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कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।

12 hrs ago
user_Mantosh Jaiswal
Mantosh Jaiswal
पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि

ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी

ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।

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  • कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।
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    कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बाजपट्टी बाजार में महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की जयंती का आयोजन 10 जून को किया जाएगा।
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    बाजपट्टी बाजार में महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की जयंती का आयोजन 10 जून को किया जाएगा।
    user_Raviteja Rajbhar
    Raviteja Rajbhar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कुशीनगर में मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। इन महिलाओं ने ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद पर नवीन परती भूमि पर फर्जी पट्टा करने, और इसका विरोध करने पर उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ देने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि प्रधान की इस प्रताड़ना के कारण वे अपना गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएँ देने के फरमान के बावजूद निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है। महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुदही ब्लॉक के ग्रामसभा चिरकुटहा में गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेअर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ साँठगाँठ कर फर्जी पट्टा कर दिया था। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गाँव के लोगों ने राजस्व विभाग से इस फर्जी पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई के लिए पहले भी जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद पट्टा तो निरस्त नहीं हुआ, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने गाँव की महिलाओं को न केवल भद्दी गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे तंग आकर गाँव छोड़ने को विवश हो गई हैं। पीड़ित महिलाओं ने इस पूरे प्रकरण में फर्जी पट्टे को तत्काल निरस्त करते हुए दोषी ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधान की प्रताड़ना के कारण मजबूरीवश उन्हें गाँव से पलायन करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुसहर मंच की कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित कई मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
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    कुशीनगर में मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। इन महिलाओं ने ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद पर नवीन परती भूमि पर फर्जी पट्टा करने, और इसका विरोध करने पर उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ देने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि प्रधान की इस प्रताड़ना के कारण वे अपना गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएँ देने के फरमान के बावजूद निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।

महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुदही ब्लॉक के ग्रामसभा चिरकुटहा में गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेअर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ साँठगाँठ कर फर्जी पट्टा कर दिया था। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गाँव के लोगों ने राजस्व विभाग से इस फर्जी पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई के लिए पहले भी जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद पट्टा तो निरस्त नहीं हुआ, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने गाँव की महिलाओं को न केवल भद्दी गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे तंग आकर गाँव छोड़ने को विवश हो गई हैं।

पीड़ित महिलाओं ने इस पूरे प्रकरण में फर्जी पट्टे को तत्काल निरस्त करते हुए दोषी ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधान की प्रताड़ना के कारण मजबूरीवश उन्हें गाँव से पलायन करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुसहर मंच की कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित कई मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
    user_Ajeet kumar gond
    Ajeet kumar gond
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बिहार के वैशाली जिले से सामने आई एक वायरल खबर ने रिश्तों के एक ऐसे अजब-गजब गणित को उजागर किया है, जिसने पूरे गाँव को हैरत में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, एक भांजे का अपनी मौसी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह मामला तब सामने आया जब भांजा आधी रात में अपनी मौसी से मिलने पहुँचा और परिजनों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद, पंचायत और परिवार के सदस्यों की सहमति से दोनों की शादी करवा दी गई। इस विवाह के कारण परिवार के भीतर रिश्तों के समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं: अब नाना ससुर बन गए हैं, नानी सास बन गई हैं, मौसी पत्नी बन गई है, माँ साली बन गई है, मामा साला बन गया है और बाप साढ़ू बन गया है। रिश्तों में आए इस अनोखे बदलाव ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उन्होंने कभी ऐसा 'रिश्तों का घोटाला' देखा है।
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    बिहार के वैशाली जिले से सामने आई एक वायरल खबर ने रिश्तों के एक ऐसे अजब-गजब गणित को उजागर किया है, जिसने पूरे गाँव को हैरत में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, एक भांजे का अपनी मौसी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह मामला तब सामने आया जब भांजा आधी रात में अपनी मौसी से मिलने पहुँचा और परिजनों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस घटना के बाद, पंचायत और परिवार के सदस्यों की सहमति से दोनों की शादी करवा दी गई। इस विवाह के कारण परिवार के भीतर रिश्तों के समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं: अब नाना ससुर बन गए हैं, नानी सास बन गई हैं, मौसी पत्नी बन गई है, माँ साली बन गई है, मामा साला बन गया है और बाप साढ़ू बन गया है। रिश्तों में आए इस अनोखे बदलाव ने लोगों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उन्होंने कभी ऐसा 'रिश्तों का घोटाला' देखा है।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • एक नए अर्निंग ऐप का प्रचार किया जा रहा है, जिसमें दावा है कि उपयोगकर्ता अपने दोस्तों को रेफर करके घर बैठे, सोते हुए भी हर दिन पैसे कमा सकते हैं। इस ऐप में रेफरल पर ₹759 मुफ्त मिलने का उल्लेख किया गया है। ऐप को डाउनलोड करने के लिए एक लिंक कमेंट सेक्शन में उपलब्ध कराया गया है, और उपयोगकर्ताओं को तुरंत डाउनलोड करके पैसा कमाना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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    एक नए अर्निंग ऐप का प्रचार किया जा रहा है, जिसमें दावा है कि उपयोगकर्ता अपने दोस्तों को रेफर करके घर बैठे, सोते हुए भी हर दिन पैसे कमा सकते हैं। इस ऐप में रेफरल पर ₹759 मुफ्त मिलने का उल्लेख किया गया है। ऐप को डाउनलोड करने के लिए एक लिंक कमेंट सेक्शन में उपलब्ध कराया गया है, और उपयोगकर्ताओं को तुरंत डाउनलोड करके पैसा कमाना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
    user_Aj
    Aj
    Classified ads newspaper publisher पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। यह जागरूकता रैली प्रातः 10:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू होकर थाना रवीन्द्रनगर तक निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आमजन ने भाग लिया। रैली के माध्यम से जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने भी लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में शामिल होकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का अनुरोध किया। इस जागरूकता रैली में रामप्रताप सिंह (संस्था अध्यक्ष), सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय, पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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    अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। यह जागरूकता रैली प्रातः 10:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू होकर थाना रवीन्द्रनगर तक निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आमजन ने भाग लिया। रैली के माध्यम से जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने भी लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में शामिल होकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का अनुरोध किया।

इस जागरूकता रैली में रामप्रताप सिंह (संस्था अध्यक्ष), सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय, पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
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    कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।

इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
    user_जुगनू शर्मा
    जुगनू शर्मा
    Photographer पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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