नागौर जिले के लुगिया से रियान बड़ी तक बिछी पेयजल पाइपलाइन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है। जलदाय विभाग द्वारा समय पर मरम्मत न कराए जाने से नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों और मोहल्लों में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे लोग परेशान हैं। प्रभावित मोहल्लों के निवासियों ने बताया कि इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर तीन महीने से भी अधिक समय पहले तत्कालीन उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के बदलने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद, जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी कई बार ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति शुरू करने और पाइपलाइन को दुरुस्त करने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच पाया है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब रोजाना इतनी बड़ी मात्रा में पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में बहकर बर्बाद हो रहा है, तो जिन इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो रही, वहां तक पानी क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में बनी सड़क के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी मरम्मत के लिए अब नई सड़क को दोबारा तोड़ना पड़ेगा। कुछ दिन पहले एक स्थान पर पाइपलाइन की मरम्मत के बाद सड़क को ठीक से समतल नहीं किया गया था, जिसके कारण वह हिस्सा आज भी सड़क के स्तर से नीचे है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागौर जिले के लुगिया से रियान बड़ी तक बिछी पेयजल पाइपलाइन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है। जलदाय विभाग द्वारा समय पर मरम्मत न कराए जाने से नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों और मोहल्लों में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे लोग परेशान हैं। प्रभावित मोहल्लों के निवासियों ने बताया कि इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर तीन महीने से भी अधिक समय पहले तत्कालीन उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के बदलने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद, जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी कई बार ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति शुरू करने और पाइपलाइन को दुरुस्त करने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच पाया है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब रोजाना इतनी बड़ी मात्रा में पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में बहकर बर्बाद हो रहा है, तो जिन इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो रही, वहां तक पानी क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में बनी सड़क के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी मरम्मत के लिए अब नई सड़क को दोबारा तोड़ना पड़ेगा। कुछ दिन पहले एक स्थान पर पाइपलाइन की मरम्मत के बाद सड़क को ठीक से समतल नहीं किया गया था, जिसके कारण वह हिस्सा आज भी सड़क के स्तर से नीचे है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- ग्राम लाडपुरा में रविवार को बायां सा महाराज के धाम पर भोपी जी की प्रतिमा विधिवत स्थापित की गई, जिसके उपलक्ष्य में एक भव्य प्रतिमा स्थापना महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुए एक विशेष हवन और पूजा-अर्चना से हुई। विद्वान आचार्यों की देखरेख में यजमानों ने पूर्ण विधि-विधान से हवन में आहुतियां अर्पित कीं। हवन के सफलतापूर्वक संपन्न होने के पश्चात, शुभ मुहूर्त में बायां सा महाराज के भोपी जी की प्रतिमा की स्थापना की गई। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रतिमा स्थापना के बाद, महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीण और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आरती के उपरांत, सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, और इस पूरे आयोजन में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं तथा बच्चों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में गांव के अनेक लोगों का विशेष सहयोग रहा। इनमें भोपा जी रीटा, शेरू जी बवाल, मुकेश रीटा, राकेश रीटा, रमेश रीटा, सुरेन्द्र सैन, दिनेश चौधरी, शेरू जी डेवाल, भरत कुमावत, सोनू बांगड़ा, लोकेश गढ़वाल, मौनू जांगीड़, अंकित जाट, राहुल कुमावत, कैलाश कुमावत, राजू जांगीड़, मन्शाराम गढ़वाल और समस्त ग्रामवासी शामिल थे, जिन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से योगदान दिया। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजन गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं। आयोजन के सफल समापन पर, उपस्थित श्रद्धालुओं ने बायां सा महाराज के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।1
- थांवला के नजदीकी ग्राम किल्ला में पिछले चार-पांच दिनों से पैंथर के पदचिन्ह मिलने के कारण ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब पांच दिनों से किल्ला में पहाड़ी की तलहटी के आसपास पैंथर के पदचिन्ह देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन पांच दिनों में पैंथर ने गाय, भैंस, बकरियों और भेड़ों जैसे कई मवेशियों पर हमला किया है, जिससे उनकी मौत हो गई है। गाँव में बिना चारदीवारी के कच्चे मकान और मवेशियों के बाड़े हैं, जहां रात्रि के समय पैंथर द्वारा कभी भी हमला किए जाने का खतरा बना रहता है। इससे बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के जान-माल को भी खतरा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में लगातार कई बार पैंथर की आवाजाही देखी गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग थांवला की वनपाल यशोदा चौधरी ने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनके बताए स्थान पर तुरंत एक पिंजरा लगा दिया। वनपाल ने पैंथर के पदचिन्हों का निरीक्षण करने के बाद ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी भी दी।4
- भीलवाड़ा में कांग्रेस ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर एक छात्र जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में छात्रों और आम लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान, नाट्य मंचन के माध्यम से महंगी शिक्षा, निजीकरण, मानसिक तनाव, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा की बढ़ती लागत और बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।1
- मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस के दौरान 'दर्द से राहत' के नाम पर लोगों में कथित तौर पर कैप्सूल बांट रहे फैयाज़ प्रेमजी नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से कुल 14,900 कैप्सूल बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि इन कैप्सूल में चूहों को मारने में इस्तेमाल होने वाला ज़हरीला पदार्थ जिंक फॉस्फाइड हो सकता है। फिलहाल बरामद कैप्सूलों की लैब जांच जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- नागौर जिले के लुगिया से रियान बड़ी तक बिछी पेयजल पाइपलाइन कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है। जलदाय विभाग द्वारा समय पर मरम्मत न कराए जाने से नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों और मोहल्लों में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे लोग परेशान हैं। प्रभावित मोहल्लों के निवासियों ने बताया कि इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर तीन महीने से भी अधिक समय पहले तत्कालीन उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के बदलने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद, जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी कई बार ज्ञापन सौंपकर जलापूर्ति शुरू करने और पाइपलाइन को दुरुस्त करने की मांग की गई, लेकिन आज तक कई मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच पाया है। स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब रोजाना इतनी बड़ी मात्रा में पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में बहकर बर्बाद हो रहा है, तो जिन इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो रही, वहां तक पानी क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, करोड़ों रुपये की लागत से हाल ही में बनी सड़क के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी मरम्मत के लिए अब नई सड़क को दोबारा तोड़ना पड़ेगा। कुछ दिन पहले एक स्थान पर पाइपलाइन की मरम्मत के बाद सड़क को ठीक से समतल नहीं किया गया था, जिसके कारण वह हिस्सा आज भी सड़क के स्तर से नीचे है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बीड़ में एक निजी विद्यालय की छात्रा का एक्सीडेंट हो गया। यह घटना तब हुई जब छात्रा सड़क पार कर रही थी और उसकी मोटरसाइकिल रास्ते में खड़ी एक स्कूल बस से टकरा गई।1