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प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल मामले पर कई वीडियो बनाए हैं, जिनमें कुछ पूरे मामले की जानकारी देते हैं, कुछ उनके व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते हैं, और कुछ लोगों की राय जानने का प्रयास करते हैं। ये वीडियो हजारों बार देखे गए हैं और उन पर सैकड़ों टिप्पणियाँ (कमेंट्स) आई हैं। इन टिप्पणियों को देखकर प्रकाश पाठक हैरान रह गए हैं, क्योंकि जहाँ कई लोगों ने अपनी बात सम्मानजनक तरीके से रखी है, वहीं कुछ व्यक्तियों ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया है। पाठक का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और किसी को उनकी बात से सहमत या असहमत होने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अपनी बात को सभ्यता और सम्मान के साथ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकाश पाठक ने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने दर्शकों से यह सवाल भी पूछा है कि क्या सोशल मीडिया पर असहमति का जवाब गाली या अभद्रता से दिया जाना चाहिए।

1 hr ago
user_Prakash Pathak Satna
Prakash Pathak Satna
Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल मामले पर कई वीडियो बनाए हैं, जिनमें कुछ पूरे मामले की जानकारी देते हैं, कुछ उनके व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते हैं, और कुछ लोगों की राय जानने का प्रयास करते हैं। ये वीडियो हजारों बार देखे गए हैं और उन पर सैकड़ों टिप्पणियाँ (कमेंट्स) आई हैं। इन टिप्पणियों को देखकर प्रकाश पाठक हैरान रह गए हैं, क्योंकि जहाँ कई लोगों ने अपनी बात सम्मानजनक तरीके से रखी है, वहीं कुछ व्यक्तियों ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया है। पाठक का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और किसी को उनकी बात से सहमत या असहमत होने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अपनी बात को सभ्यता और सम्मान के साथ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकाश पाठक ने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने दर्शकों से यह सवाल भी पूछा है कि क्या सोशल मीडिया पर असहमति का जवाब गाली या अभद्रता से दिया जाना चाहिए।

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  • प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल मामले पर कई वीडियो बनाए हैं, जिनमें कुछ पूरे मामले की जानकारी देते हैं, कुछ उनके व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते हैं, और कुछ लोगों की राय जानने का प्रयास करते हैं। ये वीडियो हजारों बार देखे गए हैं और उन पर सैकड़ों टिप्पणियाँ (कमेंट्स) आई हैं। इन टिप्पणियों को देखकर प्रकाश पाठक हैरान रह गए हैं, क्योंकि जहाँ कई लोगों ने अपनी बात सम्मानजनक तरीके से रखी है, वहीं कुछ व्यक्तियों ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया है। पाठक का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और किसी को उनकी बात से सहमत या असहमत होने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अपनी बात को सभ्यता और सम्मान के साथ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकाश पाठक ने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने दर्शकों से यह सवाल भी पूछा है कि क्या सोशल मीडिया पर असहमति का जवाब गाली या अभद्रता से दिया जाना चाहिए।
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    प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल मामले पर कई वीडियो बनाए हैं, जिनमें कुछ पूरे मामले की जानकारी देते हैं, कुछ उनके व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते हैं, और कुछ लोगों की राय जानने का प्रयास करते हैं। ये वीडियो हजारों बार देखे गए हैं और उन पर सैकड़ों टिप्पणियाँ (कमेंट्स) आई हैं।

इन टिप्पणियों को देखकर प्रकाश पाठक हैरान रह गए हैं, क्योंकि जहाँ कई लोगों ने अपनी बात सम्मानजनक तरीके से रखी है, वहीं कुछ व्यक्तियों ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया है। पाठक का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और किसी को उनकी बात से सहमत या असहमत होने का पूरा अधिकार है।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अपनी बात को सभ्यता और सम्मान के साथ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकाश पाठक ने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने दर्शकों से यह सवाल भी पूछा है कि क्या सोशल मीडिया पर असहमति का जवाब गाली या अभद्रता से दिया जाना चाहिए।
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 मई की शाम इंदौर में अपनी सादगी और मितव्ययता का एक और उदाहरण पेश किया, जिसने जनता का दिल जीत लिया। वे इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, डॉ. यादव अपने चिर-परिचित सहज अंदाज में अचानक अन्ना भैया की नाश्ते की दुकान पर जा पहुंचे और आम नागरिकों के साथ बैठकर नाश्ता किया तथा चाय पी। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत भी की, और उनके इस खास अंदाज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना, जिसके बाद उन्होंने नाश्ते और चाय का बिल स्वयं भरा। डॉ. यादव को अपने बीच पाकर लोग उत्साहित हो उठे, और उनके सहज तथा पारिवारिक व्यवहार की लोगों ने काफी सराहना की। मुख्यमंत्री ने लोगों से हाथ मिलाया और मासूम बच्चियों को दुलार किया। इस दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खींचने की कोशिश की। यह घटना उनकी जनसेवा के प्रति सादगी भरे संकल्प का एक और प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और चलती बस से ही नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 मई की शाम इंदौर में अपनी सादगी और मितव्ययता का एक और उदाहरण पेश किया, जिसने जनता का दिल जीत लिया। वे इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, डॉ. यादव अपने चिर-परिचित सहज अंदाज में अचानक अन्ना भैया की नाश्ते की दुकान पर जा पहुंचे और आम नागरिकों के साथ बैठकर नाश्ता किया तथा चाय पी। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत भी की, और उनके इस खास अंदाज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना, जिसके बाद उन्होंने नाश्ते और चाय का बिल स्वयं भरा। डॉ. यादव को अपने बीच पाकर लोग उत्साहित हो उठे, और उनके सहज तथा पारिवारिक व्यवहार की लोगों ने काफी सराहना की। मुख्यमंत्री ने लोगों से हाथ मिलाया और मासूम बच्चियों को दुलार किया। इस दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खींचने की कोशिश की।

यह घटना उनकी जनसेवा के प्रति सादगी भरे संकल्प का एक और प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और चलती बस से ही नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सतना में हुई चंद घंटों की बारिश ने नगर निगम के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 5 के मुख्तियार गंज क्षेत्र में लोगों के घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी लोगों के किचन और कमरों तक पहुँच गया है, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वार्ड वासियों का कहना है कि पूरे शहर में नाले और नालियों की सफाई के नाम पर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। स्मार्ट सिटी के इस वार्ड में पानी का घरों में घुसना, निगम की सफाई व्यवस्था की बदहाली और उसके दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
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    सतना में हुई चंद घंटों की बारिश ने नगर निगम के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 5 के मुख्तियार गंज क्षेत्र में लोगों के घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी लोगों के किचन और कमरों तक पहुँच गया है, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

वार्ड वासियों का कहना है कि पूरे शहर में नाले और नालियों की सफाई के नाम पर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। स्मार्ट सिटी के इस वार्ड में पानी का घरों में घुसना, निगम की सफाई व्यवस्था की बदहाली और उसके दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर की कई सड़कें थोड़ी सी बारिश में ही पानी से लबालब होकर 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' जैसी दिखने लगी हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थिति बदहाल है और शहर के अधिकांश वार्डों में कई जगहों पर सड़कें इसी तरह 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' में बदल गई हैं। इस जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बदतर हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का लाभ आखिर कब मिलेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस जलभराव की समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि सतना की सड़कें, सड़कें ही रहें और 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' न बनें।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर की कई सड़कें थोड़ी सी बारिश में ही पानी से लबालब होकर 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' जैसी दिखने लगी हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थिति बदहाल है और शहर के अधिकांश वार्डों में कई जगहों पर सड़कें इसी तरह 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' में बदल गई हैं।

इस जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बदतर हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का लाभ आखिर कब मिलेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस जलभराव की समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि सतना की सड़कें, सड़कें ही रहें और 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' न बनें।
    user_Ravendra Uramaliya Media satna
    Ravendra Uramaliya Media satna
    Local News Reporter रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।
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    सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था। स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।
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    ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था।

स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए।

यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर रंजना मिश्रा के एक बयान को लेकर लगातार तीखी बहस जारी है। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को उनके विचारों का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इस बात पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या विरोध के नाम पर किसी महिला के लिए अभद्र भाषा, गालियां और अपमानजनक टिप्पणियों का प्रयोग करना सही है। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने गलती की है, तो उसकी आलोचना तथ्यों और तर्कों पर आधारित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत अपमान और अमर्यादित भाषा का सहारा लेकर। यह वीडियो इसी विषय पर अपनी राय प्रस्तुत करता है कि विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच मर्यादा और सम्मान बनाए रखना क्यों बेहद महत्वपूर्ण है, विशेषकर महिलाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
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    सोशल मीडिया पर रंजना मिश्रा के एक बयान को लेकर लगातार तीखी बहस जारी है। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को उनके विचारों का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इस बात पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या विरोध के नाम पर किसी महिला के लिए अभद्र भाषा, गालियां और अपमानजनक टिप्पणियों का प्रयोग करना सही है। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने गलती की है, तो उसकी आलोचना तथ्यों और तर्कों पर आधारित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत अपमान और अमर्यादित भाषा का सहारा लेकर। यह वीडियो इसी विषय पर अपनी राय प्रस्तुत करता है कि विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच मर्यादा और सम्मान बनाए रखना क्यों बेहद महत्वपूर्ण है, विशेषकर महिलाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सतना नगर निगम के वार्ड नंबर 10 में मुख्तियार गंज रेलवे फाटक से लेकर शुक्ला वर्दाडीह तक खोदी गई सड़क की हालत बेहद दयनीय है। इस खुदी हुई सड़क के कारण स्थानीय लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है और वे आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से, चंद घंटों की बारिश के बाद इस सड़क पर पैदल चलना भी बेहद कठिन हो जाता है, जिससे राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है।
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    सतना नगर निगम के वार्ड नंबर 10 में मुख्तियार गंज रेलवे फाटक से लेकर शुक्ला वर्दाडीह तक खोदी गई सड़क की हालत बेहद दयनीय है। इस खुदी हुई सड़क के कारण स्थानीय लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है और वे आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से, चंद घंटों की बारिश के बाद इस सड़क पर पैदल चलना भी बेहद कठिन हो जाता है, जिससे राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है।
    user_Satish Shukla
    Satish Shukla
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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