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सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

10 hrs ago
user_मिथिलेश कुमार
मिथिलेश कुमार
Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
10 hrs ago

सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

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  • सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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    सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में शनिवार को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा नए नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन कर किसान आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं। इन नियमों के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद उन्हें जरूरत के अनुसार सरकारी दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई खाद विक्रेता गड़बड़ी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि पहले बिना जरूरत वाले लोग भी यूरिया लेकर उसकी कालाबाजारी करते थे, जिससे किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती थी। इसी शोषण को रोकने और किसानों को उचित मूल्य पर खाद दिलाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    10 hrs ago
  • Post by User5729
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    Post by User5729
    user_User5729
    User5729
    Taxi Driver सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    17 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?
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    बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था।

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    22 hrs ago
  • सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।
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    सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।
    user_Ayush Kumar
    Ayush Kumar
    सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा, बिहार•
    22 hrs ago
  • बिहार के सहरसा जिला अंतर्गत महिषी प्रखंड के कोशी पीड़ित गांवों में पानी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने के कारण बहोरवा-बेलडावर पथ पर परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया है।
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    बिहार के सहरसा जिला अंतर्गत महिषी प्रखंड के कोशी पीड़ित गांवों में पानी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने के कारण बहोरवा-बेलडावर पथ पर परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया है।
    user_पत्रकार हेमंत चौधरी
    पत्रकार हेमंत चौधरी
    महिषी, सहरसा, बिहार•
    22 hrs ago
  • मधेपुरा के आलमनगर सोनबरसा में रोड की हालत पूरी तरह से बंजर हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में बहुत समस्या हो रही है। आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसे देखकर यहाँ की बदहाली का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।
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    मधेपुरा के आलमनगर सोनबरसा में रोड की हालत पूरी तरह से बंजर हो चुकी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में बहुत समस्या हो रही है। आलमनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 में रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसे देखकर यहाँ की बदहाली का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।
    user_Pintu Bihari
    Pintu Bihari
    Farmer Alamnagar, Madhepura•
    3 hrs ago
  • सुपौल के त्रिवेणीगंज में एक बेहद छोटा लड़का बीड़ी पीता हुआ दिखाई दे रहा है। दोस्तों को संबोधित करते हुए इस दृश्य को देखने के लिए कहा जा रहा है कि कैसे इतना छोटा लड़का बीड़ी पी रहा है।
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    सुपौल के त्रिवेणीगंज में एक बेहद छोटा लड़का बीड़ी पीता हुआ दिखाई दे रहा है। दोस्तों को संबोधित करते हुए इस दृश्य को देखने के लिए कहा जा रहा है कि कैसे इतना छोटा लड़का बीड़ी पी रहा है।
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Graphic designer त्रिवेणीगंज, सुपौल, बिहार•
    4 hrs ago
  • सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत चन्दौर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 4 से होते हुए वार्ड नंबर 3 को जोड़ने वाला सड़क मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी से तंग आकर आखिरकार स्थानीय युवाओं ने खुद कमान संभाली है। युवाओं ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने निजी कोष से इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। इस पहल को लेकर स्थानीय युवाओं में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। युवाओं का साफ कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों को जनता के दुख-दर्द से रत्ती भर भी कोई मतलब नहीं है। वे केवल ऐसी ही योजनाओं का संचालन करने में रुचि रखते हैं जिसमें उनका अपना कमीशन बने और उनकी जेब गर्म हो सके। हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क मार्ग से पंचायत के कई जनप्रतिनिधि भी नियमित रूप से गुजरते हैं, लेकिन वे पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग यहां आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। युवाओं ने बताया कि जब दूसरे गांवों के लोग इस बेहद खराब सड़क मार्ग से गुजरते थे, तो वे पूरे पंचायत वासियों को कोसते थे और भद्दी गालियां देते थे कि यहां के लोग कैसे हैं जो एक सड़क तक नहीं बनवा सकते। इस सामाजिक अपमान और शर्म के कारण स्थानीय युवाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे खुद के पैसों से ही इस सड़क का निर्माण करवाएंगे। युवाओं का कहना है कि उनके इस कदम के बाद भी पंचायत के संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों को अपनी नाकामी पर जरा भी शर्म नहीं आ रही है।
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    सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत चन्दौर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 4 से होते हुए वार्ड नंबर 3 को जोड़ने वाला सड़क मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी से तंग आकर आखिरकार स्थानीय युवाओं ने खुद कमान संभाली है। युवाओं ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने निजी कोष से इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है।

इस पहल को लेकर स्थानीय युवाओं में पंचायत के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। युवाओं का साफ कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों को जनता के दुख-दर्द से रत्ती भर भी कोई मतलब नहीं है। वे केवल ऐसी ही योजनाओं का संचालन करने में रुचि रखते हैं जिसमें उनका अपना कमीशन बने और उनकी जेब गर्म हो सके। हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क मार्ग से पंचायत के कई जनप्रतिनिधि भी नियमित रूप से गुजरते हैं, लेकिन वे पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग यहां आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

युवाओं ने बताया कि जब दूसरे गांवों के लोग इस बेहद खराब सड़क मार्ग से गुजरते थे, तो वे पूरे पंचायत वासियों को कोसते थे और भद्दी गालियां देते थे कि यहां के लोग कैसे हैं जो एक सड़क तक नहीं बनवा सकते। इस सामाजिक अपमान और शर्म के कारण स्थानीय युवाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि वे खुद के पैसों से ही इस सड़क का निर्माण करवाएंगे। युवाओं का कहना है कि उनके इस कदम के बाद भी पंचायत के संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों को अपनी नाकामी पर जरा भी शर्म नहीं आ रही है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    10 hrs ago
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