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बैतूल के पर्यटक स्थल कुकरू से तीन किलोमीटर दूर यह विशाल झरना कोतुहल बना हुआ है
Manohar agrval Agrawal
बैतूल के पर्यटक स्थल कुकरू से तीन किलोमीटर दूर यह विशाल झरना कोतुहल बना हुआ है
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- सदा प्रसन्न घाट के पास मिला 5 से 8 वर्षीय बच्चे का क्षत-विक्षत शव, मचा हड़कंप सदा प्रसन्न घाट के पास मिला 5 से 8 वर्षीय बच्चे का क्षत-विक्षत शव, मचा हड़कंप मुलताई। थाना अंतर्गत प्रभात पट्टन पुलिस चौकी क्षेत्र के सदा प्रसन्न घाट की दूसरी टर्निंग के पास मंगलवार को एक 5 से 8 वर्ष के बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव मिलने की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि बच्चे के शव को किसी नें गड्ढे में दफना दिया था, शव को कुत्तों द्वारा नोचा जा रहा था। मौके पर कुत्तों की भीड़ देखकर राहगीरों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रभात पट्टन पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश कुमरे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए प्रभात पट्टन अस्पताल पहुंचाया। बच्चा किसका है पुलिस कर रही पता पुलिस के अनुसार फिलहाल बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है, आसपास के गांवों एवं क्षेत्र में जानकारी जुटाई जा रही है ताकि बच्चे की पहचान हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को गड्ढे में किसने दफनाया था।1
- भंदारगोंदी के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिली आधुनिक सुविधाएं, प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर होगी पढ़ाई पांढुर्णा। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर जागरूकता की कमी कई बार इन सकारात्मक प्रयासों पर सवालिया निशान लगा देती है। ऐसा ही एक मामला पांढुर्णा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम भंदारगोंदी से सामने आया है, जहां शासन की ओर से सरकारी स्कूलों की कायापलट करने के लिए आधुनिक सुविधाओं का पिटारा खोल दिया गया है। अब यहां के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहाल जमीन या चटाई पर नहीं बैठेंगे, बल्कि उनके बैठने के लिए शासन द्वारा उच्च गुणवत्ता की अलग-अलग टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था भेजी गई है। बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में खेलकूद और मनोरंजन की बेहतरीन सामग्री भी पहुंचाई गई है। भेजी गई इस सामग्री में विशेष प्रकार के झूले, हाथी, घोड़े, घिसर पट्टी और अन्य आकर्षक खिलौने शामिल हैं, जिन्हें देखकर बच्चे काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यही है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी शहर के महंगे निजी स्कूलों की तरह आधुनिक माहौल मिल सके, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ पूरी तरह से आनंदित होकर अपना विकास कर सकें। सरकार हर वर्ग के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है और शिक्षा के अधिकार के तहत उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव संसाधन व सामग्री मुफ्त में मुहैया करा रही है। हालांकि, इन तमाम सुविधाओं के धरातल पर उतरने के बाद भी एक बड़ी विडंबना यह देखने को मिल रही है कि ग्राम भंदारगोंदी के ग्रामीण इस बात की गहराई को समझ नहीं पा रहे हैं। आज के समय में जब सरकारी स्कूलों में प्राइवेट संस्थानों से भी बेहतर और आधुनिक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, तब भी यहां के लोग अपने बच्चों का भविष्य संवारने के बजाय उन्हें भारी-भरकम फीस वसूलने वाले निजी विद्यालयों में भेज रहे हैं। ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने ही गांव में संचालित इन सरकारी स्कूलों की बेहतरी और उनकी सुध लेने की बजाय उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं, जिससे शासन के इन महत्वाकांक्षी प्रयासों का पूरा लाभ जरूरतमंद बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और ग्रामीणों के रहन-सहन पर गौर करें तो एक और गंभीर सवाल खड़ा होता है। जब भंदारगोंदी के ग्रामीण अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइवेट स्कूलों में हजारों रुपये की भारी-भरकम फीस आसानी से भर रहे हैं, तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि वे किसी साधारण या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से ताल्लुक नहीं रखते हैं। उनका जीवनयापन उच्च श्रेणी का है और वे किसी भी प्रकार से अमीर वर्ग की श्रेणी में आते हैं। इसके बावजूद यदि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं या कागजों में खुद को कमजोर दर्शा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। ऐसी स्थिति को देखते हुए अब यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में तुरंत संज्ञान ले। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे साधनसंपन्न परिवारों का विशेष सर्वे कर उन्हें चिन्हित करे, जो बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में आर्थिक रूप से कमजोर या गरीबी रेखा के दायरे में आते हैं। ऐसे लोगों को तुरंत गरीबी रेखा की श्रेणी से बाहर किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम हो सके। इसके साथ ही, इन संपन्न परिवारों के छंटने से जो अतिरिक्त राशि या संसाधन बचेंगे, उन्हें सीधे तौर पर इन ग्रामीण सरकारी स्कूलों के और अधिक विकास, रखरखाव और बच्चों की अन्य बुनियादी जरूरतों पर खर्च किया जाना चाहिए, तभी सही मायनों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकेगी।1
- नर्मदापुरम में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने 134 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई मामलों का मौके पर समाधान हुआ, वहीं कच्ची सड़क बनने से राहत मिलने पर एक आवेदक ने प्रशासन का विशेष आभार जताया। Hashtags #Narmadapuram #Jansunwai #CollectorNarmadapuram #MadhyaPradeshNews #LocalUpdates नर्मदापुरम में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने 134 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई मामलों का मौके पर समाधान हुआ, वहीं कच्ची सड़क बनने से राहत मिलने पर एक आवेदक ने प्रशासन का विशेष आभार जताया। Hashtags #Narmadapuram #Jansunwai #CollectorNarmadapuram #MadhyaPradeshNews #LocalUpdates1
- ग्राम मरकाढाना में राई नदी में डूबने से 4 वर्षीय मासूम की मौत, पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा ग्राम मरकाढाना में राई नदी में डूबने से 4 वर्षीय मासूम की मौत, पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा सोहागपुर थाना क्षेत्र के मरकाढाना गांव में राई नदी में डूबने से 4 वर्षीय मासूम अमित भलावी की मौत हो गई। घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मरकाढाना निवासी लक्ष्मण पिता नन्नू भलावी, उम्र 35 वर्ष, मजदूरी करने गया था। इसी दौरान उसके भतीजे विनोद ने फोन पर सूचना दी कि उसका 4 वर्षीय बेटा अमित राई नदी में डूब गया है। सूचना मिलने पर परिजन नदी के पास पहुंचे, जहां अमित नदी किनारे पड़ा मिला और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। परिजन तत्काल उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद अमित भलावी को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, अमित दोपहर करीब 3 बजे नदी के पास शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकला था। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।1
- जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ, श्रीमती मंजू कमल आर्य जी! ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और यूँ ही जन-सेवा करते रहने की असीमित ऊर्जा प्रदान करे। आपका यह बेबाक और जन-प्रिय अंदाज हमेशा बरकरार रहे! #ManjuKamalArya #ItarsiNews #WomenEmpowerment #HappyBirthday #Jansewa जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएँ, श्रीमती मंजू कमल आर्य जी! ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और यूँ ही जन-सेवा करते रहने की असीमित ऊर्जा प्रदान करे। आपका यह बेबाक और जन-प्रिय अंदाज हमेशा बरकरार रहे! #ManjuKamalArya #ItarsiNews #WomenEmpowerment #HappyBirthday #Jansewa1
- धार से आकर बैतूल में करते थे चोरी, दिन में रेकी और रात में सूने मकानों को बनाते थे निशाना सारणी पुलिस ने अंतर-जिला चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, तीन नकबजनी का खुलासा; एक आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार आरोपियों की तलाश जारी सारणी। सारणी पुलिस ने अंतर-जिला चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन नकबजनी की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को धार जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त वाहन, नगदी और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पूछताछ में गिरोह द्वारा बैतूल के अलावा मुलताई, छिंदवाड़ा और सिवनी जिले में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य धार जिले के टांडा क्षेत्र से 10 से 15 दिनों के लिए चोरी करने निकलते थे। दिन में घूमकर सूने मकानों की रेकी की जाती थी और रात में ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी मानसिंह उर्फ मान्या तथा आरोपी दिनेश की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पाथाखेड़ा में लगातार दो सूने मकानों में चोरी 03 अगस्त को संजय शर्मा निवासी सतपुड़ा कॉलोनी, पाथाखेड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 2 अगस्त की रात उनके सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात आरोपी घर में घुसा और सोने-चांदी के आभूषण सहित 35 हजार रुपये नगद चोरी कर ले गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 241/26 के तहत मामला दर्ज किया। इसी रात उसी क्षेत्र में दयालाल मेहरा के सूने मकान को भी चोरों ने निशाना बनाया। यहां से सोने-चांदी के आभूषण एवं 3 हजार रुपये नगद चोरी किए गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 242/26 दर्ज किया गया। इसके अलावा 9 अगस्त को रेस्क्यू कॉलोनी, पाथाखेड़ा निवासी राहुल धुर्वे के घर में भी चोरी हुई। आरोपी ताला तोड़कर घर में घुसा और अलमारी में रखे मंगलसूत्र, सोने के कान के टॉप्स तथा सोनाटा घड़ी सहित करीब 95 हजार रुपये का सामान चोरी कर ले गया। मामले में अपराध क्रमांक 249/26 दर्ज किया गया। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस तीनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में पुलिस ने घटनास्थलों की बारीकी से जांच की। सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी ने डॉग एस्कॉर्ट के साथ घटनास्थलों का निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस द्वारा विकसित विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर मनीष पिता ठाकुर सिंह वसूनिया, उम्र 23 वर्ष, निवासी धार को 10 अगस्त को धार जिले से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में छह सदस्यीय गिरोह का खुलासा पुलिस पूछताछ में मनीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने अपने साथियों के नाम दिनेश वसूनिया, मानसिंह उर्फ मान्या उर्फ मनु, सुरपसिंह मोहनिया, रेवसिंह मोहनिया और छगन वसूनिया बताए। सभी आरोपी धार जिले के रहने वाले बताए गए हैं। आरोपियों द्वारा वाहन क्रमांक MP-13-ZS-4936 से बैतूल जिले में आकर चोरी करने की बात सामने आई है। पूछताछ में बगडोना क्षेत्र के तीन सूने मकानों में चोरी के अलावा मुलताई क्षेत्र के खाटू श्याम मंदिर की दान पेटी, छिंदवाड़ा के तामिया थाना क्षेत्र और सिवनी जिले में भी चोरी की वारदातें करने की जानकारी मिली है। पुलिस इन घटनाओं के संबंध में भी जांच कर रही है। दिन में रेकी, रात में वारदात पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। आरोपी 10 से 15 दिनों के लिए अपने क्षेत्र से निकलते थे। दिन में अलग-अलग इलाकों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करते थे, जिन पर ताले लगे हों और जिनके मालिक या परिवार के सदस्य बाहर गए हुए हों। रात में चिन्हित मकानों के ताले तोड़कर चोरी की जाती थी। वारदात के दौरान सीसीटीवी कैमरों से बचने का प्रयास किया जाता था और चोरी के बाद आरोपी तत्काल क्षेत्र छोड़ देते थे। मुख्य आरोपी पर 10 हजार का इनाम पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सदस्य मानसिंह उर्फ मान्या उर्फ मनु है। उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जिसका रिकॉर्ड संबंधित जिलों से जुटाया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक बैतूल ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं फरार आरोपी दिनेश पिता शंकर वसूनिया की गिरफ्तारी पर भी 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार टांडा, धार जिले से जुड़ी इसी गैंग द्वारा 2017 में मुलताई में डकैती तथा 2021 में बड़वानी जिले में बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन मामलों के संबंध में भी पुलिस रिकॉर्ड जुटा रही है। एक आरोपी गिरफ्तार, पांच की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपी मनीष के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त वाहन MP-13-ZS-4936, 3 हजार रुपये नगद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी को 11 अगस्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। प्रकरण में फरार आरोपी दिनेश वसूनिया, मानसिंह उर्फ मान्या उर्फ मनु, सुरपसिंह मोहनिया, रेवसिंह मोहनिया और छगन वसूनिया की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार गिरोह का पर्दाफाश कर तीन चोरी की वारदातों का खुलासा करने और आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम को प्रोत्साहित करने के लिए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। कार्रवाई में थाना प्रभारी सारणी निरीक्षक जयपाल इनवाती, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक मनोज उईके, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक मोहित भाटी एवं रवि मोहन तथा साइबर सेल से राजेन्द्र धाडसे, बलराम राजपूत और सचिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की नागरिकों से अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर को कुछ समय के लिए भी सूना छोड़ते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें। मुख्य दरवाजे सहित अन्य प्रवेश द्वारों पर मजबूत ताले लगाएं, विश्वसनीय पड़ोसियों को घर की जानकारी दें और संभव हो तो सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करें। लंबे समय के लिए बाहर जाते समय घर के सूने होने की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें।4