कौशाम्बी में ‘अपाचे गैंग’ का पर्दाफाश: मंगलसूत्र लूटने वाले शातिर गिरफ्तार जनपद कौशाम्बी में हाल के दिनों में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपटने की घटनाओं ने दहशत का माहौल बना दिया था। दिनदहाड़े सड़कों पर सक्रिय इस शातिर गिरोह ने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘अपाचे गैंग’ का पर्दाफाश कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अभी भी फरार है। 9 मार्च को जरैनी गांव और 13 मार्च को लक्ष्मणपुर तिराहे के पास हुई दो वारदातों में बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से आकर महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपट लिया था। दोनों घटनाओं का तरीका एक जैसा होने से पुलिस को संगठित गिरोह की आशंका हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में सराय अकिल, करारी थाना और एसओजी/सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस लगातार आरोपियों के करीब पहुंच रही थी। 18 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तिल्हापुर-नहर मार्ग पर घेराबंदी की गई। संदिग्ध अपाचे बाइक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन बदमाश भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी मो. सैफ उर्फ बाटे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से दो सोने जैसे लाकेट, घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक और एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रयागराज और मंझनपुर से बाइक चोरी कर वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी पर पहले से ही चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
कौशाम्बी में ‘अपाचे गैंग’ का पर्दाफाश: मंगलसूत्र लूटने वाले शातिर गिरफ्तार जनपद कौशाम्बी में हाल के दिनों में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपटने की घटनाओं ने दहशत का माहौल बना दिया था। दिनदहाड़े सड़कों पर सक्रिय इस शातिर गिरोह ने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘अपाचे गैंग’ का पर्दाफाश कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अभी भी फरार है। 9 मार्च को जरैनी गांव और 13 मार्च को लक्ष्मणपुर तिराहे के पास हुई दो वारदातों में बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से आकर महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपट लिया था। दोनों घटनाओं का तरीका एक जैसा होने से पुलिस को संगठित गिरोह की आशंका हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में सराय अकिल, करारी थाना और एसओजी/सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस लगातार आरोपियों के करीब पहुंच रही थी। 18 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तिल्हापुर-नहर मार्ग पर घेराबंदी की गई। संदिग्ध अपाचे बाइक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन बदमाश भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी मो. सैफ उर्फ बाटे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से दो सोने जैसे लाकेट, घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक और एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रयागराज और मंझनपुर से बाइक चोरी कर वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी पर पहले से ही चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
- जनपद कौशाम्बी में हाल के दिनों में महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपटने की घटनाओं ने दहशत का माहौल बना दिया था। दिनदहाड़े सड़कों पर सक्रिय इस शातिर गिरोह ने आम लोगों के साथ-साथ पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ‘अपाचे गैंग’ का पर्दाफाश कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अभी भी फरार है। 9 मार्च को जरैनी गांव और 13 मार्च को लक्ष्मणपुर तिराहे के पास हुई दो वारदातों में बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से आकर महिलाओं के गले से मंगलसूत्र झपट लिया था। दोनों घटनाओं का तरीका एक जैसा होने से पुलिस को संगठित गिरोह की आशंका हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में सराय अकिल, करारी थाना और एसओजी/सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस लगातार आरोपियों के करीब पहुंच रही थी। 18 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तिल्हापुर-नहर मार्ग पर घेराबंदी की गई। संदिग्ध अपाचे बाइक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन बदमाश भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी मो. सैफ उर्फ बाटे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से दो सोने जैसे लाकेट, घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक और एक अन्य चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रयागराज और मंझनपुर से बाइक चोरी कर वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी पर पहले से ही चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।1
- माननीय अध्यक्ष महोदय जो कल तक चिल्ला चिल्ला कर प्रचार कर रहे थे1
- समस्त मीडिया क्लब पत्रकार भाइयों मित्रों को नवरात्रि की बहुत बहुत बधाई तथा शुभकामनाएं1
- #UGC_काला_कानून_वापस_लो1
- सफलता...कौशांबी पुलिस ने लगभग 22 लाख रू के 92 मोबाइल रिकवर कर मोबाइल स्वामियों को लौटाये 14 मोबाइल बरामद कर थाना कोखराज सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में प्रथम स्थान पर रहा ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशांबी...जनपद कौशाम्बी के सभी थानों की पुलिस टीम द्वारा भिन्न-भिन्न कम्पनियों के कुल 92 मोबाइल रिकवर कर मोबाइल स्वामियों को लौटाये गये है।सीईआईआर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल पर जनपद कौशाम्बी के विभिन्न थानों पर मोबाइल चोरी, स्नेचिंग व मोबाइल खोने आदि की प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए जनपद कौशाम्बी के समस्त थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस एवं मेनुअल इनपुट की सहायता से भिन्न-भिन्न कम्पनियों के कुल 92 मोबाइल जिनकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रू0 है, की बरामदगी की गई है। थानों पर नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर व सीसीटीएनएस पुलिस टीम द्वारा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। बरामद किये गये मोबाइल फोन को उनके स्वामियों की पहचान कर प्रदान किये गये हैं। गौरतलब हो कि सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल एक केन्द्रीकृत सिटीजन पोर्टल है, जिसकी सहायता से चोरी हुए, खोए हुये अथवा छीने गये मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा सकता है। आम जनता द्वारा स्वयं ही अपने मोबाइल खोने, चोरी होने आदि की सूचना ऑनलाइन सी ई आई आर की वेवसाइट ceir.gov.in पर दर्ज की जा सकती है। इसी प्रकार मोबाइल चोरी व खो जाने के सम्बन्ध में थानों पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों को सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कर ट्रैक किया जाता है। इस प्रकार पूरे भारत वर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकता अनुसार सम्बन्धित थानों को सूचित करते हुये बरामद करके मोबाइल स्वामी को सुपुर्द किया जाता है। सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में प्रथम स्थान, थाना कोखराज (14 मोबाइल ), द्वितीय स्थान थाना करारी (12 मोबाइल) व तृतीय स्थान थाना पश्चिम शरीरा व संदीपनघाट ( 11 मोबाइल ) पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा उत्साहवर्धन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।1
- Post by GOPAL JEE1
- कौशाम्बी जनपद में चायल विधानसभा के निवर्तमान विधायक माननीय संजय कुमार गुप्ता जी ने पत्रकारों से प्रयागराज में सवाल जवाब करते हुए चायल विधानसभा क्षेत्र को बताया कि मेरी विधानसभा मेरा परिवार है ।1
- कौशाम्बी।सर्किल चायल क्षेत्र की सड़कें इन दिनों मौत का रास्ता बन चुकी हैं। ओवरलोड डंपरों का आतंक इस कदर हावी है कि हर गुजरने वाला शख्स दहशत में है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई बड़े हादसे और लोगों की जान जाने के बाद भी प्रशासन और पुलिस की चुप्पी नहीं टूटी है। डंपर चालक बेखौफ होकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट पर मिट्टी पोत दी जाती है या कपड़े से ढक दिया जाता है, ताकि किसी भी कार्रवाई से आसानी से बचा जा सके। सवाल यह है कि जब ये *सब खुलेआम हो रहा है, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ रही..?* सूत्र इस पूरे खेल के पीछे ‘माहवारी’ का काला सच छिपा है। आरोप है कि तहसील प्रशासन और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते इन डंपरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।नतीजा यह है कि खनन से जुड़े ओवरलोड वाहन दिन-रात फर्राटे भर रहे हैं और कानून सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि कई बार हादसे हो चुके हैं, परिवार उजड़ चुके हैं, लेकिन हर बार कुछ दिन की हलचल के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। लोगों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं अगला नंबर उनका न हो। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है..? *या फिर ‘माहवारी’ के आगे पूरी व्यवस्था ने घुटने टेक दिए हैं..?* अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो चायल की सड़कें यूं ही खामोश गवाह बनती रहेंगी और *मौत का यह खेल लगातार जारी रहेगा..?*1
- Post by गुरु ज्ञान1