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छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, यह जानकारी मिली है कि सभी पंपों पर टैंकर पहुंच गए हैं और आपूर्ति सामान्य है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें।
Lok seva kendra khairagarh Kcg
छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, यह जानकारी मिली है कि सभी पंपों पर टैंकर पहुंच गए हैं और आपूर्ति सामान्य है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। इस संभावित 'कांटोली' या कमी से आम जनता की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है, खासकर बालोद जैसे दूरस्थ इलाकों में। लोग सरकार से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं ताकि रोजमर्रा के जीवन पर असर न पड़े।2
- रायपुर में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और वे सरकार से जल्द सुनवाई की उम्मीद कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के सुशासन तिहार कार्यक्रम में रायपुर महापौर के एक बयान ने सबको चौंका दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंच खाली था और गेट बंद थे, तो जनता कान्हा से कैसे आती। महापौर के इस बयान ने राज्यभर में राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।1
- नवापारा राजिम के सदर रोड पर लगे जंग लगे बिजली खंभे को 'शुरु' ऐप में खबर प्रकाशित होने के बाद बिजली विभाग ने बदल दिया है। यह खंभा कभी भी गिर सकता था, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को गंभीर खतरा बना हुआ था। विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और सुरक्षा को लेकर चिंता समाप्त हो गई है।2
- कान्हा की नगरी वृंदावन में एक महिला IPS अधिकारी आम श्रद्धालु के वेश में पहुंचीं। उन्होंने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया इनपुट्स की पड़ताल की, जिससे हड़कंप मच गया।1
- कवर्धा के ग्राम पंचायत कोठार में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार और दबंगई के गंभीर आरोप लगे हैं। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और अब उपसरपंच व पंचों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- रायपुर के राज टॉकीज में अब आप अपनी पसंदीदा फिल्म या शो के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। दर्शक अपनी सीट जल्दी बुक करके मनोरंजन का भरपूर आनंद ले सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 32 साल से रह रहे आदिवासी परिवार आज भी जमीन के अधिकार, आवास और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकारी योजनाओं के तहत राशि स्वीकृत होने के बावजूद, वन विभाग की रोक के कारण उन्हें पक्के मकान नहीं मिल पा रहे हैं। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को उजागर करती है, जहाँ ये परिवार न्याय का इंतजार कर रहे हैं।3
- धमतरी के दुधवारा गाँव में घरों के पास जमा कूड़ा-कचरा ग्रामीणों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर रहा है। बारिश के मौसम में बढ़ती बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, जिससे बीमारियाँ फैलने का डर है। स्थानीय प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की गई है।1