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छाणी मगरी धाम के आसपास क्षेत्रों में बारिश पशुओं घास भिगने चिन्ता मंगलवार चार बजे सायं बारिश हुई जिससे पशुओं के बाड़े में घास भिग जिससे किसानों को चिंता बढने लगी कि पशुओं चारे के
जय गुरू महाराज
छाणी मगरी धाम के आसपास क्षेत्रों में बारिश पशुओं घास भिगने चिन्ता मंगलवार चार बजे सायं बारिश हुई जिससे पशुओं के बाड़े में घास भिग जिससे किसानों को चिंता बढने लगी कि पशुओं चारे के
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- क्षेत्र में जी राम जी योजना के तहत रोजगार गारंटी कार्य तो शुरू हो गए हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण मजदूरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सागवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत भासौर में मजदूरों को पिछले तीन दिनों से “सर्वर डाउन” की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मस्टरोल में नाम होने के बावजूद मजदूरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें रोजाना 3 से 4 घंटे तक कड़ी धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और मजदूरों में इसको लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि कार्य स्थल पर न तो छांव की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऊपर से सर्वर की समस्या के कारण उनकी मेहनत भी बेकार जा रही है और कई मजदूर बिना हाजिरी लगे ही वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या विशेष रूप से भासौर गांव में ही अधिक देखने को मिल रही है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वर समस्या को ठीक करवाने और मजदूरों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।1
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर/नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली स्थित संसद मार्ग के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक भव्य समारोह में सागवाड़ा के विधायक शंकर डेचा को प्रतिष्ठित सेलिब्रेशन ऑफ डेमोक्रेसी राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें आदिवासी अंचल में निरंतर विकास कार्यों, समाज सेवा के क्षेत्र में उनके निस्वार्थ योगदान और दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा दिलाने में उनके विशेष सहयोग के लिए एम्स द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सत्यपाल सिंह, आईसीसीआर की पत्रिका गगनांचल के संपादक रवि शंकर, सभ्यता अध्ययन केंद्र के सह-निदेशक डॉ. विवेक भटनागर, एम्स के चेयरमैन गुरुप्रसाद हुण्डेकर एवं समाजसेवी दीपिका रेड्डी जैसे गणमान्य अतिथियों ने डेचा को यह सम्मान भेंट किया। विधायक डेचा ने इस उपलब्धि पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके अकेले का नहीं, बल्कि संपूर्ण वागड़ क्षेत्र और उनके सहयोगियों का है, जो उन्हें राष्ट्र सेवा के प्रति और अधिक समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देगा। समारोह में देशभर से विभिन्न क्षेत्रों की 33 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पूरे राजस्थान से केवल तीन व्यक्तियों का चयन इस सम्मान के लिए हुआ। शंकर डेचा के साथ ही भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल को सेलिब्रेशन ऑफ डेमोक्रेसी और भाजपा आपदा राहत विभाग के प्रदेश संयोजक डॉ. जिनेंद्र शास्त्री को सेलिब्रेशन ऑफ सोशियोक्रेसी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में लोकतंत्र (डेमोक्रेसी) श्रेणी में तेलंगाना के सांसद एटेला राजेंद्र, मध्य प्रदेश की सांसद संध्या राय, गुजरात के डॉ. हेमांग जोशी और उत्तराखंड की विधायक आशा नौटियाल सहित कई राज्यों के जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। वहीं, ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) श्रेणी में महाराष्ट्र सड़क विकास निगम के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ और दिल्ली के आईपीएस जितेंद्र मणि त्रिपाठी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को उनकी सेवाओं के लिए सराहा गया।4
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ शुरू एप का ताजा अपडेट। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सुप्रीमो मदन राठौड़ ने 47 में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर कोटा शहर और देहात भारतीय जनता पार्टी को एक बहुत बड़ी उपलब्धि का उपहार दिया। भारतीय जनता पार्टी भवन की आधारशिला और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान सूवे में सबसे आधुनिक और सबसे अच्छा भवन होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल जी की डबल इंजन की सरकार विकास के पथ पर तेजी से दौड़ ड़ रही है। कार्यकर्ता उनकी योजनाओं को गांव-गांव ढाणी ढाणी शहर और हर मोहल्ले में पहुंचाएं। और जनता को जागरूक करें। आने वाले कल के चुनाव में कार्यकर्ता कमर कश कर मैदान में उतर जाए। उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और राहुल गांधी को अप्रत्यक्ष रूप से आडे हाथों लिया। और कहा कि कांग्रेस पार्टी अब जलेबी की तरह सुकृडति जा रही है। और उसके थिकटैंक लीडर शशि थरूर आनन्द शर्मा मनीष तिवारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार रमेश गांधी के द्वारा पूछे गए प्रश्न पर अशोक गहलोत गोविंद सिंह डोटासराव टीकाराम जूली की नूर कुस्ती में कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री उसके लिए कांग्रेस पार्टी में टांग खिंचाई और लंगडी मार कांग्रेस में खेल रहा है। पूर्व मंत्री हीरालाल नागर ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।और युवावस्था में जब यह पार्टी जन्म ले रही थी। और अपने शैशव काल में थी। तब से सेवा करने का उल्लेख किया। और कहा कि मेरे चाचा जी ने इस पार्टी में बहुत त्याग और वलिदान दिया है। वहीं शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन का ओजस्वी और सारगर्वित भाषण कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री शांति धारीवाल ने वदले की भावना से इस भूमि के पट्टे को सरकार आते ही सबसे पहले निरस्त किया था। लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने भी ठान ली थी मैं इसको बाहर करवाकर आधुनिक भवन बनाऊंगा। उनकी कृपा से आज प्रदेश अध्यक्ष के कर कमलो से स्थापना दिवस पर यह भवन शिलान्यास का कार्यक्रम पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के मौजूदगी में संपन्न हो रहा है। आभार ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम गुर्जर ने व्यक्त किया2
- छोटी कक्षाओं से ही विद्यार्थी का बेस तैयार करें ताकि नामांकन भी बढ़े और बड़ी कक्षाओं में रिजल्ट भी बेहतर हो - एसीबीईओ गनोड़ा। गढ़ी शिक्षा विभाग के एसीबीईओ किशन सिंह के द्वारा पालोदा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसीबीईओ ने पुस्तकालय, मिड डे मील, स्वच्छता, ऑनलाइन उपस्थिति, वर्कबुक, पीने के पानी की व्यवस्था, एवं अन्य भौतिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। एसीबीईओ ने उच्च माध्यमिक विद्यालय पालोदा में शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात पालोदा सीनियर स्कूल के स्टाफ के साथ बैठक भी की तथा बैठक में एसीबीईओ ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में छोटी कक्षाओं से ही विद्यार्थी का आधार मजबूत होना चाहिए। यदि छोटी कक्षाओं में विद्यार्थी का बेस तैयार हो जाएगा तो उस विद्यालय में छोटे बच्चों की शैक्षिक उन्नति अच्छे तरीके से होगी। इसके साथ-साथ छोटी कक्षाओं से बालक अच्छी तरह से ज्ञान अर्जित कर बड़ी कक्षाओं में आकर बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का रिजल्ट भी अच्छा रखेगा। जब छोटी कक्षा में बालक आता है तब उसे सर्वांगीण विकास की आवश्यकता होती है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं रचनात्मक कार्यों में भी विद्यार्थी को बेहतरीन वातावरण की आवश्यकता होती है। किशन सिंह के द्वारा रोजाना के ऑनलाइन कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। विद्यालय में प्रार्थना सभा से लेकर अंतिम कालांश तक विद्यार्थी एक्टिव मोड पर रहे इस बात पर विद्यालय के सभी शिक्षकों को ध्यान देने का आग्रह किया। निरीक्षण के दौरान उपप्राचार्य कल्पेश द्विवेदी, नितिन द्विवेदी, राकेश महवाई, अशोक त्रिवेदी, आशीष जैन, प्रवीण परमार, विनोद हाडा, विजय यादव, अश्विन पंचोली, संजय रावल, धीरज पुरोहित, धूलेश्वर मीणा, जयराज सिंह, दिनेश पंचोली, नागेंद्र सिंह, हरि कृष्ण पाटीदार, राजू भाई, स्नेहलता जैन, मोहिता जैन आदि उपस्थित रहे।1
- Post by Bherulal meena Meena1
- बांसवाड़ा : ब्लॉक छोटी सरवन की ग्राम पंचायत नादिया के अभिभावकों के लिए मंगलवार का दिन आश्चर्य से कम नहीं रहा ,जब जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय)प्रारंभिक श फ़ ब अंजुम स्वयं राजकीय विद्यालयों में से चल रहे सघन प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के द्वितीय चरण के तहत डोर टू डोर संपर्क के लिए पहुंची । डीईओ ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नादिया व अधीनस्थ विद्यालयों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रथम चरण की प्रगति की पी ई ई ओ हर्षा शर्मा से समीक्षा कर नव प्रवेशित बच्चों की संख्या की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए साथ ही द्वितीय चरण में फील्ड कार्य के लिए चयनित कार्मिकों से चर्चा कर प्रवेशोत्सव के सम्बन्ध में अपने अनुभव साझा करते हुए निर्देशित किया कि फील्ड में कार्मिकों को आवंटित क्षेत्र में समस्त घरों का सर्वे कर उसी समय उसे ऐप में प्रविष्ट की जानी है साथ ही जिन घरों में एक भी बच्चा नहीं है या सभी बच्चे पहले से स्कूलों में नामांकित है उन घरों की भी प्रविष्टि भी ऐप में की जानी है। डीईओ ने समस्त अधीनस्थ विद्यालयों में पाठयपुस्तक का विद्यार्थियों को वितरण किए जाने की स्थिति, कक्षा शिक्षण प्रारंभ की स्थिति,आंगनबाड़ी समन्वय आदि का अवलोकन करते हुए आगामी दो चरणों में अभियान के संचालन की तैयारियों को भी देखकर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने को कहा । डीईओ ने अधीनस्थ राजकीय प्राथमिक विद्यालय छापरिया पाड़ा में भी विद्यार्थियों के मध्य जाकर बच्चों से चर्चा कर शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया । इस दौरान संस्था प्रधान हर्षा शर्मा, धर्मेंद्र अडीचवाल ,राजेश चौहान, दीपिका व्यास, गीता बरांडा, गटूलाल बामणिया, ईश्वर सहित समस्त कार्मिक मौजूद रहे ।2
- धंबोला। मंगलवार को श्री गोवर्धन नाथजी हवेली मंदिर धंबोल में राजभोग के पावन अवसर पर भक्ति और समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर सुमी बेन लालशंकर पंड्या द्वारा मंदिर में कुल तीन साज भेंट किए गए, जिसने उपस्थित वैष्णवजनों के मन को भाव-विभोर कर दिया। इनमें से दो साज सुमी बेन ने स्वयं भेंट किए, जबकि एक साज उन्होंने अपने प्रयासों से एक अन्य वैष्णव से दिलवाया। इस प्रकार कुल तीन साज की यह भेंट श्रद्धा, सेवा और सहयोग का सुंदर उदाहरण बनी। कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र पंड्या, कन्हैयालाल पंड्या, जीतेंद्र पंड्या, हसमुख भट्ट, भानु प्रसाद पंड्या, आशुतोष पंड्या, लालशंकर भट्ट, गजानन भट्ट, राजेंद्र शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं माता-बहनें उपस्थित रहीं। सभी ने इस पावन अवसर पर भक्ति भाव से सहभागिता निभाई। इस संबंध में जानकारी ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने दी। हवेली मंदिर में इस प्रकार की भेंट सेवा परंपरा को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ समाज में धार्मिक एकता और समर्पण की भावना को भी सुदृढ़ करती है।4
- , 39 नए एकलव्य विद्यालयों का प्रस्ताव दिल्ली भेजा संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। उदयपुर संभाग के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में शैक्षिक क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के विशेष प्रयासों और राज्य सरकार को किए गए आग्रह के बाद, राजस्थान सरकार ने संभाग के 5 जिलों की विभिन्न पंचायत समितियों में 39 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने का विधिवत प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया है। यह प्रस्ताव राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल सोसायटी के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं टीएडी आयुक्त द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नई दिल्ली) के आयुक्त को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों के हालिया पुनर्गठन और नए विकास खंडों के सृजन को देखते हुए, इन दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अनिवार्य है। इस प्रस्ताव के केंद्र से स्वीकृत होने के बाद उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के उन दुर्गम इलाकों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो अब तक उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा से वंचित थे। प्रस्ताव के तहत उदयपुर जिले की नयागांव, सायरा, फलासिया, गिर्वा, कुराबड, सुलाव, नाई, ओगणा व देवला पंचायत समितियों को शामिल किया गया है। वहीं सलूंबर के सेमारी, झल्लारा, जयसमंद व गींगला, बांसवाड़ा के गांगडतलाई, छोटी सरवन, सज्जनगढ़, घाटोल समेत 11 ब्लॉक, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा, झोथरी, चिखली, सागवाड़ा सहित 10 ब्लॉक और प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी, दालोत, सुहागपुरा व धतोतर पंचायत समितियों में इन विद्यालयों को खोलने की योजना है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इस संबंध में बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राएं प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में पिछड़ जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 31 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, लेकिन जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए ये अपर्याप्त थे। इन 39 नए विद्यालयों के माध्यम से हजारों जनजातीय विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और सीबीएसई स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त होगी। टीएडी विभाग ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है ताकि शैक्षणिक रूप से पिछड़े इन क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। संभाग के लिए इसे अब तक की सबसे बड़ी शैक्षिक सौगातों में से एक माना जा रहा है।1
- सज्जनगढ़ मे मंगलवार सांय अचानक हुई बेमौसम बारिश ने सज्जनगढ़ कस्बे की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा कस्बे में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की बारिश ने पोल खोल दी। तेज बारिश के चलते कस्बे की अधिकांश नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही मुख्य मार्गों सहित कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण कचरा और गाद पानी के साथ बाहर आ गए, जिससे सड़कों पर बदबू और गंदगी फैल गई। राहगीरों और दुकानदारों को आवागमन में कठिनाई हुई, वहीं गंदे पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा हर माह स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था नजर नहीं आती। हल्की बारिश में ही नालियों का जाम होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नियमित नाली सफाई, कचरा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।2