उत्तराम्नाय ज्योतिष पीठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य श्री श्री 1008 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली ई-पंजीकरण व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस प्रस्तावित व्यवस्था को जनता के साथ किया गया 'धोखा' करार दिया है। 25 जून 2026 को अपने मुरादाबाद प्रवास के दौरान, शंकराचार्य जी ने दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी मुरादाबाद के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता से मुलाकात की। इस मुलाकात में, उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण और ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ बार एसोसिएशन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। शंकराचार्य जी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था आम जनता, वकीलों और पारदर्शिता—तीनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उनका स्पष्ट मानना है कि रजिस्ट्री का निजीकरण जनता के भरोसे के साथ सीधे-सीधे धोखा है।
उत्तराम्नाय ज्योतिष पीठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य श्री श्री 1008 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली ई-पंजीकरण व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस प्रस्तावित व्यवस्था को जनता के साथ किया गया 'धोखा' करार दिया है। 25 जून 2026 को अपने मुरादाबाद प्रवास के दौरान, शंकराचार्य जी ने दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी मुरादाबाद के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता से मुलाकात की। इस मुलाकात में, उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण और ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ बार एसोसिएशन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। शंकराचार्य जी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था आम जनता, वकीलों और पारदर्शिता—तीनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उनका स्पष्ट मानना है कि रजिस्ट्री का निजीकरण जनता के भरोसे के साथ सीधे-सीधे धोखा है।
- सपा प्रवक्ता ने पासपोर्ट की प्रकृति पर एक तीखी और सीधी टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है, तो आखिर यह किस उद्देश्य के लिए है। यह टिप्पणी भारतीय नागरिकता, पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की कानूनी स्थिति और उनके नागरिकता से संबंध को लेकर चल रही व्यापक राष्ट्रीय बहस के संदर्भ में आई है, जिसमें विदेश मंत्रालय से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो रही है।1
- मुरादाबाद के रहमत नगर में 'यादगार-ए-कर्बला' की जियारत का आयोजन किया गया। इस जियारत के दौरान, इमाम हुसैन (अ.स.) के पैगाम से पूरा रहमत नगर क्षेत्र गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया।1
- बुधवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने बांदा के पुलिस अधीक्षक (SP) को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पत्र में महुटा निवासी एक फेसबुक यूजर द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर और भीम आर्मी संगठन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी, गाली-गलौज और धमकी भरे कमेंट्स करने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, महुटा निवासी हरेराम पुत्र हरिओम त्रिपाठी की फेसबुक आईडी "सनातनी हरेराम त्रिपाठी" से एक वीडियो अपलोड किया गया था। आरोप है कि इस वीडियो में भीम आर्मी संगठन और डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिए अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। साथ ही, SC/ST समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें भी कही गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि फोन पर बात करने पर यूजर ने मारपीट की धमकी दी, और वीडियो पर अन्य यूजर्स के कमेंट्स में भी आपत्तिजनक व धमकी भरे शब्द लिखे गए हैं। इस शिकायत पत्र को भीम आर्मी के विधिक सलाहकार दिनेश कुमार, मंडल महासचिव दीपक रावण, आजाद समाज पार्टी के संगठन मंत्री सुशील कुमार और जिला संयोजक मनोज रूस्तम समेत अन्य पदाधिकारियों ने सौंपा। उन्होंने SP से मांग की है कि उपरोक्त लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। भीम आर्मी नेताओं ने स्पष्ट किया कि डॉ. अंबेडकर देश के महापुरुष हैं और उनके खिलाफ ऐसी भाषा के प्रयोग से SC/ST समुदाय तथा संगठन के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस से इस मामले में त्वरित संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच करने की उम्मीद जताई है।1
- डिलारी के पीलकपुर श्योराम में नौवीं मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा राहगीरों को शरबत वितरित किया गया। इस पहल की राहगीरों ने सराहना की।1
- मुरादाबाद शहर में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध रूप से संचालित शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया, जिससे संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया। एमडीए अधिकारियों की जांच में सामने आया कि कई भवनों में स्वीकृत मानचित्र की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा था। कुछ जगहों पर बिना आवश्यक अनुमति के ही व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, और कई संस्थानों ने सुरक्षा तथा भवन मानकों का पालन भी नहीं किया था। नियमों के इन गंभीर उल्लंघनों के चलते कांठ रोड, प्रकाश नगर, लाइनपार और गोकुलदास क्षेत्र स्थित कई कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरियां इस कार्रवाई की जद में आए। कार्रवाई के दौरान मौके पर अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौजूद रही। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीए ने भवन स्वामियों, शिक्षण संस्थानों के संचालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भवन का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। साथ ही, अग्निशमन एवं भवन सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।1
- मोहर्रम के यौमे आशुरा की पूर्व संध्या पर रामपुर के कोठी खास बाग में मातम किया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खान हमजा मियां और कई देशों के राजदूत भी मौजूद रहे।1
- उत्तराम्नाय ज्योतिष पीठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य श्री श्री 1008 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली ई-पंजीकरण व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस प्रस्तावित व्यवस्था को जनता के साथ किया गया 'धोखा' करार दिया है। 25 जून 2026 को अपने मुरादाबाद प्रवास के दौरान, शंकराचार्य जी ने दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी मुरादाबाद के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता से मुलाकात की। इस मुलाकात में, उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय के निजीकरण और ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ बार एसोसिएशन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। शंकराचार्य जी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था आम जनता, वकीलों और पारदर्शिता—तीनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उनका स्पष्ट मानना है कि रजिस्ट्री का निजीकरण जनता के भरोसे के साथ सीधे-सीधे धोखा है।1
- मुरादाबाद के ताजपुर माफी गांव में स्थित सरकारी राजकीय पशु अस्पताल के बराबर वाली गली में सफाई कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इस लापरवाही के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।1