नेता का बेटा क्या जाने गरीबी, दुःख, दर्द जो चले मुख्यमंत्री बनने पटना : बिहार की फूटी किस्मत का अंदाज़ा आप इस बात से लगा लीजिये कि इस समय बिहार की राजनीति में जो शीर्ष चेहरे हैं वो हैं, सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव, चिराग पासवान और अब निशांत कुमार। विडंबना देखिये कि लोकतंत्र की जननी और समाजवाद व क्रांति की भूमि बिहार आज परिवारवाद पर टिकी है। सम्राट चौधरी, समता पार्टी और आरजेडी के पूर्व नेता शकुनी चौधरी के बेटे हैं। तेजस्वी यादव, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बेटे हैं। चिराग पासवान, पूर्व केंद्रीय मंत्री और एलजेपी संस्थापक रामविलास पासवान के बेटे हैं और निशांत कुमार, बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं। इन चारों नेताओं के पिता रसूखदार मंत्री या नेता रहे। इन सबने कभी गरीबी, लाचारी, संघर्ष और मेहनत को करीब से नहीं देखा। आज इन चारों नेताओं से उम्मीद की जा रही है कि वे बिहार जैसे गरीब राज्य को उसका हक दिलवाएंगे। ये कपोल कल्पना है। ये कभी नहीं हो सकता है। पक्ष हो या विपक्ष हर नेता अपने परिवार को आगे बढ़ाने में लगा है। जिन नेताओं को ज़मीनी गरीबी का अंदाज़ा ही नहीं है उनसे आप कैसी उम्मीद कर सकते हैं।
नेता का बेटा क्या जाने गरीबी, दुःख, दर्द जो चले मुख्यमंत्री बनने पटना : बिहार की फूटी किस्मत का अंदाज़ा आप इस बात से लगा लीजिये कि इस समय बिहार की राजनीति में जो शीर्ष चेहरे हैं वो हैं, सम्राट चौधरी, तेजस्वी यादव, चिराग पासवान और अब निशांत कुमार। विडंबना देखिये कि लोकतंत्र की जननी और समाजवाद व क्रांति की भूमि बिहार आज परिवारवाद पर टिकी है। सम्राट चौधरी, समता पार्टी और आरजेडी के पूर्व नेता शकुनी चौधरी के बेटे हैं। तेजस्वी यादव, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बेटे हैं। चिराग पासवान, पूर्व केंद्रीय मंत्री और एलजेपी संस्थापक रामविलास पासवान के बेटे हैं और निशांत कुमार, बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं। इन चारों नेताओं के पिता रसूखदार मंत्री या नेता रहे। इन सबने कभी गरीबी, लाचारी, संघर्ष और मेहनत को करीब से नहीं देखा। आज इन चारों नेताओं से उम्मीद की जा रही है कि वे बिहार जैसे गरीब राज्य को उसका हक दिलवाएंगे। ये कपोल कल्पना है। ये कभी नहीं हो सकता है। पक्ष हो या विपक्ष हर नेता अपने परिवार को आगे बढ़ाने में लगा है। जिन नेताओं को ज़मीनी गरीबी का अंदाज़ा ही नहीं है उनसे आप कैसी उम्मीद कर सकते हैं।
- पाकुड़ / झारखंड : झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, झारखण्ड प्रदेश के आह्वान पर मनरेगा कर्मियों के लंबित मांगों की पूर्ति न होने एवं झारखण्ड सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के द्वारा पाकुड़ जिला के सभी मनरेगा कर्मी ग्राम रोजगार सेवक, कम्प्युटर सहायक, लेखा सहायक, कनीय अभियंता, सहायक अभियंता एवं प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी 09 तारिक से 11 तारीख तक सांकेतिक हड़ताल पर चले गए एवं इस बीच सरकार के द्वारा लंबित माँगों पर विचार नहीं करने की स्थिति पर आगामी 12 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। मामले पर जिला अध्यक्ष अजीत कुमार टुडू ने बताया कि पूर्व में सरकार के द्वारा विभागीय ज्ञापांक- 13-107 / मन0से0स्था0 / 2020 / ग्रा०वि० (N) 1187 राँची, दिनांक- 08.10. 2025 के द्वारा सभी मनरेगा कर्मियों के मानदेय में 30 प्रतिशत वृद्धि एवं अन्य लाभ देने का निर्णय लिया गया था । लगभग 15 माह बीत जाने के बाद भी सरकार के द्वारा आज तक कोई विचार नहीं किया गया है। बाध्य होकर सभी मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का रूख किया गया। सभी ने मिलकर इस बाबत प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र सौंपा। ज्ञात हो इस हड़ताल से मनरेगा सहित अन्य कार्य पूरी तरह से ठप रहेगा जिसके कारण सरकार को अधिक बोझ पड़ेगी। एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमलोग से चेक नाका में भी कार्य लिया जाता है, मजबूरी में करना पड़ता है और बदनामी भी होती है। पूरी रात चेक नाका पर फिर दिन में प्रखंड मानो हमलोग इंसान है ही नहीं।3
- पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नाबालिग का अपहरण करने वाला आरोपी मोहन पहाड़िया गिरफ्तार, बच्ची सकुशल बरामद। "पाकुड़ नगर थाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी! नाबालिग बच्ची के अपहरण मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहन पहाड़िया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।" "लिट्टीपाड़ा के घाघ गांव का रहने वाला यह आरोपी, बच्ची को अगवा कर फरार था। नगर थाना कांड संख्या 41/26 के तहत पुलिस ने जाल बिछाया और न केवल आरोपी को दबोचा, बल्कि मासूम बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया है।"1
- अगर आप बजाज की गाड़ी खरीदने का इरादा बने हैं तो मात्र 9999 की डाउन पेमेंट पर आपके मनपसंद कोई भी गाड़ी घर ले जा सकते हैं परिवार में एक नई खुशियां शामिल कर सकते हैं? #BreakingNews #jharkhand1
- Post by CAppu NEWS1
- nandan pahalwan1
- रोड बन रहा है अलकतरा और तेल मिलाकर डाला जा रहा है मेनिया चेक बाईपास रोड और देखते हैं रोड कैसे बनता है और बनकर कैसे तैयार होता है1
- साहिबगंज। साहिबगंज में सोमवार की देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और प्रशासनिक सहायता देने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम होने के कारण NH -33 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलते ही मौके पर मुफस्सिल थाना के थाना प्रभारी अनीश पांडेय दल-बल के साथ पहुंचे, वहीं नगर थाना के पुलिस पदाधिकारी भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी अनीश पांडेय ने परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाया और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम को समाप्त कर दिया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात फिर से सामान्य हो गया।4
- पाकुड़ / झारखंड : मंगलवार का दिन नगर क्षेत्र में नगर प्रशासक अमरेंद्र चौधरी को चर्चा रही, दरअसल यह चर्चा उनके एक्शन मोड और बेहतर कार्य को लेकर था। आपको बता दे कि नगर क्षेत्र में चुनाव के पहले कई सड़क, नाला इत्यादियों का टेंडर निकाला गया था जिसकी कार्य कई जगह पूरा हो गया था और कई जगह मंगलवार को हो रहा था। ज्ञात हो कुछ जगहों से नगर प्रशासक को शिकायत आई थी कि कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रही है और क्या मंगलवार को क्षेत्र में विकास कार्यों का निरीक्षण करने खुद अमरेन्द्र कुमार चौधरी पहुंच गए। इस दौरान सहायक अभियंता पियूष शंकर, कनीय अभियंता विमल कुमार, अभिषेक सोरेन एवं शाहिद सिद्दीकी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर जाकर चल रहे निर्माण कार्यों का अस्थलीय निरीक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हुए संबंधित लोगों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। वही बेलतल्ला दुर्गा मंदिर के पास पहले से बने सड़क की गुणवत्ता में कमी के कारण प्रशासक ने फिर से उसी सड़क पर दो इंच का ढलाई करने का आदेश टीकेदार को दे दिया जिसकी कार्य भी मंगलवार को संपन्न हुई। सूत्रों की माने तो सड़क में गुणवत्ता नहीं होने के कारण प्रशासक ने साफ तौर पर कह दिया था कि अगर 2 इंच और सड़क की ढलाई नहीं हुई तो विभाग भुगतान नहीं करेगी। इस बात की तारीफ नगर परिषद क्षेत्र के सभी जगह बड़े जोर- शोर से हो रही है और लोगों का कहना है कि अगर ऐसे पदाधिकारी राज्य के हर जिला में तैनात हो जाए तो सरकार की योजनाएं गुणवत्तापूर्ण एवं अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंच पाएगी।3