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मधेपुरा के आलमनगर सोनबरसा में रोड की हालत पूरी तरह से बंजर हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में बहुत समस्या हो रही है। आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसे देखकर यहाँ की बदहाली का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।
Pintu Bihari
मधेपुरा के आलमनगर सोनबरसा में रोड की हालत पूरी तरह से बंजर हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में बहुत समस्या हो रही है। आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसे देखकर यहाँ की बदहाली का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।
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- सहरसा जिला के पतरघट प्रखंड कार्यालय के सभागार में भूमि विवाद को लेकर एक दिवसीय जनता दरबार का आयोजन किया गया। अंचल राजस्व पदाधिकारी जयंती झा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में संविदा लिपिक कौशल किशोर यादव, उच्च वर्गीय लिपिक कामाख्या यादव और पतरघट थाना से प्रतिनियुक्ति पदाधिकारी पीटीसी धर्मवीर चौधरी उपस्थित रहे। इस जनता दरबार में कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर ही तीन आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। इसके अलावा, कुछ लोगों को सक्षम न्यायालय जाने का निर्देश दिया गया। सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों की भूमि और राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निष्पादन करना था। दिनभर चले इस आयोजन में पतरघट प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी-अपनी शिकायतें और आवेदन लेकर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने जमीन की जमाबंदी में सुधार, अतिक्रमण, सीमांकन और दाखिल-खारिज में हो रही देरी को लेकर अपनी समस्याएं रखीं और इस पर गहरा दुख जाहिर किया।2
- बिहार के भोजपुर में कार्यरत एक शारीरिक शिक्षक ने अपनी मेहनत के दम पर मुक्केबाजी की दुनिया में एक अनोखी पहचान बनाई है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय अलेखिटोला, बड़हरा में तैनात शारीरिक शिक्षक अनुदेशक रमेश कुमार के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण में अब तक 20 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो चुके हैं। उनके शिष्यों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 से ज्यादा पदक जीते हैं और पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। इतनी बड़ी और गौरवशाली सफलता हासिल करने के बावजूद, बिहार के इस बॉक्सिंग गुरु को आज भी मात्र ₹16,500 का मासिक मानदेय ही मिल रहा है। समर्पण, कठिन संघर्ष और खेल के प्रति उनके अटूट जुनून की यह कहानी हर किसी को गहराई से प्रेरित करती है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।1
- बिहार के भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ, भागलपुर जिला पुलिस और कोलकाता एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध मिनीगन फैक्ट्री का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पांच हथियार कारीगरों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। जब्त किए गए सामानों में एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल बॉडी, चार जिंदा कारतूस, एक एयरगन, एक लेथ मशीन, एक बोरिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन, दो ग्राइंडर मशीनें, एक ड्रिल बेस, छह ड्रिल बिट और एक अर्द्धनिर्मित बैरल शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने मौके से दो गैस सिलेंडर, दो मोटरसाइकिल, आठ मोबाइल फोन तथा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध हथियार निर्माण नेटवर्क के तार किन-किन लोगों और क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।1
- भागलपुर के कहलगांव से जुड़े एक संदेश में लोगों से नौकरी की जानकारी के लिए यूट्यूब पर बने रहने की अपील की गई है। इस संदेश में बताया गया है कि यह जॉब केवल 10वीं पास लोगों के लिए है और उन्हें इस जॉब के लिए जल्दी से अपनी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। यदि किसी को इस संबंध में और अधिक जानकारी चाहिए, तो वे कमेंट कर सकते हैं, जिसके बाद उन्हें सीधे लिंक भेज दिया जाएगा।1
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- सहरसा जिला के पतरघट प्रखंड कार्यालय के सभागार में भूमि विवाद को लेकर एक दिवसीय जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार की अध्यक्षता अंचल राजस्व पदाधिकारी जयंती झा द्वारा की गई। सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों की भूमि और राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निष्पादन करना था। दिनभर चले इस जनता दरबार में पतरघट प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और आवेदन लेकर पहुंचे। कुल प्राप्त 17 आवेदनों में से तीन आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि कुछ लोगों को सक्षम न्यायालय जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमीन की जमाबंदी में सुधार, अतिक्रमण, सीमांकन और दाखिल-खारिज में हो रही देरी को लेकर अपना दुख जाहिर किया। इस मौके पर संविदा लिपिक कौशल किशोर यादव, उच्च वर्गीय लिपिक कामाख्या यादव और पतरघट थाना से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी पीटीसी धर्मवीर चौधरी भी उपस्थित रहे।2
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत चन्दौर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 4 से होते हुए वार्ड नंबर 3 को जोड़ने वाला सड़क मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी से तंग आकर आखिरकार स्थानीय युवाओं ने खुद कमान संभाली है। युवाओं ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने निजी कोष से इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। इस पहल को लेकर स्थानीय युवाओं में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। युवाओं का साफ कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों को जनता के दुख-दर्द से रत्ती भर भी कोई मतलब नहीं है। वे केवल ऐसी ही योजनाओं का संचालन करने में रुचि रखते हैं जिसमें उनका अपना कमीशन बने और उनकी जेब गर्म हो सके। हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क मार्ग से पंचायत के कई जनप्रतिनिधि भी नियमित रूप से गुजरते हैं, लेकिन वे पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग यहां आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। युवाओं ने बताया कि जब दूसरे गांवों के लोग इस बेहद खराब सड़क मार्ग से गुजरते थे, तो वे पूरे पंचायत वासियों को कोसते थे और भद्दी गालियां देते थे कि यहां के लोग कैसे हैं जो एक सड़क तक नहीं बनवा सकते। इस सामाजिक अपमान और शर्म के कारण स्थानीय युवाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे खुद के पैसों से ही इस सड़क का निर्माण करवाएंगे। युवाओं का कहना है कि उनके इस कदम के बाद भी पंचायत के संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों को अपनी नाकामी पर जरा भी शर्म नहीं आ रही है।1
- Post by User57291