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रोशन अली
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में, क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर संगीन आरोप लगाए हैं। निवासियों का दावा है कि जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या CMO की मिलीभगत का परिणाम है, और ये डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर न तो कोई डिग्री रखते हैं और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के CMO की कथित मिलीभगत से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों, जैसे तुलसीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को महीने में पैसे मिलने के कारण उन्हें पूरी छूट दी जाती है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि CMO बलरामपुर में पिछले 15 सालों से कार्यरत हैं, लेकिन इस दौरान तुलसीपुर CHC का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। इन गंभीर आरोपों के आधार पर, क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि CMO महोदय स्वयं इस पूरे मामले में संलिप्त प्रतीत होते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दे और उचित कार्रवाई करे।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एडवोकेट युगल किशोर शुक्ल ने बिहार में हुई भरत तिवारी की हत्या के विरोध में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इस मार्च में भाग लिया, जिसे भरत तिवारी की आत्मा की शांति और उनकी हत्या के खिलाफ प्रदर्शन के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में, समाजसेवी, एडवोकेट और पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल ने स्वयं को शामिल किया। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा राम पार्टी जनपद बलरामपुर के कार्यकर्ताओं के आह्वान पर आयोजित इस कैंडल मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने "भरत तिवारी अमर रहे" और "बिहार पुलिस मुर्दाबाद" के नारे लगाए। युगल किशोर शुक्ल ने विशेष रूप से "हत्यारे पुलिस वालों को फाँसी देने की मांग" पर जोर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। पीड़ित ने अपनी जमीन पर कथित कब्जे के इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए स्थानीय SDM से मुलाकात की है।1
- श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन से मरीजों को लाभान्वित करने और जिले की रैंकिंग सुधारने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया, और चेतावनी दी कि औचक निरीक्षण के दौरान कोई भी कमी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिला अस्पताल का नियमित और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। इसके साथ ही, प्रसव पूर्व देखभाल (ए.एन.सी.) में लक्ष्य पूर्ण करने तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जे.एस.एस.के.) के लंबित भुगतानों को शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया गया। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करने को कहा गया जिन्हें टीकाकरण नहीं मिल रहा है, और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर बल दिया। टीकाकरण पोर्टल का नियमित अनुश्रवण और मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ उसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भी इसकी नियमित समीक्षा करने तथा ई-कवच पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के.के. वर्मा, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारीगण, हेल्थ पार्टनर्स और संबंधित अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के नगर पंचायत बढ़नी चाफा में गुरुवार को 'नगर की समस्या-नगर में समाधान' चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी मौजूद रहे। चौपाल के दौरान, जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और ग्रामीणों व नगरवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ हर हाल में पात्र व्यक्तियों तक पहुँचना चाहिए। जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड, पेंशन, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा तथा अन्य योजनाओं से वंचित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने पर ज़ोर दिया। साथ ही, उन्होंने आय, जाति, निवास एवं जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण और भूमि विवाद, पैमाइश व वरासत संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान का आश्वासन देने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि नगर पंचायत बनने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों में तेज़ी आई है और बड़ी संख्या में लोगों को आवास सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने बताया कि चौपाल में लगाए गए विभागीय स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी और पूर्व विधायक ने स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय, खंड विकास अधिकारी विजय सिंह, अधिशासी अधिकारी नवीन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।4
- गोंडा जिले के ग्राम कोनगवा में विद्युत की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव में बिजली के तार आते-आते ही कट जाते हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल पाती है।1
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने भरत तिवारी मामले और राम मंदिर दान घपले के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भरत तिवारी केस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की परंपरा गलत है और इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। वहीं, राम मंदिर दान घपले से जुड़े आरोपों के संदर्भ में, बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की सच्चाई और जांच की निष्पक्षता का खुलासा विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले जांच के पूरी होने का इंतज़ार करना आवश्यक है।1
- रायबरेली में आगामी मानसून और संभावित जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नगर पालिका क्षेत्र में मौजूद कुल 99 नालों में से 95 नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि बारिश शुरू होने से पहले ही सभी नाले और नालियों की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े। नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने इस बात पर जोर दिया कि शहर को स्वच्छ और साफ-सुथरा रखना उनकी प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से सभी वार्डों में सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन का यह दावा है कि मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।1