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वैशाली जिले के महनार प्रखंड की महिंदवाड़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। लोगों का यह गुस्सा जनसमस्याओं और बिजली विभाग से संबंधित मुद्दों को लेकर फूटा है, और यह आक्रोश बिहार सरकार के खिलाफ भी बताया जा रहा है।
Mohan Kumar
वैशाली जिले के महनार प्रखंड की महिंदवाड़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। लोगों का यह गुस्सा जनसमस्याओं और बिजली विभाग से संबंधित मुद्दों को लेकर फूटा है, और यह आक्रोश बिहार सरकार के खिलाफ भी बताया जा रहा है।
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- एनएच-122 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। यह दुर्घटना एक अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण हुई।1
- भारतीय रेल के समस्तीपुर मंडल में तैनात लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीन अलग-अलग घटनाओं में कई अमूल्य मानव जीवन बचाए हैं। मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इन सभी रेलकर्मियों की तत्परता और उनके मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है। पहली घटना 22 जून, 2026 को सामने आई, जब ट्रेन नंबर 63346 (समस्तीपुर - सहरसा सवारी गाड़ी) सहरसा की ओर जा रही थी। सलौना और इमली स्टेशनों के बीच लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार को पटरी पर एक महिला अपने बच्चे के साथ लेटी दिखाई दी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोका, महिला और बच्चे को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया और ग्रामीणों के सुरक्षित हाथों में सौंपने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाया। इससे पहले, 1 मई, 2026 को ट्रेन नंबर 75230 (रक्सौल - दरभंगा सवारी गाड़ी) रक्सौल से दरभंगा की ओर जा रही थी। ढेंग और रीगा स्टेशनों के बीच चालक दल को अचानक ट्रैक पर एक लड़का लेटा हुआ दिखा। लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से आपातकालीन ब्रेक लगाए, जिससे बच्चे की जान बाल-बाल बच गई। समस्तीपुर रेल मंडल ने उनके इस सराहनीय कार्य की विशेष सराहना की है। इसी तरह की एक और गंभीर घटना 22 मई, 2026 को घटी, जब लोको पायलट मनोज कुमार और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार एक मालगाड़ी लेकर जा रहे थे। ट्रैक पर एक महिला को सोता हुआ देखकर, भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद, उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे रोक लिया। दोनों रेलकर्मियों ने महिला को समझा-बुझाकर ट्रैक से दूर किया, उसे ग्रामीणों को सौंपा और ट्रैक सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि रेलकर्मी सिर्फ तकनीकी कर्तव्यों का पालन ही नहीं करते, बल्कि उनमें समाज के प्रति गहरी मानवीय संवेदना भी है, जिसके कारण कई परिवार उजड़ने से बच गए।1
- समस्तीपुर के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत रामचंद्रपुर अंधैल पंचायत के चंदौली वार्ड संख्या-12 में समाजसेवी राजू सहनी ने स्वर्गीय उपेंद्र सहनी की पत्नी इसावती देवी की सबसे छोटी पुत्री नमिता कुमारी के विवाह में सहयोग का हाथ बढ़ाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। इसावती देवी एक गरीब विधवा महिला हैं जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनकी तीन पुत्रियों में सबसे छोटी नमिता कुमारी का विवाह 24 जून 2026 को निर्धारित था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार शादी की आवश्यक सामग्री जुटाने में असमर्थ था, जिससे विवाह को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ था। इस बीच, गरीब महिला ने अपनी समस्या पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी के समक्ष रखी। पूर्व मुखिया ने दूरभाष के माध्यम से इस मामले की जानकारी समाजसेवी राजू सहनी को दी, जो गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं। सूचना मिलते ही राजू सहनी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विवाह के लिए आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। शादी के अवसर पर राजू सहनी की ओर से फर्नीचर सेट के तहत कोच, पलंग, कुर्सी, टेबल, रजाई, गद्दा, ट्रंक और कपड़े सहित आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उनके इस सहयोग से गरीब परिवार की बड़ी चिंता दूर हुई और विवाह समारोह खुशी एवं सम्मान के साथ संपन्न हो सका। राजू सहनी द्वारा की गई इस मदद की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। इस दौरान पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी, महेश सहनी, बैजनाथ सहनी, सत्यदेव सहनी एवं पूर्व मुखिया राजन देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने राजू सहनी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि राजू सहनी लगातार जरूरतमंद, असहाय एवं गरीब परिवारों की सहायता कर समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और उन्होंने समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की, ताकि किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने राजू सहनी के इस मानवीय प्रयास को न केवल एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक संदेश देने वाला भी बताया।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने उनके आवास पर पहुंचकर न्यायिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच भरत तिवारी के एनकाउंटर से जुड़े मामले में की जा रही है।1
- बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र स्थित घोसवरी गांव में एक ईंट भट्ठा संचालक पर अपने ही जेसीबी चालक की हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक कई दिनों से भट्ठा संचालक से अपने बकाया वेतन की मांग कर रहा था, जिसका भुगतान करने में मालिक लगातार टालमटोल कर रहा था। परिजनों के अनुसार, इसी विवाद के बीच भट्ठा संचालक ने युवक को पैसे देने के बहाने बुलाया और उसके बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका यह भी आरोप है कि वेतन को लेकर चल रहे इस विवाद के कारण ईंट भट्ठा संचालक ने सुनियोजित तरीके से जेसीबी चालक की हत्या कर दी, जो लंबे समय से उनके भट्ठे पर कार्यरत था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव के साथ स्टेट हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी ईंट भट्ठा संचालक की तत्काल गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग की। सड़क जाम की खबर मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, हालांकि हत्या के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इस घटना के बाद से घोसवरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- वैशाली जिले के महनार प्रखंड की महिंदवाड़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। लोगों का यह गुस्सा जनसमस्याओं और बिजली विभाग से संबंधित मुद्दों को लेकर फूटा है, और यह आक्रोश बिहार सरकार के खिलाफ भी बताया जा रहा है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर में एक चलती ट्रेन से स्वास्थ्यकर्मी के अचानक नीचे गिरने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कुंदन कुमार देर शाम ड्यूटी खत्म कर भागलपुर इंटरसिटी से अपने घर बाढ़ लौट रहे थे। यह घटना तब हुई जब ट्रेन बख्तियारपुर स्टेशन से खुलकर राघोपुर गुमटी के पास पहुंची। घायल कुंदन कुमार ने आरोप लगाया है कि वह ट्रेन के गेट के पास खड़े थे, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने डंडे से उन पर हमला कर उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की। इसी कोशिश के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और घायल कुंदन कुमार को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।1