सांसद डॉ. रावत की पहल पर मेवाड़-वागड़ के जनजातीय अंचल में खुलेगा शिक्षा की उन्नति का द्वार , 39 नए एकलव्य विद्यालयों का प्रस्ताव दिल्ली भेजा संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। उदयपुर संभाग के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में शैक्षिक क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के विशेष प्रयासों और राज्य सरकार को किए गए आग्रह के बाद, राजस्थान सरकार ने संभाग के 5 जिलों की विभिन्न पंचायत समितियों में 39 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने का विधिवत प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया है। यह प्रस्ताव राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल सोसायटी के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं टीएडी आयुक्त द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नई दिल्ली) के आयुक्त को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों के हालिया पुनर्गठन और नए विकास खंडों के सृजन को देखते हुए, इन दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अनिवार्य है। इस प्रस्ताव के केंद्र से स्वीकृत होने के बाद उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के उन दुर्गम इलाकों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो अब तक उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा से वंचित थे। प्रस्ताव के तहत उदयपुर जिले की नयागांव, सायरा, फलासिया, गिर्वा, कुराबड, सुलाव, नाई, ओगणा व देवला पंचायत समितियों को शामिल किया गया है। वहीं सलूंबर के सेमारी, झल्लारा, जयसमंद व गींगला, बांसवाड़ा के गांगडतलाई, छोटी सरवन, सज्जनगढ़, घाटोल समेत 11 ब्लॉक, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा, झोथरी, चिखली, सागवाड़ा सहित 10 ब्लॉक और प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी, दालोत, सुहागपुरा व धतोतर पंचायत समितियों में इन विद्यालयों को खोलने की योजना है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इस संबंध में बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राएं प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में पिछड़ जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 31 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, लेकिन जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए ये अपर्याप्त थे। इन 39 नए विद्यालयों के माध्यम से हजारों जनजातीय विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और सीबीएसई स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त होगी। टीएडी विभाग ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है ताकि शैक्षणिक रूप से पिछड़े इन क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। संभाग के लिए इसे अब तक की सबसे बड़ी शैक्षिक सौगातों में से एक माना जा रहा है।
सांसद डॉ. रावत की पहल पर मेवाड़-वागड़ के जनजातीय अंचल में खुलेगा शिक्षा की उन्नति का द्वार , 39 नए एकलव्य विद्यालयों का प्रस्ताव दिल्ली भेजा संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। उदयपुर संभाग के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में शैक्षिक क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के विशेष प्रयासों और राज्य सरकार को किए गए आग्रह के बाद, राजस्थान सरकार ने संभाग के 5 जिलों की विभिन्न पंचायत समितियों में 39 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने का विधिवत प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया है। यह प्रस्ताव राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल सोसायटी के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं टीएडी आयुक्त द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नई दिल्ली) के आयुक्त को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों के हालिया पुनर्गठन और नए विकास खंडों के सृजन को देखते हुए, इन दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अनिवार्य है। इस प्रस्ताव के केंद्र से स्वीकृत होने के बाद उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के उन दुर्गम इलाकों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो अब तक उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा से वंचित थे। प्रस्ताव के तहत उदयपुर जिले की नयागांव, सायरा, फलासिया, गिर्वा, कुराबड, सुलाव, नाई, ओगणा व देवला पंचायत समितियों को शामिल किया गया है। वहीं सलूंबर के सेमारी, झल्लारा, जयसमंद व गींगला, बांसवाड़ा के गांगडतलाई, छोटी सरवन, सज्जनगढ़, घाटोल समेत 11 ब्लॉक, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा, झोथरी, चिखली, सागवाड़ा सहित 10 ब्लॉक और प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी, दालोत, सुहागपुरा व धतोतर पंचायत समितियों में इन विद्यालयों को खोलने की योजना है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इस संबंध में बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राएं प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में पिछड़ जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 31 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, लेकिन जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए ये अपर्याप्त थे। इन 39 नए विद्यालयों के माध्यम से हजारों जनजातीय विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और सीबीएसई स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त होगी। टीएडी विभाग ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है ताकि शैक्षणिक रूप से पिछड़े इन क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। संभाग के लिए इसे अब तक की सबसे बड़ी शैक्षिक सौगातों में से एक माना जा रहा है।
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ शुरू एप का ताजा अपडेट। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सुप्रीमो मदन राठौड़ ने 47 में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर कोटा शहर और देहात भारतीय जनता पार्टी को एक बहुत बड़ी उपलब्धि का उपहार दिया। भारतीय जनता पार्टी भवन की आधारशिला और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान सूवे में सबसे आधुनिक और सबसे अच्छा भवन होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल जी की डबल इंजन की सरकार विकास के पथ पर तेजी से दौड़ ड़ रही है। कार्यकर्ता उनकी योजनाओं को गांव-गांव ढाणी ढाणी शहर और हर मोहल्ले में पहुंचाएं। और जनता को जागरूक करें। आने वाले कल के चुनाव में कार्यकर्ता कमर कश कर मैदान में उतर जाए। उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और राहुल गांधी को अप्रत्यक्ष रूप से आडे हाथों लिया। और कहा कि कांग्रेस पार्टी अब जलेबी की तरह सुकृडति जा रही है। और उसके थिकटैंक लीडर शशि थरूर आनन्द शर्मा मनीष तिवारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार रमेश गांधी के द्वारा पूछे गए प्रश्न पर अशोक गहलोत गोविंद सिंह डोटासराव टीकाराम जूली की नूर कुस्ती में कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री उसके लिए कांग्रेस पार्टी में टांग खिंचाई और लंगडी मार कांग्रेस में खेल रहा है। पूर्व मंत्री हीरालाल नागर ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।और युवावस्था में जब यह पार्टी जन्म ले रही थी। और अपने शैशव काल में थी। तब से सेवा करने का उल्लेख किया। और कहा कि मेरे चाचा जी ने इस पार्टी में बहुत त्याग और वलिदान दिया है। वहीं शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन का ओजस्वी और सारगर्वित भाषण कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री शांति धारीवाल ने वदले की भावना से इस भूमि के पट्टे को सरकार आते ही सबसे पहले निरस्त किया था। लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने भी ठान ली थी मैं इसको बाहर करवाकर आधुनिक भवन बनाऊंगा। उनकी कृपा से आज प्रदेश अध्यक्ष के कर कमलो से स्थापना दिवस पर यह भवन शिलान्यास का कार्यक्रम पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के मौजूदगी में संपन्न हो रहा है। आभार ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम गुर्जर ने व्यक्त किया2
- क्षेत्र में जी राम जी योजना के तहत रोजगार गारंटी कार्य तो शुरू हो गए हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण मजदूरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सागवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत भासौर में मजदूरों को पिछले तीन दिनों से “सर्वर डाउन” की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मस्टरोल में नाम होने के बावजूद मजदूरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें रोजाना 3 से 4 घंटे तक कड़ी धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और मजदूरों में इसको लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि कार्य स्थल पर न तो छांव की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऊपर से सर्वर की समस्या के कारण उनकी मेहनत भी बेकार जा रही है और कई मजदूर बिना हाजिरी लगे ही वापस लौटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या विशेष रूप से भासौर गांव में ही अधिक देखने को मिल रही है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वर समस्या को ठीक करवाने और मजदूरों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।1
- धंबोला। भगवान परशुराम पाटोत्सव एवं कलश यात्रा को लेकर जिलेभर में चल रहे जनसंपर्क अभियान के बीच अब सेवा, सहयोग और समर्पण की प्रेरक मिसालें सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में गढ़ी-परतापुर से एक सराहनीय पहल ने पूरे विप्र समाज में उत्साह का संचार कर दिया है। जिला मीडिया प्रभारी मुकेश रामशंकर पंड्या के अनुसार, परतापुर स्थित पायोनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर परेश पंड्या ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विप्र समाजजनों के लिए 10 बसों की व्यवस्था उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। यह सहयोग 12 अप्रैल को भगवान परशुराम मंदिर में आयोजित होने वाले भव्य पाटोत्सव एवं कलश यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए किया जा रहा है। इस पहल से दूर-दराज के गाँवों से आने वाले समाजजनों को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही आयोजन में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन में लगभग 15 हजार से अधिक समाजजनों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में परिवहन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में मिला यह सहयोग आयोजन की सफलता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएगा। समाज के वरिष्ठजनों ने परेश पंड्या की इस पहल को “प्रेरणादायक कदम” बताते हुए कहा कि जब शिक्षाविद् और युवा नेतृत्व इस प्रकार आगे बढ़कर योगदान देते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार होता है। गौरतलब है कि विप्र फाउंडेशन द्वारा जिलेभर में गाँव-गाँव जाकर आमंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें महिला शक्ति भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही है। विभिन्न स्तरों से मिल रहे सहयोग ने आयोजन को लेकर उत्साह को और अधिक प्रबल बना दिया है। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी विनोद जोशी, ललित उपाध्याय ,प्रशांत चौबीसा ,मुकेश आर पंड्या सहित अन्य सदस्यों ने परेश पंड्या की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया। निश्चित रूप से परतापुर से मिला यह योगदान न केवल इस आयोजन को भव्य बनाएगा, बल्कि समाज में सहयोग, संगठन और भाईचारे की भावना को भी और अधिक सुदृढ़ करेगा।4
- कितना लंबा ट्रैफिक1
- छोटी कक्षाओं से ही विद्यार्थी का बेस तैयार करें ताकि नामांकन भी बढ़े और बड़ी कक्षाओं में रिजल्ट भी बेहतर हो - एसीबीईओ गनोड़ा। गढ़ी शिक्षा विभाग के एसीबीईओ किशन सिंह के द्वारा पालोदा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसीबीईओ ने पुस्तकालय, मिड डे मील, स्वच्छता, ऑनलाइन उपस्थिति, वर्कबुक, पीने के पानी की व्यवस्था, एवं अन्य भौतिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। एसीबीईओ ने उच्च माध्यमिक विद्यालय पालोदा में शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात पालोदा सीनियर स्कूल के स्टाफ के साथ बैठक भी की तथा बैठक में एसीबीईओ ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में छोटी कक्षाओं से ही विद्यार्थी का आधार मजबूत होना चाहिए। यदि छोटी कक्षाओं में विद्यार्थी का बेस तैयार हो जाएगा तो उस विद्यालय में छोटे बच्चों की शैक्षिक उन्नति अच्छे तरीके से होगी। इसके साथ-साथ छोटी कक्षाओं से बालक अच्छी तरह से ज्ञान अर्जित कर बड़ी कक्षाओं में आकर बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का रिजल्ट भी अच्छा रखेगा। जब छोटी कक्षा में बालक आता है तब उसे सर्वांगीण विकास की आवश्यकता होती है। पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं रचनात्मक कार्यों में भी विद्यार्थी को बेहतरीन वातावरण की आवश्यकता होती है। किशन सिंह के द्वारा रोजाना के ऑनलाइन कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। विद्यालय में प्रार्थना सभा से लेकर अंतिम कालांश तक विद्यार्थी एक्टिव मोड पर रहे इस बात पर विद्यालय के सभी शिक्षकों को ध्यान देने का आग्रह किया। निरीक्षण के दौरान उपप्राचार्य कल्पेश द्विवेदी, नितिन द्विवेदी, राकेश महवाई, अशोक त्रिवेदी, आशीष जैन, प्रवीण परमार, विनोद हाडा, विजय यादव, अश्विन पंचोली, संजय रावल, धीरज पुरोहित, धूलेश्वर मीणा, जयराज सिंह, दिनेश पंचोली, नागेंद्र सिंह, हरि कृष्ण पाटीदार, राजू भाई, स्नेहलता जैन, मोहिता जैन आदि उपस्थित रहे।1
- गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत1
- , 39 नए एकलव्य विद्यालयों का प्रस्ताव दिल्ली भेजा संवाददाता - संतोष व्यास उदयपुर/डूंगरपुर। उदयपुर संभाग के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में शैक्षिक क्रांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के विशेष प्रयासों और राज्य सरकार को किए गए आग्रह के बाद, राजस्थान सरकार ने संभाग के 5 जिलों की विभिन्न पंचायत समितियों में 39 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित करने का विधिवत प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया है। यह प्रस्ताव राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल सोसायटी के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं टीएडी आयुक्त द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (नई दिल्ली) के आयुक्त को भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों के हालिया पुनर्गठन और नए विकास खंडों के सृजन को देखते हुए, इन दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अनिवार्य है। इस प्रस्ताव के केंद्र से स्वीकृत होने के बाद उदयपुर, सलूंबर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों के उन दुर्गम इलाकों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो अब तक उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा से वंचित थे। प्रस्ताव के तहत उदयपुर जिले की नयागांव, सायरा, फलासिया, गिर्वा, कुराबड, सुलाव, नाई, ओगणा व देवला पंचायत समितियों को शामिल किया गया है। वहीं सलूंबर के सेमारी, झल्लारा, जयसमंद व गींगला, बांसवाड़ा के गांगडतलाई, छोटी सरवन, सज्जनगढ़, घाटोल समेत 11 ब्लॉक, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा, झोथरी, चिखली, सागवाड़ा सहित 10 ब्लॉक और प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी, दालोत, सुहागपुरा व धतोतर पंचायत समितियों में इन विद्यालयों को खोलने की योजना है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इस संबंध में बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राएं प्रतिभा के धनी हैं, लेकिन संसाधनों और सही मार्गदर्शन के अभाव में पिछड़ जाते हैं। वर्तमान में प्रदेश में 31 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, लेकिन जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए ये अपर्याप्त थे। इन 39 नए विद्यालयों के माध्यम से हजारों जनजातीय विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और सीबीएसई स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त होगी। टीएडी विभाग ने केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है ताकि शैक्षणिक रूप से पिछड़े इन क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। संभाग के लिए इसे अब तक की सबसे बड़ी शैक्षिक सौगातों में से एक माना जा रहा है।1
- धंबोला। भगवान परशुराम के पाटोत्सव एवं भव्य कलश यात्रा-शोभायात्रा के आयोजन को लेकर जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल तेजी से बढ़ता जा रहा है। 12 अप्रैल को डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित नए महादेव परिसर में आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को लेकर विप्र समाज के पदाधिकारी लगातार गाँव-गाँव संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विनोद जोशी, जोन 1-जी के संगठन महामंत्री ललित उपाध्याय एवं जिला मीडिया प्रभारी मुकेश पंड्या ने रामसोर, मोटी बस्सी, आंजना, गढ़ी और परतापुर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं मातृशक्ति से भेंट कर पाटोत्सव में सपरिवार भाग लेने का आग्रह किया। रामसोर पहुँचने पर रामसोर इकाई अध्यक्ष नरेश त्रिवेदी, समाजसेवी नर्मदाशंकर त्रिवेदी, अमृतलाल पंड्या, रमेश त्रिवेदी ने अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। इस अवसर पर युवा मंडल के जितेन्द्र त्रिवेदी, विनय त्रिवेदी, मुकेश त्रिवेदी, विनोद सेवक सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने आयोजन की रूपरेखा बताते हुए अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मोटी बस्सी में त्रिमेस इकाई अध्यक्ष नंदकिशोर पंड्या, कोषाध्यक्ष गिरजाशंकर जोशी, अरथूना तहसील युवा उपाध्यक्ष मेहुल पंड्या, दिनेश जोशी, हेमन्त उपाध्याय, सुरेश व्यास की उपस्थिति में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान मातृशक्ति से गीता जोशी, इच्छा जोशी, मीना जोशी, कल्पना जोशी, रंजना जोशी, कीर्ति जोशी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। आंजना में त्रिमेस अध्यक्ष जगदीश चंद्र जोशी, राजेंद्र भट्ट, लालशंकर पंड्या, रमेश उपाध्याय, मिथलेश जोशी, शानू भाई, चंद्रशेखर शुक्ला, सुनीता शुक्ला, रेणुका जोशी सहित उपस्थित समाजजनों को निमंत्रण दिया गया। सभी ने एकजुट होकर अधिकाधिक संख्या में भाग लेने और आयोजन को सफल बनाने का भरोसा दिलाया।गढ़ी-परतापुर क्षेत्र में पायोनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर परेश पंड्या सहित विप्र समाज के गणमान्यजनों से संपर्क कर उन्हें भावपूर्ण निमंत्रण दिया गया। यहाँ भी समाजजनों ने उत्साहपूर्वक आयोजन में भागीदारी का आश्वासन दिया। *5100 सो कलशो की शोभायात्रा होगी आकर्षण का केंद्र* आयोजकों के अनुसार पाटोत्सव के दिन गेपसागर की पाल से भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित श्रद्धालु, मातृशक्ति और युवा बड़ी संख्या में भाग लेंगे। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर नए महादेव परिसर स्थित भगवान परशुराम मंदिर पहुँचेगी, जहाँ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। समाज में एकता और संस्कृति का संदेश पदाधिकारियों ने सभी स्थानों पर आह्वान किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने मातृशक्ति सहित अधिक से अधिक लोगों से इस पुण्य कार्य में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।आयोजन को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और जिलेभर से 15 हजार से भी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है।4
- अरनोद क्षेत्र के ग्राम पंचायत नोगांवा अंतर्गत सिंहपुरिया माताजी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 7 बीघा आबादी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह अभियान विकास अधिकारी (BDO) के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए पारदर्शिता और मुस्तैदी का परिचय दिया गया। ग्रामीणों और संघर्ष समिति ने प्रशासन के इस जनहितकारी कदम की सराहना करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है।1