचे। ✨ क्योंकि असली बदलाव वहीं से शुरू होता है, जहां छोटे-छोटे सपनों को बड़ा बनने का मौका मिलता है… #JansamparkAbhiyan #Day13 #Bahraich #Education #BalUtsav #GroundReport
- 📍 प्रदेश स्तरीय जनसंपर्क अभियान – Day 13 जनसंपर्क यात्रा का 13वां दिन सिर्फ एक पड़ाव नहीं, बल्कि उम्मीदों, मुस्कानों और सपनों से भरा एक खूबसूरत अनुभव बन गया… ❤️ रास्ते में जब पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय, बुबकापुर (1-8), शिक्षा क्षेत्र फखरपुर, जनपद बहराइच पहुंचा, तो वहां का नज़ारा किसी उत्सव से कम नहीं था। मानो छोटे-छोटे सपनों ने रंगमंच पर अपनी उड़ान भर ली हो… ✨ 🎪 मदर मेला – जहां मासूम हाथों ने अपने हुनर से नई दुनिया रच दी 🎭 थियेटर (रंगमंच) – जहां बच्चों की भावनाएं संवाद बनकर दिलों तक उतर गईं 🎉 प्रगति मेला (बाल उत्सव) – जहां हर मुस्कान में भविष्य की चमक दिखाई दी इन नन्हे कलाकारों की आंखों में चमक थी, हौसलों में उड़ान थी, और हर प्रस्तुति में एक संदेश— 👉 “अगर मौका मिले, तो गांव का हर बच्चा इतिहास लिख सकता है…” 👏 इस अद्भुत आयोजन के लिए विद्यालय परिवार, समर्पित शिक्षकगण और प्रतिभाशाली बच्चों को दिल से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। 🚩 हक की आवाज़ न्यूज़ चैनल का यह संकल्प और मजबूत हुआ है कि हर गांव, हर स्कूल और हर बच्चे की आवाज़ को मंच मिले… और शिक्षा, विकास व जनसमस्याओं से जुड़ी हर सच्चाई आप तक पहुंचे। ✨ क्योंकि असली बदलाव वहीं से शुरू होता है, जहां छोटे-छोटे सपनों को बड़ा बनने का मौका मिलता है… #JansamparkAbhiyan #Day13 #Bahraich #Education #BalUtsav #GroundReport1
- उचाना। हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी शहर से काफी दूर है। गेहूं के सीजन में यहां पर आने वाले मजदूरों, किसानों को खाना-खाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। कपास मंडी स्थित किसान सेवा केंद्र में चल रही अटल कैंटिन की तरह गेहूं के सीजन में अतिरिक्त मंडी में अटल कैंटिन शुरू करने की मांग विधायक से की थी। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को शुक्रवार को निर्देश दिए थे। विधायक के निर्देश के 24 घंटे के बाद अतिरिक्त मंडी में अटल कैंटिन शुरू हुई। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने इसका शुभारंभ किया। आढ़तियों, किसानों, मजदूरों ने विधायक का आभार प्रकट किया। अब खाना-खाने के लिए मंडी से दूर नहीं जाना पड़ेगा। सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि अंत्तोदय का सपना सरकार का है। कपास मंडी में स्थित किसान सेवा केंद्र में अटल कैंटिन चल रही है। गेहूं का सीजन चल रहा है। हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी में भी अटल कैंटिन विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के निर्देश पर शुरू की है ताकि यहां पर आने वाले किसान, मजदूर, आढ़ती खाना यहां खा सकें। यहां पर 10 रुपए में भरपेट खाना मिलता है। प्रवासी मजदूर, किसान, आढ़ती, आमजन यहां पर 10 रुपए में भरपेट भोजन कर सकता है। आढ़ती संदीप चौधरी ने कहा कि अटल कैंटिन की जो योजना सरकार की है वो सराहनीय है। 82 एकड़ में बनी अतिरिक्त मंडी में अटल कैंटिन गेहूं के सीजन में शुरू करके सराहनीय कार्य किया है। यहां पर गेहूं के सीजन में इसकी जरूरत थी। 10 रुपए में यहां कोई भी भरपेट खाना खा सकता है। प्रवासी मजदूर रमेश कुमार कैंटिन जो शुरू की है वो बहुत बढिय़ा है। खाना कैंटिन में बढिय़ा बनता है सरकार की ये योजना बढिय़ा है। कैंटिन खुलने के बाद सही हो गया है। गेहूं के सीजन में वो भूख मरते थे यहां खाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। हम दूसरे राज्य से काम के लिए आए है। यहां जो कैंटिन खुली है वो बहुत बढिय़ा हो गया है। इस मौके पर राजा बुडायन, हरिकेश, शीशपाल चहल मौजूद रहे।1
- Post by Mahendergarh live1
- महम से शमशेर खरकड़ा1
- जरूरी संदेश मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस वीडियो को जरुर देखें और अपने अंदर की ताकत को महसूस करें। आज हम इतिहास लिखेगें, तो कल हम एक उदाहरण बनेंगे। भिवानी लघु सचिवालय में स्थित डॉक्टर अंबेडकर प्रतिमा स्थल के 30 सालों के इतिहास में पहली बार हमारी सबसे युवा टीम कार्यक्रम आयोजित कर रही है और इसका विरोध आप देख भी रहे। लेकिन हमें हिम्मत और एकजुटता के साथ आगे बढ़ाना है। हम सभी को अंबेडकर जयंती पर पूरी ताकत लगानी है, हमें वह रोकना व गिराना चाहते हैं, लेकिन हमें एक संकल्प के साथ इतिहास रचना चाहते हैं, ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ी को एक मजबूत संदेश दे सकें। हम अभी तक हर मोर्चे पर जीते आये हैं अगर अंत में हम कमजोर पड़े तो पूरी टीम हारेगी। अब संख्या बल पर काम करना है टीम के हर सदस्य से अनुरोध है कि अपने करीबी लोगों को साथ लेकर आए और डा. अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को सफल बनाएं। 🙏🙏🙏 दिनेश नरवाना, अध्यक्ष डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, भिवानी1
- Post by Bhajan Lal1
- Post by FojiNews241
- गेहूं खरीद के नए नियमों को रदद करने की मांग को लेकर दिल्ली-पटियाला नेशनल हाइवे पर तारखा कोठी के पास हाइवे के बीचों-बीच बैठकर रोड को जाम किया। 11 बजे से शुरू हुआ ये सांकेतिक धरना 3 बजे तक चला। धरने के आस-पास पुलिस बल तैनात रहा। वाहनों को सफा खेड़ी, डूमरखा से डायवर्ड किय गया ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। रोड जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी नजर आई। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमों को किसान विरोध करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से तीन कृषि कानूनों को भाजपा सरकार किसान हितैषी बताती थी जो किसान के आंदोलन के चलते रदद हुए। ऐसे ही गेहूं खरीद के नियमों को भाजपा किसान हितैषी बता रही है जबकि ये नियम किसानों को परेशान करने वाले है। इन नियमों को सरकार रदद करें ताकि किसान पहले की तरह अपनी फसल मंडी बेच कर जल्दी खेत वापिस जा सकें। वीओ अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि गेहूं खरीद को लेकर सरकार के गलत फैसले को लेकर नेशनल हाइवे को जाम किया है। सरकार ने गेहूं की खरीद को लेकर कुछ शर्ते लगाई है। पहली शर्ते लगाई है कि ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट, ड्राइविंग लाइसेंस, खेत में जिसके नाम पंजीकरण है उस किसान का आना जरूरी है। किसान के फिंगर प्रिंट लगने के बाद उसका फोटो लोड किया जाएगा। इन नियमों के चलते किसान परेशानी हो रहा है। हरियाणा में ऐसा क्या हो गया कि ऐसी शर्त सरकार लेकर आई है। इन शर्तों को वापिस करवाने के लिए रोड जाम किया है। 14 घंटे गेट पास काटने के लिए समय तय किया था। जब विरोध हुआ तो उसको 24 घंटे किया गया। सरकार इन नियमों को बढिय़ा बता रही है लेकिन किस किसान से सरकार ने पूछा है। नियम किसान के लिए अच्छे होते तो हम क्यों सड़कों पर आते। कई दिनों से किसान मंडियों में परेशान है। पहले तीन कृषि कानूनों को भी किसान हितैषी सरकार बता रही थी। आने वाले दिनों में मंडियों में किसानों के साधनों की भीड़ होगी। किसान हित में ये नए नियम होते तो हम क्यों विरोध करते। सीमा बददोवाला ने कहा कि सड़क जाम कर किसानों ने सांकेतिक धरना दिया है। जो सरकार फसल खरीद के लिए नियम लेकर आई है उससे किसान परेशान है। गेहूं की फसल की ही किसान की बचत होती है। गेहूं खरीद को लेकर नए-नए नियम सरकार लेकर आई है। किसान नए नियमों से बहुत परेशान है। किसान अपनी फसल को खेत में कटवाए या मंडी में आकर अंगूठा लगाए। जब सरकार ने किसान से पंजीकरण ले लिया है उसमें पूरी जानकारी है। जो बायोमेट्रिक है वो फिर किस लिए है। नए गेहूं खरीद के कानूनों का विरोध कर रहे है। खाप, किसान संगठन धरना में शामिल हुए है। दाडऩ खाप पूर्व प्रधान सूरजभान घसो सरकार के जो नए नियम गेहूं की खरीद के है उनको लेकर विरोध किया है। जब पंजीकरण ले रहे है तो बायोमेट्रिक का नियम क्यों लागू किया है। जो गेटपास है वो भी पहले की तरह होना चाहिए। इंटरनेट बंद होने से परेशानी होती है। ट्रैक्टर के बाद ट्राली का नंबर भी लिखने की बात सामने आ रही है। जब गेहूं की कटाई चलती है तो ट्राली आपस में किसान एक-दूसरे से लेते है। जो पंजीकरण फसल का है उसके हिसाब से पहले की तरह खरीदा जाए।1