मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शालिग्राम गर्ग और अन्य आरोपियों को राजनगर थाना क्षेत्र में हुए एक विवाद और कथित फायरिंग के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन सभी आरोपियों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के तहत जिला जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल ले जाने के दौरान उन्हें कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, आरोपियों को जिला जेल ले जाने के लिए इनोवा वाहन का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या आरोपियों को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से हटकर कोई विशेष रियायत या सुविधा दी गई। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है कि आखिर किन परिस्थितियों में आरोपियों के लिए इनोवा गाड़ी का उपयोग किया गया। इसी वजह से लगाए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शालिग्राम गर्ग और अन्य आरोपियों को राजनगर थाना क्षेत्र में हुए एक विवाद और कथित फायरिंग के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन सभी आरोपियों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के तहत जिला जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल ले जाने के दौरान उन्हें कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, आरोपियों को जिला जेल ले जाने के लिए इनोवा वाहन का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या आरोपियों को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से हटकर कोई विशेष रियायत या सुविधा दी गई। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है कि आखिर किन परिस्थितियों में आरोपियों के लिए इनोवा गाड़ी का उपयोग किया गया। इसी वजह से लगाए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शालिग्राम गर्ग और अन्य आरोपियों को राजनगर थाना क्षेत्र में हुए एक विवाद और कथित फायरिंग के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन सभी आरोपियों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के तहत जिला जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल ले जाने के दौरान उन्हें कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं दिए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, आरोपियों को जिला जेल ले जाने के लिए इनोवा वाहन का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या आरोपियों को सामान्य कानूनी प्रक्रिया से हटकर कोई विशेष रियायत या सुविधा दी गई। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है कि आखिर किन परिस्थितियों में आरोपियों के लिए इनोवा गाड़ी का उपयोग किया गया। इसी वजह से लगाए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।1
- Post by Sohan varma1
- मध्य प्रदेश की राजनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोलीकांड मामले के आरोपी और बागेश्वर महाराज के भाई शालिगराम गर्ग सहित अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के संबंध में एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने आधिकारिक रूप से जानकारी साझा की है।1
- छतरपुर की सिटी कोतवाली पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री और इकरारनामा तैयार करने के मामले में पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी वारंटी को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। अंततः पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसे लखनऊ से दबोचने में सफलता हासिल की। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी 15 जुलाई को दोपहर करीब 2:00 बजे छतरपुर के सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी के विरुद्ध फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना अंतर्गत ग्राम बरेठी में बीते 4 जुलाई की मध्य रात्रि को 5 नग भैंसें चोरी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित रमेश प्रजापति, पिता परमलाल प्रजापति ने इस चोरी के संबंध में बमीठा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर पीड़ित परिवार आज एसपी कार्यालय पहुंचा और एसपी महोदय के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित रमेश प्रजापति ने बताया कि गांव के ही रहने वाले रामनाथ यादव ने उनकी 5 भैंसों को चोरी किया है, जिसके खिलाफ उन्होंने बमीठा थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। हालांकि, अब तक कोई सुनवाई नहीं होने के बाद पीड़ित परिवार एसपी के द्वार पर गुहार लगाने मजबूर हुआ है। अब देखना होगा कि इस पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।1
- भारत स्काउट एवं गाइड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रथ यात्रा सेवा शिविर में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के 7 रोवर और एक लीडर का चयन हुआ है। यह सभी प्रतिभागी ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। टीकमगढ़ जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि यहां के युवा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण सेवा शिविर में सहभागिता करके मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। 16 जुलाई से प्रारंभ होने वाली इस पावन रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की सहायता, मार्गदर्शन, प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता एवं जनसेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों की विशेष भूमिका रहती है। चयनित युवा सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे तथा जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। इस विशेष अवसर पर जिले के स्काउट-गाइड पदाधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के गणमान्य नागरिकों ने चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि यह दल अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से टीकमगढ़ जिले की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। युवाओं के लिए यह सेवा शिविर न केवल सेवा का अवसर है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।4
- यदुवंश और हैहय वंश की प्राचीन परंपरा, इतिहास और शोध को जोड़ने वाला एक अद्भुत शोध संग्रह सामने आया है, जो यदु से लेकर सहस्रबाहु तक के सफर को दर्शाता है। इस इतिहास के अनुसार, राजा ययाति के पांच पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र यदु से ही "यादव" वंश की शुरुआत हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और द्वारका का निर्माण जैसी महत्वपूर्ण कड़ियां इसी यदु वंश से जुड़ी हैं। यदु वंश की आगे चलकर चार मुख्य शाखाएं बनीं, जिनमें चेदि, भोज, अंधक और सात्वत शामिल हैं। यदु के भाई तुर्वसु के वंश से अलग होकर हैहय वंश की स्थापना हुई, जिसके सबसे प्रतापी राजा सहस्रबाहु अर्जुन कार्तवीर्य हुए। 'सहस्रबाहु' नाम के पीछे का कारण उनकी एक साथ 1000 जगहों पर युद्ध और शासन करने की अद्भुत क्षमता थी, जिसे प्रतीकात्मक रूप से 1000 भुजाएं कहा जाता है। उन्होंने महिष्मती को अपनी राजधानी बनाया था और उनसे नर्मदा नदी का प्रवाह रोकने व रावण को पराजित करने जैसी कथाएं जुड़ी हैं। इसके अलावा, भगवान परशुराम और सहस्रबाहु के बीच हुआ युद्ध भी इस पौराणिक इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय है। इस शोध संग्रह का महत्व केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुराणों, महाभारत और हरिवंश पुराण के वंशावली संदर्भों का गहरा शोध शामिल है। इसमें बुंदेलखंड, मालवा, गुजरात और राजस्थान में मौजूद यदुवंशियों व हैहयों के किलों, मंदिरों, शिलालेखों और सामाजिक परंपराओं के साथ-साथ द्वारका की समुद्री खुदाई व नर्मदा किनारे के पुरातात्विक अवशेषों का भी अध्ययन किया गया है। यह पूरा इतिहास भारत की उस गौरवशाली परंपरा को उजागर करता है जहां एक ओर द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की नीति है तो दूसरी ओर सहस्रबाहु का पराक्रम।1
- छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाडारी में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम करवाया। इस संबंध में छतरपुर सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने 15 जुलाई की दोपहर करीब 2:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1