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- छत्तीसगढ़ कवर्धा में अजब-गजब खबर का खुलासा चुहे, दिमक और कीड़े खा गए सात करोड़ का धान? रिपोर्टर शिव नाथ बघेल लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़ दिनांक,09/01/2026* रायपुर,छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सनसनी खेज खबर का खुलासा हुआ है जहां चुहे, दिमक और कीड़े ने खा गए सात करोड़ का धान? यह बात सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन यह हकीकत है और यह हम नहीं यहाँ के विपणन विभाग के अधिकारी कह रहे है। क्योंकि संग्रहण केंद्र में रखे 26 हजार किवंटल गायब हो गया है। *गौरतलब है कि यह पूरा मामला कवर्धा जिले का है* जहाँ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य अर किसानों से जो धान खरीदी की गई थी उसमें से 7 लाख 99 हजार किवंटल धान जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में रखा गया था। उठाव के बाद ज़ब संग्रहण केंद्रों में मिलान हुआ तो दोनों केंद्रों से 26 हजार किवंटल धान कमी पाई गई जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रूपये आँकी जा रही है। इस गड़बड़ी को लेकर संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध उच्च स्तरीय शिकायत भी हुआ है, जहाँ 22 हजार किवंटल धान की कमी पाई गई है, वही यहाँ के प्रभारी के विरुद्ध यह भी आरोप है प्रभारी द्वारा लगभग 5 करोड़ रूपये का हेराफेरी की गई है। जो आरोप लगे है उस पर साफ तौर से लिखा गया है, संग्रहण प्रभारी द्वारा उपार्जन केंद्र के प्रभारी के साथ मिलकर धान का फर्जी आवक जावक बताया गया है, डेनेज़ खरीदी की फर्जी बिल, मजदूरों का फर्जी हाजिरी और संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरा में बार बार छेड़खानी कर सुनियोजित ढंग से गड़बड़ी की गई है। *वही इस पुरे मामले को लेकर* जिला विपणन अधिकारी *अभिषेक मिश्रा* ने सफाई देते हुए कहा संग्रहण प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है, जो कमी आई है वह मौसम की वजह और चुहे, दीमक व कीड़े द्वारा खाने से हुई है। पुरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों में हमारे जिले की स्थिति काफी अच्छी है, बांकी जगहों पर काफी खराब स्थिति है। *इस पुरे मामले के शिकायत* जाँच कर रहे सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने कहा संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत प्राप्त हुआ जिसकी जाँच के लिए टीम गठित है, प्रारंभिक जाँच में शिकायत सही पाया गया है,अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।3
- बलरामपुर तहसील में अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला, पत्रकार भी बना शिकार बलरामपुर तहसील से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी कार्यालय में खुलेआम अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगा है। नियमों के अनुसार जिस कार्य की सरकारी फीस मात्र ₹10 निर्धारित है, उसी कार्य के लिए ₹500 तक की मांग किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले की खास बात यह है कि शिकायतकर्ता कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि खुद एक पत्रकार हैं, जिन्हें क्षेत्र के लोग अच्छी तरह से जानते और पहचानते हैं। पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, उनसे काम के बदले ₹500 की मांग की गई, जिसमें से उनके पास ₹200 थे और शेष ₹300 की व्यवस्था करने का दबाव बनाया गया।2
- nager nigam ward krmank-- 14 ki badhal awastha dekhiye janab kya kahte hai wardwasi !! jara suniye.khas report himanshu raj patrkar ambikapur cg.7805838076.3
- सरगुजा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां महज दो माह के मासूम बच्चे को फर्जी गोदनामा बनाकर ठगीपूर्वक ले जाने का आरोप लगा है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता बसंती देवी, पति विजय सिंह, का आरोप है कि गौतम अग्रवाल, पिता अशोक अग्रवाल, उम्र लगभग 38 वर्ष, द्वारा धोखाधड़ी करते हुए फर्जी तरीके से गोदनामा तैयार कराया गया। आरोप है कि स्टाम्प पेपर पर गलत जानकारी देकर बसंती देवी से दस्तखत करवा लिए गए, जिसके बाद उनका दो माह का बच्चा उनसे अलग कर लिया गया। पीड़िता बसंती देवी का कहना है कि वह आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर है और आरोपी ने इसी का फायदा उठाया। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि कागजी प्रक्रिया केवल सहायता से संबंधित है, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि उनके बच्चे को गोद लेने के नाम पर दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। इस घटना के बाद से पीड़िता अपने मासूम बच्चे को वापस पाने के लिए थाना, प्रशासन और अन्य शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। बावजूद इसके अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिल पाई है। पीड़िता ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाते हुए मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और उसका बच्चा उसे सुरक्षित वापस दिलाया जाए। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और गोद लेने की प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है। रिपोर्ट: देवेंद्र मरकाम MD न्यूज़, ब्यूरो चीफ सरगुजा (छत्तीसगढ़) मो. 78790095982
- ढाई महीने बाद शव को कब्र से बाहर निकल कर किया गया अन्तिम संस्कार1
- एमसीबी ज़िले के धान खरीदी केन्द्रों से धान उठाव ना होने के कारण किसान और समिति प्रबंध परेशान।1
- शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसकेपी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक 9 महीने की गर्भवती महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पीड़िता ने थाने में भी मामला दर्ज कराया है।1
- मलकानगिरी हिंसा: सरगुजा (छत्तीसगढ़) से पहुँची राहत टीम, पीड़ितों ने प्रशासनिक निष्क्रियता का लगाया आरोप मलकानगिरी (ओडिशा) | दिनांक: 30 दिसंबर 2025 ओडिशा के मलकानगिरी ज़िले में हुई हिंसक घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ के सरगुजा से एक राहत टीम का गठन कर पीड़ितों की सहायता के लिए मलकानगिरी रवाना किया गया। राहत टीम में राजेश सरदार, सुरेश गाईन, ब्रिजेश घरामी, प्रभात गोलदार, दिलीप धर, पवित्र खराती, विश्वजीत मंडल , विजय व्यापारी , देवव्रत सरकार एवं निरंजन राय शामिल रहे।2