कुमारखंड प्रखंड की सभी 21 पंचायतों में रविवार को पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित होकर ग्राम पंचायत से संबंधित अपने विकास और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और विचार साझा किए। उपस्थित अधिकारियों, पंचायत के मुखिया और पंचायत सेवकों ने पंचायत वासियों को उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत विकास दिवस का मुख्य विषय ग्राम पंचायत के महिला हितैषी कार्यों को आगे बढ़ाना और गांव के विकास के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करना रहा, जिस पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने नशा मुक्ति का संकल्प भी लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने की, जिनमें कुमारखंड से राजीव कुमार, बेलारी से डॉ. विश्वबंधु बादल, इसराइन बेला से राम अवतार ठाकुर, परमानंदपुर से रंभा देवी, लक्ष्मीपुर भगवती से गुंजन देवी, बैसाढ़ से अनिता देवी और रहटा से रमेश कुमार रमण सहित अन्य पंचायतों के मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान गांव से गरीबी दूर करने, बाल कल्याण के उपाय, स्वस्थ पंचायत, हरित पंचायत, जल संचयन, आत्मनिर्भर पंचायत और सुशासन के साथ नशा मुक्त पंचायत बनाने जैसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। बेलारी पंचायत के मुखिया डॉ. विश्वबंधु बादल ने बताया कि सभी पंचायत वासी एक साथ बैठकर अपने पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं और भविष्य की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं, जिससे सही विकास संभव होगा। बीपीआरओ मनीषा कुमारी ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, समिति सदस्य, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी के सचिव, आशा सहित पंचायत के महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे।
कुमारखंड प्रखंड की सभी 21 पंचायतों में रविवार को पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित होकर ग्राम पंचायत से संबंधित अपने विकास और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और विचार साझा किए। उपस्थित अधिकारियों, पंचायत के मुखिया और पंचायत सेवकों ने पंचायत वासियों को उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत विकास दिवस का मुख्य विषय ग्राम पंचायत के महिला हितैषी कार्यों को आगे बढ़ाना और गांव के विकास के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करना रहा, जिस पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने नशा मुक्ति का संकल्प भी लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने की, जिनमें कुमारखंड से राजीव कुमार, बेलारी से डॉ. विश्वबंधु बादल, इसराइन बेला से राम अवतार ठाकुर, परमानंदपुर से रंभा देवी, लक्ष्मीपुर भगवती से गुंजन देवी, बैसाढ़ से अनिता देवी और रहटा से रमेश कुमार रमण सहित अन्य पंचायतों के मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान गांव से गरीबी दूर करने, बाल कल्याण के उपाय, स्वस्थ पंचायत, हरित पंचायत, जल संचयन, आत्मनिर्भर पंचायत और सुशासन के साथ नशा मुक्त पंचायत बनाने जैसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। बेलारी पंचायत के मुखिया डॉ. विश्वबंधु बादल ने बताया कि सभी पंचायत वासी एक साथ बैठकर अपने पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं और भविष्य की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं, जिससे सही विकास संभव होगा। बीपीआरओ मनीषा कुमारी ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, समिति सदस्य, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी के सचिव, आशा सहित पंचायत के महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे।
- कुमारखंड प्रखंड की सभी 21 पंचायतों में रविवार को पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित होकर ग्राम पंचायत से संबंधित अपने विकास और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और विचार साझा किए। उपस्थित अधिकारियों, पंचायत के मुखिया और पंचायत सेवकों ने पंचायत वासियों को उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत विकास दिवस का मुख्य विषय ग्राम पंचायत के महिला हितैषी कार्यों को आगे बढ़ाना और गांव के विकास के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करना रहा, जिस पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने नशा मुक्ति का संकल्प भी लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने की, जिनमें कुमारखंड से राजीव कुमार, बेलारी से डॉ. विश्वबंधु बादल, इसराइन बेला से राम अवतार ठाकुर, परमानंदपुर से रंभा देवी, लक्ष्मीपुर भगवती से गुंजन देवी, बैसाढ़ से अनिता देवी और रहटा से रमेश कुमार रमण सहित अन्य पंचायतों के मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान गांव से गरीबी दूर करने, बाल कल्याण के उपाय, स्वस्थ पंचायत, हरित पंचायत, जल संचयन, आत्मनिर्भर पंचायत और सुशासन के साथ नशा मुक्त पंचायत बनाने जैसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। बेलारी पंचायत के मुखिया डॉ. विश्वबंधु बादल ने बताया कि सभी पंचायत वासी एक साथ बैठकर अपने पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं और भविष्य की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं, जिससे सही विकास संभव होगा। बीपीआरओ मनीषा कुमारी ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, समिति सदस्य, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी के सचिव, आशा सहित पंचायत के महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे।1
- जीतपुर में होने वाले 2026 के मुहर्रम मेले से संबंधित एक वीडियो को लेकर दर्शकों से प्रतिक्रिया मांगी गई है। पोस्ट में यह जानने की उत्सुकता व्यक्त की गई है कि यह वीडियो कहाँ तक पहुँचा है और इसे देखने वाले दर्शक किस जगह से हैं।1
- बिहार के कई इलाकों में आज तेज़ आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन संभावित मौसमी घटनाओं के मद्देनज़र लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।1
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशे के पैटर्न में बदलाव देखा जा रहा है, जहाँ अब नशीले इंजेक्शनों का प्रचलन बढ़ रहा है। इसी बीच, सुपौल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 2,115 वायल, यानी कुल 4,230 ML नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष कुमार मुखिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस नशीले नेटवर्क का संचालन कब से हो रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं, इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब के लिए पूरी जानकारी एक वीडियो में उपलब्ध होने की बात कही गई है। पाठकों से आग्रह किया गया है कि वे इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी वीडियो में देखें, अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें और इसे अधिक से अधिक साझा करें।1
- पंचायतों को विकास की धुरी बनाने और ग्रामीण भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मधेपुरा जिले के सभी प्रखंडों की पंचायतों में 'पंचायत विकास दिवस' पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में पंचायत भवनों में जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, जहाँ ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और पंचायत की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। मुरलीगंज प्रखंड के गंगापुर पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया प्रियंका कुमारी ने की, जिसमें वार्ड सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, जीविका समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनकी सहभागिता बढ़ाना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री के 'मन की बात' के सामूहिक श्रवण से हुई, जिसके बाद मुखिया प्रियंका कुमारी ने कहा कि गांवों का समग्र विकास तभी संभव है जब पंचायत, प्रशासन और आम जनता मिलकर योजनाओं को जमीन पर उतारें। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और पंचायत की बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की। इस दौरान स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने विकास से जुड़े अपने सुझाव और समस्याएं रखीं, जिन पर जनप्रतिनिधियों ने समाधान का आश्वासन दिया। जीविका दीदियों ने विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने इस दिन को केवल औपचारिक आयोजन न मानते हुए, इसे गांवों के विकास की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। गंगापुर पंचायत के कार्यक्रम में सरपंच रविंद्र दास, उप सरपंच रामानंद यादव, वार्ड सदस्य ऋषि देव, राजकुमार ठाकुर, कामेश्वर यादव, श्यामल पासवान, सुनील मंडल, चंदेश्वरी यादव, राजकुमार, हरे राम कुमार, राजेश रोशन पंडित, शशि कला, तेजमती कुमारी, रूबी कुमारी, खुशबू कुमारी, अनिता देवी, तौफीक आलम, मनु कुमारी, ग्राम कचहरी सचिव सरिता कुमारी, प्रमिला कुमारी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। जिले के अन्य प्रखंडों की पंचायतों में भी इसी तरह विकास योजनाओं की समीक्षा, जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर बल दिया गया। प्रशासन का मानना है कि पंचायतों को सशक्त बनाकर ही ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। इस आयोजन ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का एक सकारात्मक मंच उपलब्ध कराया है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।4
- स्थानीय प्रशासन ने रविवार को सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग को जाम से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण मुक्त करवाया। इस कदम से लोगों को आवागमन में सुविधा होने की उम्मीद है। इस संबंध में, एनएचएआई विभाग के जेई नीलकंठ प्रसाद सिंह ने बताया कि इस सड़क मार्ग को बैजनाथपुर-सहरसा मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना समेत अन्य शहरों से प्रतिदिन सैकड़ों व्यावसायिक और निजी वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिसके कारण सड़क का चौड़ीकरण आवश्यक है। यह भी बताया जा रहा है कि सड़क के दोनों ओर 17-17 फुट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। दूसरी ओर, अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर कई दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन केवल सड़क मार्ग के एक तरफ से ही अतिक्रमण हटा रहा है, जबकि दूसरी तरफ अभी भी कई दुकानें सड़क के किनारे लगी हुई हैं।1
- बिहार के सुपौल जिले के दगमारा प्रखंड के मजदूरों ने बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर अपनी व्यथा व्यक्त की है। उनका आरोप है कि प्रखंड में किसी भी प्रकार की उचित सुविधा नहीं है, जिससे उनके जीवन में घोर परेशानियाँ हैं। मजदूरों ने विशेष तौर पर बिजली की अनुपस्थिति का उल्लेख किया है, जिसके कारण उन्हें अंधेरे में जीवन गुज़ारना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, बाढ़ का पानी भी उन्हें लगातार परेशान करता रहता है। अपनी इन समस्याओं के समाधान के लिए, उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएँ मुहैया कराने की अपील की है और सरकार से उन पर कृपा करने का आग्रह किया है।4
- मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड क्षेत्र में रविवार से पाँच दिवसीय विशेष पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान का विधिवत शुभारंभ हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और डॉ. रीता कुमारी ने एक नवजात बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत प्रखंड के लगभग 47 हजार घरों में 47,212 लक्षित बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीएचएम कुमार धनंजय ने बताया कि यह पाँच दिवसीय पोलियो उन्मूलन अभियान 28 जून से 2 जुलाई तक चलेगा। बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए 131 घर-घर दल, 22 ट्रांजिट टीम, आठ सब डिपो और 47 सुपरवाइजर की टीम गठित की गई है। उन्होंने सभी पोलियो कर्मियों को पूरी मुस्तैदी से काम करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एक भी बच्चा दवा पीने से छूटे नहीं। टीकाकरण दल को घुमंतू समुदाय के बच्चों और ईंट भट्टों पर रहने वाले मजदूरों के बच्चों को प्रतिरक्षित करने पर विशेष जोर देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस अवसर पर बीसीएम उपेंद्र कुमार अमर, एएनएम कंचन कुमारी, सरिता कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।1