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Kelash Ninama
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- आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।1
- Post by Bapulal Ahari1
- *कुशलगढ़ में हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा: नगर हुआ भक्तिमय उमंग और उत्साह से माईई राम भक्त हनुमान जी की जयंती राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़: में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा दशामाता मंदिर से शुरू होकर बावलियां खाल हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई।शोभायात्रा नईआबादी, पुलिस चौकी, गणपति मंदिर, नीलकंठ महादेव, गादिया गली, रतलाम रोड, गांधी चौक, नहेरूमार्ग से गुजरी। पूरे नगर में 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के उद्घोष गूंज उठे। नगर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को केसरिया ध्वजों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। यात्रा में भगवान राम मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय महारुद्र व्यायामशाला कुशलगढ़ अखाड़ों के युवाओं ने अपनी लाठी-काठी और साहसिक करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए और भजनों की धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह नगर वासियों और व्यापार मंडलों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शोभायात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। शोभायात्रा के समापन पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तजन मौजूद थे।4
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के खड़गदा गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। क्षेत्रपाल खड़गदा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस विशेष आयोजन में जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार रोत ने अपनी टीम के साथ मिलकर आदिवासी परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अशोक कुमार रोत, जो डूंगर सारण क्षेत्र के निवासी हैं, लंबे समय से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई टीम विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाज, पहनावा और लोक कला को प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर खड़गदा में प्रस्तुत यह सांस्कृतिक झलक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखना कितना महत्वपूर्ण है। इस दौरान अशोक कुमार रोत से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उसे जीवित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी पहचान से जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, खड़गदा में हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा, जहां धार्मिक उत्साह के साथ-साथ आदिवासी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति ने हर किसी को प्रभावित किया।1
- सालमगढ़ हनुमान जन्मोत्सव पर बडे धुमधाम से नगर मे निकाली शोभायात्रा सालमगढ़ सदर बाजार स्थित श्रीहनुमान मंदिर पर ग्रामीणों द्वारा हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर मंदिर पर सुबह से विधि विधान से हवन पूजन किया गया उसके बाद बडी संख्या में गांव कि माताओं बहनों व पुरुषों के द्वारा लाल मंदिर से बैंड बाजे व डोल के साथ शोभायात्रा को प्रारंभ किया जो सदर बाजार से पिपलीचोक , नया बस स्टैंड ,घंटाली रोड ,गांछा घाटी , हरिजन बस्ती ,हाटबाजार ,निमचोक , रावले ,मालियों कि गली चोहान मोहल्ला ,चारभुजानाथ मंदिर दलोट रोड होते हुए फिर हनुमान मंदिर पर पहुंची रास्ते में ग्रामीणों द्वारा सभी भक्तों को पानी ,शरबत छाछ ,केले ठंठा आदि वितरण किया व शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया उसके साथ सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया व हनुमान जी महाराज की महाआरती का आयोजन किया उसके बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया1
- गांव सालमगढ में हनुमान जयंती पर समस्त महिला -पुरुष व ग्रामवासी द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया। साथ ही महाप्रसादी का वितरण किया गया ।1
- लखपति दीदियों को दिया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण एवं टेबलेट किये वितरित सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य मे कार्यक्रम हुआ आयोजित लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण कार्यक्रम का आयोजन सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। राजीविका महिला समूह से सागवाड़ा ब्लॉक् की 10 लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के द्वारा किया गया । कार्यक्रम में भोपाल सिंह, चन्दन सिंह ब्लॉक विकास अधिकारी हीराराम मौजूद रहें। इस अवसर पर राजीविका महिला समूह से जुडी सागवाड़ा ब्लॉक की लखपति दीदी व सुरक्षा सखियों के लिए ब्लॉक स्तरीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में किया गया। हैड कांस्टेबल स्नेहलता एवं फ्मीनाक्षी ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के आत्मरक्षा कौशल व कर्तव्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया। संचालन जिला प्रबंधक पकंज दवे ने किया।1
- Post by Bapulal Ahari1