उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में, क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर संगीन आरोप लगाए हैं। निवासियों का दावा है कि जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या CMO की मिलीभगत का परिणाम है, और ये डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर न तो कोई डिग्री रखते हैं और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के CMO की कथित मिलीभगत से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों, जैसे तुलसीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को महीने में पैसे मिलने के कारण उन्हें पूरी छूट दी जाती है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि CMO बलरामपुर में पिछले 15 सालों से कार्यरत हैं, लेकिन इस दौरान तुलसीपुर CHC का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। इन गंभीर आरोपों के आधार पर, क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि CMO महोदय स्वयं इस पूरे मामले में संलिप्त प्रतीत होते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दे और उचित कार्रवाई करे।
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में, क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर संगीन आरोप लगाए हैं। निवासियों का दावा है कि जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या CMO की मिलीभगत का परिणाम है, और ये डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर न तो कोई डिग्री रखते हैं और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के CMO की कथित मिलीभगत से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों, जैसे तुलसीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को महीने में पैसे मिलने के कारण उन्हें पूरी छूट दी जाती है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि CMO बलरामपुर में पिछले 15 सालों से कार्यरत हैं, लेकिन इस दौरान तुलसीपुर CHC का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। इन गंभीर आरोपों के आधार पर, क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि CMO महोदय स्वयं इस पूरे मामले में संलिप्त प्रतीत होते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दे और उचित कार्रवाई करे।
- उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में, क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर संगीन आरोप लगाए हैं। निवासियों का दावा है कि जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बढ़ती संख्या CMO की मिलीभगत का परिणाम है, और ये डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर न तो कोई डिग्री रखते हैं और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के CMO की कथित मिलीभगत से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों, जैसे तुलसीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को महीने में पैसे मिलने के कारण उन्हें पूरी छूट दी जाती है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि CMO बलरामपुर में पिछले 15 सालों से कार्यरत हैं, लेकिन इस दौरान तुलसीपुर CHC का रखरखाव ठीक से नहीं हो पा रहा है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। इन गंभीर आरोपों के आधार पर, क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि CMO महोदय स्वयं इस पूरे मामले में संलिप्त प्रतीत होते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी से अपील की है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दे और उचित कार्रवाई करे।1
- बलरामपुर पुलिस ने थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र में हुई एक युवक की सनसनीखेज हत्या की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया था। उन्होंने युवक को शराब पिलाने के बहाने एक सुनसान बाग में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया रामपुरी चाकू भी बरामद कर लिया गया है।1
- सिरसिया के निराला नगर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक डबल डेकर बस की चपेट में आने से एक बालिका की मौत हो गई।1
- सिद्धार्थनगर जिले की शिवनगर डिड़ई थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 162 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद गांजे की कीमत लगभग 85 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके तीन साथी फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी अभियान के तहत थानाध्यक्ष बृजेश सिंह अपनी टीम के साथ बेलगड़ी टोल प्लाजा के पास वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित शौचालय के पास पुलिस टीम को पांच प्लास्टिक के बोरे और चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस टीम के पहुंचते ही तीन व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान फर्रुखाबाद निवासी श्याम उर्फ श्यामू दीक्षित के रूप में बताई। तलाशी के दौरान इन पांच बोरों से कुल 162 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ गांजे की इस खेप को बस के जरिए नोएडा ले जाने की तैयारी में था। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन फरार साथियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी और उसके कुछ साथी पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष बृजेश सिंह के साथ उपनिरीक्षक राजीव जी भट्ट, हेड कांस्टेबल जितेंद्र गौतम, हेड कांस्टेबल सुशील राय, कांस्टेबल सौरभ सिंह और कांस्टेबल अजय कुमार यादव शामिल रहे।1
- सिद्धार्थनगर के बांसी में राष्ट्रीय बजरंग दल की इकाई ने नायब तहसीलदार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश के 'सिवनी मालवा प्रकरण' में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 14 गौसेवकों की समय पूर्व रिहाई की मांग को लेकर दिया गया है। जिला अध्यक्ष अंगद वर्मा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन को देश के गृह मंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित किया गया है। इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों का उपयोग करने की अपील की गई है, ताकि मानवीय और संवैधानिक आधार पर इन गौसेवकों की सजा कम की जा सके। संगठन का कहना है कि इस सजा के कारण गौसेवकों के परिवारों पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट उत्पन्न हो गया है। इस दौरान जिला महामंत्री गोविंद प्रसाद, गौ रक्षक प्रमुख प्रियांशू गुप्ता, सोशल मीडिया प्रभारी शिवा सिंह, नगर अध्यक्ष शुभम और नगर महामंत्री दिव्यांश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।2
- Post by Pramatma Prasad1
- एसपी विनीत जायसवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करके माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ऐसे तत्वों पर पैनी नजर रख रही है।1
- मेरठ के ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास एक महिला को कथित तौर पर कार में जबरन ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है। इस संदिग्ध घटना के सामने आने के बाद महिला के अपहरण की आशंका पर मेरठ पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए, पुलिस ने जांच तेज कर दी है, जिसमें स्वाट टीम सहित कई टीमें लगाई गई हैं। मेरठ पुलिस घटना के सच का पता लगाने के लिए आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए, एसपी ने बताया है कि प्रथम दृष्टया यह अपहरण का मामला नहीं लग रहा है, हालांकि पुलिस अभी भी पूरे सच जानने में जुटी हुई है।1