एसएसपी ने कसी कमर, यक्ष और ई-साक्ष्य जैसे डिजिटल टूल्स से होगा अपराध पर प्रहार झाँसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी और सैनिक सम्मेलन के दौरान जनपद की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए। एसएसपी ने तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए यक्ष एप्प के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की, जिसमें AI आधारित वॉइस सर्च के जरिए अपराधियों की पहचान की जाएगी। बैठक में ई-साक्ष्य, iGOT कर्मयोगी और iRAD पोर्टल पर डेटा फीडिंग को अनिवार्य करते हुए उन्होंने विवेचनाओं के डिजिटल निस्तारण के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने हेतु ZFD कार्यक्रम के तहत गठित क्रिटिकल केयर टीमों की कार्यप्रणाली को परखा गया। एसएसपी ने साइबर फ्रॉड में त्वरित रिकवरी, महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण और लंबित माल के ई-माल पोर्टल पर इंद्राज हेतु थाना प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया। इससे पूर्व, सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया गया।।
एसएसपी ने कसी कमर, यक्ष और ई-साक्ष्य जैसे डिजिटल टूल्स से होगा अपराध पर प्रहार झाँसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी और सैनिक सम्मेलन के दौरान जनपद की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए। एसएसपी ने तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए यक्ष एप्प के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की, जिसमें AI आधारित वॉइस सर्च के जरिए अपराधियों की पहचान की जाएगी। बैठक में ई-साक्ष्य, iGOT कर्मयोगी और iRAD पोर्टल पर डेटा फीडिंग को अनिवार्य करते हुए उन्होंने विवेचनाओं के डिजिटल निस्तारण के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने हेतु ZFD कार्यक्रम के तहत गठित क्रिटिकल केयर टीमों की कार्यप्रणाली को परखा गया। एसएसपी ने साइबर फ्रॉड में त्वरित रिकवरी, महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण और लंबित माल के ई-माल पोर्टल पर इंद्राज हेतु थाना प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया। इससे पूर्व, सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया गया।।
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- झाँसी (उत्तर प्रदेश)। झाँसी के खड़िया मोहल्ला (थाना प्रेमनगर थाना) क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ बड़े भाई ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते अपने ही छोटे भाई की हत्या कर शव को घर में दफना दिया।1
- झाँसी के बरूआसागर मे दो पक्षों का 30₹ का विवाद सुलझा रहे युवक को मारा चाकू,, हुई मौत1
- बड़े भाई की हत्या कर छोटे भाई ने घर के पीछे दफना दिया शव और जाकर थाने में करा दी गुमशुदगी दर्ज पुलिस द्वारा मुसारिक बेग को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी श्री बीबीजीटीएस मूर्ति की बाइट।1
- झाँसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी और सैनिक सम्मेलन के दौरान जनपद की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए। एसएसपी ने तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए यक्ष एप्प के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की, जिसमें AI आधारित वॉइस सर्च के जरिए अपराधियों की पहचान की जाएगी। बैठक में ई-साक्ष्य, iGOT कर्मयोगी और iRAD पोर्टल पर डेटा फीडिंग को अनिवार्य करते हुए उन्होंने विवेचनाओं के डिजिटल निस्तारण के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने हेतु ZFD कार्यक्रम के तहत गठित क्रिटिकल केयर टीमों की कार्यप्रणाली को परखा गया। एसएसपी ने साइबर फ्रॉड में त्वरित रिकवरी, महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण और लंबित माल के ई-माल पोर्टल पर इंद्राज हेतु थाना प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया। इससे पूर्व, सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया गया।।1
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- जिलाधिकारी मृदुल चौधरी के निर्देशन में आबकारी विभाग ने जनपद में अवैध शराब के विरुद्ध सघन छापेमारी अभियान चलाया। गुरुवार को सिमरावारी, बिजौली, राजगढ़ और बबीना समेत विभिन्न क्षेत्रों में दी गई दबिश में 154 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस दौरान आबकारी अधिनियम के तहत 05 अभियोग पंजीकृत कर एक महिला को जेल भेजा गया। टीम ने दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग कर स्टॉक का सत्यापन किया और ढाबों की भी चेकिंग की। अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए अवैध अड्डों से शराब न खरीदने की चेतावनी दी।।1
- #Datia : एक बार फिर गरमाया इंदरगढ़ मस्जिद जमीन विवाद का मामला #पब्लिक #datia #मस्जिद #मुस्लिम #विवाद #religion #fifa1
- दतिया ब्रेकिंग भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें। दतिया जिले में सामने से मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह भावनात्मक कहानी सुनाकर लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाया जा सकता है। क्या है पूरा मामला? इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक ने खुद को शिलांग (मेघालय) का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर पुलिस और प्रशासन से आर्थिक मदद ली। युवक ने अपना नाम मोहित महाजन पुत्र अशोक महाजन बताया, लेकिन वह कभी खुद को पंजाब के गुरदासपुर का तो कभी शिलांग का निवासी बताता रहा। नींद की गोली और बैग चोरी की कहानी युवक ने पुलिस को बताया कि वह दतिया से इंदरगढ़ बस में बैठा था। रास्ते में उसने दवा खा ली, जिससे उसे नींद आ गई और इसी दौरान उसका बैग चोरी हो गया। बैग में लैपटॉप, मोबाइल, कपड़े, आधार कार्ड और एचडीएफसी व एसबीआई के एटीएम कार्ड होने की बात कही। उसने खुद को असहाय बताते हुए पैसों की मांग की। लेकिन जांच में सामने आया कि इससे पहले वह: एसपी कार्यालय पहुंच चुका था और एएसपी को ट्रेन में बैग गुम होने की कहानी सुना चुका था। तहसील कार्यालय में भी मदद मांग चुका था। कुछ वकीलों से भी पैसे ले चुका था। हर जगह कहानी लगभग एक जैसी थी, बस घटनास्थल कभी ट्रेन तो कभी बस बताया गया। पुलिस को ऐसे हुआ शक इंदरगढ़ थाना प्रभारी टीआई गौरव शर्मा को तहसील से फोन आया कि एक युवक मदद के लिए भेजा गया है, जो खुद को शिलांग का इंजीनियर बता रहा है। अलग-अलग जगहों पर एक जैसी कहानी सामने आने से पुलिस को शक हुआ और युवक को हिरासत में ले लिया गया। आधार जांच में भी नहीं मिली पहचान पहचान पुख्ता करने के लिए आधार सेंटर में फिंगरप्रिंट जांच कराई गई, लेकिन उंगलियों के निशान दर्ज नहीं हो पाए। आंखों की स्कैनिंग से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। युवक ने यह भी कहा कि उसे कम दिखाई देता है। भावनात्मक पृष्ठभूमि का सहारा पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता ने दो शादियां की थीं। मां और पिता की मृत्यु के बाद वह सौतेली मां से अलग रहता है। अविवाहित और अकेला होने की कहानी सुनाकर उसने सहानुभूति बटोरने की कोशिश की। अंत में उसने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया। आगे की कार्रवाई फिलहाल पुलिस ठोस दस्तावेज न मिलने के कारण उसे शिलांग भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी बड़े ठगी गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही इस तरह लोगों को झांसा देता रहा। यह मामला प्रशासन के लिए भी एक सीख है कि सहानुभूति के आधार पर मदद देने से पहले पहचान की पुख्ता जांच जरूरी है। वहीं आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें।1