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क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते कई मकानों के टीनशेड उड़ गए हैं, वहीं अनेक पेड़ भी धराशायी हो गए। खिरिया, चन्दनहेड़ा और खिरिया कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में तो विद्युत पोल गिरने से पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आंधी के साथ हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बिगड़े हालात को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
हर्षित भार्गव
क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते कई मकानों के टीनशेड उड़ गए हैं, वहीं अनेक पेड़ भी धराशायी हो गए। खिरिया, चन्दनहेड़ा और खिरिया कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में तो विद्युत पोल गिरने से पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आंधी के साथ हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बिगड़े हालात को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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- क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रविवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते कई मकानों के टीनशेड उड़ गए हैं, वहीं अनेक पेड़ भी धराशायी हो गए। खिरिया, चन्दनहेड़ा और खिरिया कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में तो विद्युत पोल गिरने से पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, आंधी के साथ हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बिगड़े हालात को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
- ग्राम पंचायत कलमी ककरधा के कलमी गाँव में ग्रामीण लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते, उन्हें कुएँ का गंदा पानी पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन अभी तक इस ज्वलंत समस्या पर पूर्ण तरीके से ध्यान नहीं दे पाया है। प्रशासन की इस नाकामी के कारण ही ग्राम के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।1
- नरवर नगर परिषद की राजनीति में सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद पति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नगर परिषद अध्यक्ष के पति द्वारा लगाए गए आरोपों और बयानों का खुलकर जवाब दिया है। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से बीच चौराहे पर आकर किसी भी मुद्दे पर खुली बहस करने का निमंत्रण अध्यक्ष पति को दिया। पार्षद पति ने इस बात पर जोर दिया कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर खुली और पारदर्शी बहस होनी चाहिए, जिससे नगरवासियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने नगर परिषद पर विभिन्न कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। पार्षद पति ने स्पष्ट किया कि वे हर सवाल का जवाब देने और किसी भी मंच पर तथ्यात्मक चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बयान के बाद नगर परिषद की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ता यह विवाद आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक गर्माहट पैदा कर सकता है। फिलहाल, अध्यक्ष पति की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और नगरवासी अब इस विवाद के अगले मोड़ पर नजरें गड़ाए हुए हैं।1
- गुना जिले में व्याप्त गंभीर बिजली संकट को लेकर गुना के विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री पर कड़ा प्रहार किया है। विधायक शाक्य ने तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच जनता लगातार बिजली कटौती से जूझ रही है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार मंत्री पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे मंत्रियों को "नकारा" करार देते हुए कहा कि यदि वे जनता की मूलभूत समस्याओं का हल नहीं कर सकते, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। विधायक शाक्य ने आरोप लगाया कि गुना जिले में बिजली व्यवस्था लगातार चरमरा रही है, जिसके कारण आम नागरिकों, किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री पर भी उपेक्षा बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं। विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश सरकार से तत्काल मांग की है कि वह बिजली संकट को गंभीरता से ले, प्रभावी कदम उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे। विधायक के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में तेज हलचल देखी जा रही है, और बिजली कटौती से परेशान लोगों के बीच भी यह मुद्दा गरमागरम चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का एक सकारात्मक परिणाम ग्राम सुनारी में देखने को मिला, जहाँ वर्षों से बंद पड़े एक शासकीय रास्ते को प्रशासनिक पहल पर खुलवा दिया गया है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की इस कार्रवाई को क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। ग्राम सुनारी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पेन्द्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष इस बंद रास्ते को खुलवाने की मांग रखी थी। शिकायत में बताया गया था कि शासकीय मार्ग पर कब्जे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामला संज्ञान में आते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर महोदय के निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व अमले ने सीमांकन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शासकीय रास्ते से अवरोध हटवाया। इसके उपरांत, जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते को व्यवस्थित रूप से तैयार कराया गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा पुनः मिल सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लंबे समय से विवाद और कब्जे के कारण बंद था, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पहले कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया था। अब प्रशासन की तत्परता और तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की सक्रिय कार्यशैली से ही वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान संभव हो सका है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासन निष्पक्षता और दृढ़ता से काम करता है, तो आम जनता को न्याय मिलता है। लोगों का मानना है कि शासकीय भूमि और सार्वजनिक मार्गों की सुरक्षा प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसका सफल निर्वहन इस कार्रवाई के माध्यम से देखने को मिला है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में ऐसी ही त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी। यह कार्रवाई न केवल एक रास्ता खुलवाने तक सीमित है, बल्कि यह प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान का भी एक उदाहरण बनकर सामने आई है।1
- जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज ने सभी अनुयायियों और भक्तों से नाम दान लेकर सद्भक्ति करने का आह्वान किया है।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, 31 मई को ग्राम कुजाय में विकास संवाद समिति के सहयोग से एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला समूहों, किशोर-किशोरियों, ग्रामीणों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। समिति के कार्यकर्ताओं ने उपस्थित लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था, जिसके तहत तंबाकू छोड़ने के विभिन्न उपायों पर भी गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से अपने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने और इस पहल के बारे में दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।1
- शिवपुरी शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ छोटे बच्चे और बुजुर्ग आए दिन इनके शिकार बन रहे हैं। शनिवार को ऐसे ही एक मामले में एक आवारा कुत्ते ने महल के पीछे स्थित लक्ष्मीबाई कॉलोनी रोड पर ढाई साल की मासूम बच्ची सहित तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल बच्ची के भाई मोहित कुशवाह ने बताया कि उनकी ढाई वर्षीय बहन निकिता कुशवाह घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक काले रंग के आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के मुंह को अपने जबड़ों में जकड़ लिया, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों और आसपास के लोगों के प्रयासों के बाद बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया जा सका। इस दौरान, बच्ची को बचाने पहुंचे एक व्यक्ति को भी कुत्ते ने काट लिया। यह घटना शिवपुरी शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खौफ को उजागर करती है, जहाँ एक अन्य घटना में एक कुत्ते ने एक ही दिन में 60 से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया था।2