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गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत
Vishnu lohar
गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत
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- गोगुंदा में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का विस्तार, पंचायत स्तर तक संगठन हुआ मजबूत1
- उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत मालकी टूस में विकास कार्यों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने मंगलवार को करीब 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्पिटल का शिलान्यास किया। इसके साथ ही लूणेश्वर महादेव मंदिर तक 36 लाख रुपये की लागत से निर्मित संपर्क सड़क का उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान पनगट योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया गया। इस मौके पर विधायक डांगी ने कहा कि वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।1
- कितना लंबा ट्रैफिक1
- बीएपी ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत के प्रति की गई टिप्पणी के विरोध में आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में भारत आदिवासी पार्टी द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर गृह मंत्री से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और बयान को संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग की है। सोमवार को बड़ी संख्या में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर एकत्रित हुए, जहां केंद्रीय गृहमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा।ज्ञापन में बताया गया कि 30 मार्च 2026 को संसद में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने सांसद राजकुमार रोत को संबोधित करते हुए कहा कि आप चुनाव लड़कर यहां बैठे हैं, नहीं तो आप भी सरेंडर की लिस्ट में होते। बीएपी नेताओं का आरोप है कि यह टिप्पणी न केवल एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से पूरे आदिवासी समाज को नक्सलवाद से जोड़कर अपमानित करने का प्रयास है। उल्लेखनीय है कि सांसद राजकुमार रोत ने सदन में जल-जंगल-जमीन के संघर्ष, पांचवीं व छठी अनुसूची के क्रियान्वयन और पेसा कानून जैसे मुद्दों पर आदिवासियों का पक्ष रखा था। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि हक की आवाज उठाने वालों पर नक्सलवाद का ठप्पा लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि या समुदाय के प्रति ऐसी अमर्यादित टिप्पणियों को रोकने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान जयंतीलाल खराड़ी, सुरेश कटारा, अरविंद रोत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- कांग्रेस पार्टी के महासचिव क्रिकेट बोर्ड के ष क्षण अध्यक्ष भू माफिया अमीन पठान के भाई के लड़के से करोड़ों रुपए कजमीन को कोड़ाशनझ दे देके आयुक्त के निर्देशन में मिट्टी में मिला दिया1
- Post by Dhruv Banjara1
- Post by Bherulal meena Meena1
- अरनोद क्षेत्र के ग्राम पंचायत नोगांवा अंतर्गत सिंहपुरिया माताजी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 7 बीघा आबादी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह अभियान विकास अधिकारी (BDO) के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए पारदर्शिता और मुस्तैदी का परिचय दिया गया। ग्रामीणों और संघर्ष समिति ने प्रशासन के इस जनहितकारी कदम की सराहना करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है।1