बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है। इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।
बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है। इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।
- बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है। इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।1
- बरौनी नगर परिषद में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में आलोक कुमार ने जीत हासिल की है।1
- पूर्व विधायक अजय कुमार बुलगाणी ने हाल ही में हुई एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकार पर किया गया हमला असल में लोकतंत्र पर हमला है।1
- राबड़ी आवास से संबंधित नोटिस को लेकर राजद प्रवक्ता बंटू सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। बंटू सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि तेजस्वी यादव इस मामले में झुकने वाले नहीं हैं।1
- बेगूसराय के नीमा उच्च माध्यमिक विद्यालय में कलाम साहेब फाउंडेशन ने एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और रक्तदान कर मानवता की एक मिसाल पेश की। Mobile TV News के संवाददाता रवि भारद्वाज ने कार्यक्रम स्थल से इस आयोजन की विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोजकों ने इस दौरान यह भी बताया कि रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद की जान बचा सकती है, और इसी के साथ उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।1
- बेगूसराय सदर प्रखंड के सूजा पंचायत के वार्ड नंबर 1 स्थित फूटानी चौक पर गैस से लगने वाली आग से बचाव और सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों और पंचायत जनप्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस पहल में पंचायत के सैकड़ों लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, लीडिंग फायरमैन गौतम कुमार ने उपस्थित लोगों को आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने सभी से नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने का आग्रह किया, जिससे आग से होने वाले खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह आयोजन लोगों को जागरूक करने की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई, जिससे वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। इस अवसर पर सूजा पैक्स अध्यक्ष डॉ. शंकर शर्मा, शिक्षक मिंटू कुमार शर्मा, राम बाबू पंडित, दिलीप कुमार, रितेश झा, रविंदर महतो, पंचायत समिति सदस्य उपेंद्र राम और चंदन साह सहित सैकड़ों अन्य लोग मौजूद रहे।2
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के डुमरी दक्षिणी पंचायत अंतर्गत चपरा गांव में होली के दिन हुई गोलीबारी की घटना में फरार चल रहे नामजद अभियुक्त के विरुद्ध पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। न्यायालय के आदेश पर रविवार को मोहनपुर थाना पुलिस ने अभियुक्त राजीव राय के घर इश्तेहार चस्पा किया, जिसमें उसे निर्धारित समय के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई मोहनपुर थाना कांड संख्या 48/25 से संबंधित है, जिसमें चपरा गांव निवासी राजीव राय (पिता- महेश राय) को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। आरोप है कि 14 मार्च 2025 को होली के दिन राजीव राय ने गांव के पप्पू कुमार राय (पिता- स्वर्गीय सुखदेव राय) पर जानलेवा हमला करते हुए गोलीबारी की थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष के आवेदन पर मोहनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें कुल पांच लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। घटना के बाद से राजीव राय लगातार फरार है और पुलिस की कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। अभियुक्त के लगातार फरार रहने के कारण न्यायालय ने उसके विरुद्ध इश्तेहार जारी किया था। रविवार को अनुसंधानकर्ता सह अपर थानाध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्त के घर पहुंचकर न्यायालय के आदेशानुसार इश्तेहार चस्पा किया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि राजीव राय तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो न्यायालय के आदेशानुसार उसकी चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि फरार अभियुक्तों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है और कानून से बचने का प्रयास करने वाले किसी भी आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई को फरार अभियुक्त पर दबाव बनाने और उसे न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और इसे लेकर क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है।1