गुना में बेतहाशा बिजली कटौती से परेशान जनता की आवाज बनकर, गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शनिवार को सैकड़ों लोगों के साथ बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे विधायक ने महाप्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई, और उनसे अधीनस्थ कर्मचारियों के कामकाज को कसने को कहा, क्योंकि जनता बिजली संकट से बेहाल है। विधायक शाक्य ने आंधी-तूफान को बिजली कटौती का बहाना मानने से इनकार करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल खंभे पर चढ़ने और नाली में उतरने से बिजली नहीं आएगी, बल्कि काम की जरूरत है, दिखावे की नहीं। शाक्य ने ऐसे मंत्रियों को 'नाकारा' करार देते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें हटाने की मांग करने की बात कही। उनका गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को भी आड़े हाथों लिया और एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि वे जनता के वोट से जीते हैं, किसी की कृपा से नहीं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी उन्होंने इशारों-इशारों में निशाना साधा। जब अधिकारियों ने बताया कि ग्वालियर में भी यही स्थिति है, तो विधायक बिफर पड़े और स्पष्ट किया कि उन्हें केवल गुना की चिंता है, क्योंकि किसान फसल के लिए तरस रहे हैं, और ग्वालियर भले ही किसी की राजधानी हो। विधायक ने चेतावनी दी कि बिजली के कुप्रबंधन से सरकार की बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो वे यह बात मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
गुना में बेतहाशा बिजली कटौती से परेशान जनता की आवाज बनकर, गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शनिवार को सैकड़ों लोगों के साथ बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे विधायक ने महाप्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई, और उनसे अधीनस्थ कर्मचारियों के कामकाज को कसने को कहा, क्योंकि जनता बिजली संकट से बेहाल है। विधायक शाक्य ने आंधी-तूफान को बिजली कटौती का बहाना मानने से इनकार करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल खंभे पर चढ़ने और नाली में उतरने से बिजली नहीं आएगी, बल्कि काम की जरूरत है, दिखावे की नहीं। शाक्य ने ऐसे मंत्रियों को 'नाकारा' करार देते हुए मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें हटाने की मांग करने की बात कही। उनका गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को भी आड़े हाथों लिया और एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि वे जनता के वोट से जीते हैं, किसी की कृपा से नहीं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी उन्होंने इशारों-इशारों में निशाना साधा। जब अधिकारियों ने बताया कि ग्वालियर में भी यही स्थिति है, तो विधायक बिफर पड़े और स्पष्ट किया कि उन्हें केवल गुना की चिंता है, क्योंकि किसान फसल के लिए तरस रहे हैं, और ग्वालियर भले ही किसी की राजधानी हो। विधायक ने चेतावनी दी कि बिजली के कुप्रबंधन से सरकार की बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो वे यह बात मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
- मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन द्वारा मुंगावली, अशोकनगर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया गया है। यह प्रचार 10 जून को आयोजित होने वाली विशाल कलेक्ट मार्च रैली के संबंध में किया गया है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत फिश आसन की व्यवस्था की जा रही है।1
- बारां में 30 मई 2026 को उपवन संरक्षक के निर्देशों के पालन में वन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। क्षेत्रीय वन अधिकारी हेमेन्द्र शाक्यवाल के पर्यवेक्षण में सरकारी वाहन बोलेरो RJ 28 UA 1556 से इलाका ग्रस्त करते हुए चिंगारी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। यह कार्रवाई 29 मई 2026 को हुई एक घटना के बाद सामने आई है। कल रेंज छीपाबड़ौद से अवैध खनन, अवैध कटान और अवैध तेंदूपत्ता तोड़ाई की रोकथाम के लिए एक गश्ती दल भेजा गया था। इसी दौरान पीपलहेड़ा गांव में अवैध खननकर्ताओं और ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ी में तोड़फोड़ की और स्टाफ के साथ मारपीट भी की थी। आज की कार्रवाई में भी छीपाबड़ौद गश्ती दल का स्टाफ शामिल रहा, जिसने अवैध खनन के विरुद्ध पुनः एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया।3
- क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते कई मकानों के टीनशेड उड़ गए हैं, वहीं अनेक पेड़ भी धराशायी हो गए। खिरिया, चन्दनहेड़ा और खिरिया कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में तो विद्युत पोल गिरने से पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आंधी के साथ हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बिगड़े हालात को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- राजगढ़ जिले के केलखेड़ा में एक स्कूल के सामने की गली कई सालों से खराब पड़ी है, जिसमें लगातार पानी भरा रहता है। इस कारण बच्चों सहित राहगीरों को चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत से शिकायत की है और कई सुनवाईयां भी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद पंचायत द्वारा गली की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत पर नियमों का पालन न करने और उनकी सुनवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- बारां जिले के छिपाबड़ौद में एक दुकान पर भस्त्रिका प्राणायाम किया गया।1
- बारां के रुडसेट संस्थान में आयोजित एक माह का रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग का निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि रुडसेट संस्थान के निदेशक देवेंद्र कुमार मीणा रहे, जिन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। संस्थान के निदेशक देवेंद्र मीणा ने बताया कि यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए निशुल्क आयोजित किया गया था, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी निशुल्क उपलब्ध कराई गई। इस प्रशिक्षण में बारां और कोटा जिले के कुल 27 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान केवल रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग की तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों को बैंक, बीमा और सफल उद्यमी बनने के गुण जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई, जिससे उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में आसानी हो सके। पाठ्यक्रम समन्वयक दीपक शर्मा ने प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण का पूर्ण उपयोग कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षक सत्यनारायण नागर ने एक महीने तक सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया और उन्हें जल्द ही स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षणार्थियों ने रुडसेट संस्थान के सभी स्टाफ का स्वागत-सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।4
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, 31 मई को ग्राम कुजाय में विकास संवाद समिति के सहयोग से एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला समूहों, किशोर-किशोरियों, ग्रामीणों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। समिति के कार्यकर्ताओं ने उपस्थित लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था, जिसके तहत तंबाकू छोड़ने के विभिन्न उपायों पर भी गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से अपने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने और इस पहल के बारे में दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।1
- अशोकनगर जिले में शुक्रवार रात तेज आंधी ने जमकर कहर बरपाया, जिससे पूरे जिले में कोहराम मच गया। इस भीषण आंधी के कारण जहां पिपरई में एक ऑटो पलट गया और उसमें सवार एक ही परिवार के आठ लोग घायल हो गए, वहीं शहर की त्रिलोकपुरी कॉलोनी में एक 55 वर्षीय बुजुर्ग अपनी चारपाई समेत छत से नीचे आ गिरा। इसके अतिरिक्त, बहादुरपुर तहसील के ग्राम गोरा सहित जिले के कई स्थानों पर तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुँचाया, जिसमें कई घरों के छप्पर उड़ गए और ग्रामीण वासियों को काफी क्षति हुई। जानकारी के अनुसार, पिपरई में यह दुर्घटना तब हुई जब शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक परिवार मीना बाजार से अपने गांव मूड़रा कला लौट रहा था। ऑटो में कुल 11 लोग सवार थे। पिपरई से निकलते ही पेट्रोल पंप के पास अचानक तेज आंधी चलने लगी, जिससे बचने के लिए चालक ने ऑटो को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। हालांकि, हवा का वेग इतना तेज़ था कि खड़ा ऑटो पलट गया। इस हादसे में दो बच्चों सहित कुल आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें 11 वर्षीय गौरव (पिता दिनेश) और उसके छोटे भाई 9 वर्षीय रितेश को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। इनके अलावा 26 वर्षीय रचना (पति भरत अहिरवार), 60 वर्षीय अलफो (पति श्याम लाल अहिरवार), 50 वर्षीय रामकली (पति समलिया), 25 वर्षीय मनीषा (पति राजपाल अहिरवार), 26 वर्षीय ऑटो चालक राजपाल (पिता समलिया) और 29 वर्षीय भरत (पिता समलिया) भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। इसी रात, आंधी-तूफान के कारण शहर की त्रिलोकपुरी कॉलोनी में भी एक अलग हादसा हुआ। यहां 55 वर्षीय रमेश (पिता मोवत सिंह सेन) शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे अपने घर की छत पर सो रहे थे। तभी अचानक आई तेज आंधी से उनकी खाट पलट गई और वे खाट के साथ ही सीधे छत से नीचे गिर गए। रमेश के चीखने की आवाज सुनकर परिवार के लोग तुरंत बाहर दौड़े और उन्हें नीचे घायल अवस्था में पाया, उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।3