मध्य प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना' आगर-मालवा जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके परिवारों का जीवन स्तर भी बेहतर कर रही है। आगर जिले के वार्ड क्रमांक 13 की रहने वाली एक साधारण गृहणी श्रीमती प्रेमलता सोलंकी की कहानी इस योजना की सफलता का एक बड़ा प्रमाण है। प्रेमलता सोलंकी ने अपने दृढ़ संकल्प और सूझबूझ से न केवल खुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि अपने पूरे परिवार को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है। प्रेमलता जी के परिवार में उनके पति, 1 पुत्री, 2 पुत्र, 2 बहुएं और 4 पोते-पोतियां हैं। एक समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सामान्य थी, जिसे बेहतर बनाने का संकल्प उन्होंने लिया था। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना शुरू होने के बाद उनके खाते में आने वाली मासिक राशि उनके लिए स्वावलंबन का आधार बनी। उन्होंने इस राशि को केवल खर्च नहीं किया, बल्कि इसे भविष्य के लिए निवेश के रूप में देखा। प्रेमलता ने योजना से मिली राशि को जोड़कर अपने पति के लिए एक छोटी दुकान यानी 'गुमटी' खरीदकर दी, जिससे उनके पति को स्वरोजगार मिला और घर की आय का एक स्थायी जरिया बन गया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी बेटी के हुनर को बढ़ावा देने के लिए उसे एक सिलाई मशीन भी लेकर दी। इस सूझबूझ के आज बेहद सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं और उनका पूरा परिवार खुशहाल है। उनकी बेटी अब सिलाई के काम से आत्मनिर्भर बन रही है और पति की दुकान से घर की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। प्रेमलता जी गर्व से कहती हैं, "लाडली बहना योजना ने न केवल मुझे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि मेरे पूरे परिवार के जीवन में खुशहाली ला दी है।"
मध्य प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना' आगर-मालवा जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके परिवारों का जीवन स्तर भी बेहतर कर रही है। आगर जिले के वार्ड क्रमांक 13 की रहने वाली एक साधारण गृहणी श्रीमती प्रेमलता सोलंकी की कहानी इस योजना की सफलता का एक बड़ा प्रमाण है। प्रेमलता सोलंकी ने अपने दृढ़ संकल्प और सूझबूझ से न केवल खुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि अपने पूरे परिवार को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है। प्रेमलता जी के परिवार में उनके पति, 1 पुत्री, 2 पुत्र, 2 बहुएं और 4 पोते-पोतियां हैं। एक समय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सामान्य थी, जिसे बेहतर बनाने का संकल्प उन्होंने लिया था। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना शुरू होने के बाद उनके खाते में आने वाली मासिक राशि उनके लिए स्वावलंबन का आधार बनी। उन्होंने इस राशि को केवल खर्च नहीं किया, बल्कि इसे भविष्य के लिए निवेश के रूप में देखा। प्रेमलता ने योजना से मिली राशि को जोड़कर अपने पति के लिए एक छोटी दुकान यानी 'गुमटी' खरीदकर दी, जिससे उनके पति को स्वरोजगार मिला और घर की आय का एक स्थायी जरिया बन गया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी बेटी के हुनर को बढ़ावा देने के लिए उसे एक सिलाई मशीन भी लेकर दी। इस सूझबूझ के आज बेहद सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं और उनका पूरा परिवार खुशहाल है। उनकी बेटी अब सिलाई के काम से आत्मनिर्भर बन रही है और पति की दुकान से घर की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। प्रेमलता जी गर्व से कहती हैं, "लाडली बहना योजना ने न केवल मुझे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया, बल्कि मेरे पूरे परिवार के जीवन में खुशहाली ला दी है।"
- आगर मालवा जिले के सुसनेर में डग रोड पर शनिवार दोपहर 12:30 बजे नगर परिषद द्वारा एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी और भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने सभी पार्षदों व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर 50 पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जैन, सांसद प्रतिनिधि मुकेश हरदेनिया, पार्षद टोनी शेख, पार्षद प्रतिनिधि युगल किशोर परमार, दिलीप जैन, जितेंद्र सावँला, अर्जुन जादमे और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इसी क्रम में नगर परिषद परिसर में भी पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह की उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों द्वारा पौधारोपण किया गया।1
- झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में जलदाय विभाग की भारी लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छोटी काली सिंध नदी से की जा रही जलापूर्ति के जरिए नलों में बेहद गंदा, बदबूदार और कीड़े युक्त पानी पहुंच रहा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही किसी अन्य घरेलू काम में इस्तेमाल करने लायक बचा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। मानसून के मौसम में आपूर्ति हो रहे इस दूषित पानी के चलते अब कस्बे में डायरिया और पीलिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। मामले पर संज्ञान लेते हुए कनिष्ठ अभियंता राम खिलाड़ी मीणा ने सफाई देते हुए कहा है कि टंकी और सप्लाई लाइन की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने समस्या को जल्द ही ठीक करने का आश्वासन दिया है।1
- पिड़ावा उपखंड के ओडियाखेड़ी गांव में गोस्वामी समाज के समाधि स्थल पर लगी तार फेंसिंग को तोड़ने का मामला सामने आया है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण की नीयत से दो महिलाओं ने शुक्रवार को समाधि स्थल की सुरक्षा के लिए लगाए गए खंभों और तार फेंसिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से गोस्वामी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के लोगों ने एकजुट होकर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया और तहसीलदार को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी परंपरागत समाधि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में महंत छितरपूरी, मनीष, संदीप, रामेश्वर गोस्वामी, भेरूपुरी, बाबूलाल, सत्यनारायण, मोहनलाल, जगदीश, सूरज, रामगोपाल, रामलाल, नंदलाल, कमलेश, कारू लाल और ओमप्रकाश सहित समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।1
- उज्जैन जिले के घटिया क्षेत्र में मकान मालिकों के लिए मिस्त्री खोजने की प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव दिया गया है। जो लोग निर्माण कार्य के लिए मिस्त्री की तलाश कर रहे हैं, वे इस प्रकार से संपर्क कर अपने आसपास से ही मिस्त्री प्राप्त कर सकते हैं।1
- झालावाड़ जिले में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। डग में विकास अधिकारी के पद पर प्रभुलाल वर्मा की नियुक्ति की गई है, जबकि लंबे समय से रिक्त चल रहे डग तहसीलदार के पद पर हरिकिशन को तैनात किया गया है। गंगधार में भी प्रशासन ने अहम बदलाव किए हैं। राधेश्याम पंकज को गंगधार का नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। साथ ही, ACBEO रमेश वर्मा के स्थान पर बाबूलाल चौहान अब पदभार ग्रहण करेंगे। पुलिस प्रशासन में भी फेरबदल करते हुए गंगधार थाने की कमान किशोर सिंह को सौंपी गई है। इन बदलावों के तहत डग, गंगधार और उन्हेल थाने के कई अन्य पुलिसकर्मियों का भी दूसरे स्थानों पर स्थानांतरण किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की जनसभा आयोजित की गई। इस विशाल जनसभा में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।2
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया स्थित जगदीश मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में खाती समाज और सर्व हिंदू समाज के सैकड़ों महिला एवं पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाती समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर देथलिया ने शिरकत की।1
- शाजापुर के डासी रोड स्थित गणेश मंदिर के पास आवारा कुत्तों के हमले से घायल एक असहाय वानर को गौरक्षा सेना के सदस्यों ने सुरक्षित बचा लिया। गौरक्षा सेना के नगर महासचिव हर्षित परमार को गणेश मंदिर के पास घायल वानर के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे अक्षय गुर्जर और जय गुर्जर के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां वानर के शरीर पर कुत्तों के हमले के गहरे निशान थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले इस वानर को करंट लग गया था, जिससे उसके चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो गई थी और वह अपने झुंड से अलग हो गया था। इसी लाचारी का फायदा उठाकर आवारा कुत्तों ने उसे घेरकर घायल कर दिया। गौरक्षा सेना के सदस्यों ने सूझबूझ से वानर को सुरक्षित पकड़ा और दोपहिया वाहन के जरिए तत्काल शाजापुर पशु चिकित्सालय पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने वानर का प्राथमिक उपचार किया। प्राथमिक इलाज के बाद वानर की आगे की देखभाल और आवश्यक निगरानी के लिए उसे गौ उपचार केंद्र, कांजी हाउस लाया गया है, जहां उसका उपचार लगातार जारी है।9