सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैराबाद में एक डॉक्टर पर किसान के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि डॉक्टर ने किसान से बातचीत के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक जिम्मेदार चिकित्सक की पद और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इस घटना से स्थानीय किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार बेहद आवश्यक है, और यदि डॉक्टर ही अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे तो इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होगी तथा आम जनता का भरोसा कम होगा। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। किसानों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सीतापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएचसी खैराबाद परिसर में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। किसानों ने सम्मान और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैराबाद में एक डॉक्टर पर किसान के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि डॉक्टर ने किसान से बातचीत के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक जिम्मेदार चिकित्सक की पद और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इस घटना से स्थानीय किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार बेहद आवश्यक है, और यदि डॉक्टर ही अभद्र भाषा का प्रयोग करेंगे तो इससे स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होगी तथा आम जनता का भरोसा कम होगा। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। किसानों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सीतापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएचसी खैराबाद परिसर में एक विशाल किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। किसानों ने सम्मान और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष, माननीय विश्वनाथ जी ने 21 जून 2026 को लखनऊ के मलिहाबाद स्थित गोशा लालपुर का दौरा किया, जहाँ पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण मलिहाबाद के विश्व प्रसिद्ध आमों की एक भव्य दावत रही, जिसका मंत्री जी ने बागों के बीच बैठकर भरपूर आनंद लिया। आमों का स्वाद लेने के बाद मंत्री विश्वनाथ जी काफी प्रफुल्लित दिखे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि, "मलिहाबाद के आमों की मिठास पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन इस बाग की पावन मिट्टी में बैठकर इन आमों को खाने का अनुभव ही अलग है। यहाँ के आमों की मिठास में हमारे मेहनती किसानों का पसीना और मलिहाबाद की असली संस्कृति रची-बसी है।" इस आयोजन में भारतीय संविधान सम्मान समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष बौद्धमती विमला देवी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, जिन्होंने मलिहाबाद के आमों की गुणवत्ता की सराहना की और क्षेत्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। गोशा लालपुर में आयोजित इस शानदार आम पार्टी की मेजबानी विधायक प्रतिनिधि मेवालाल द्वारा की गई। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप देने और अतिथियों की सेवा में सतीश कुमार सिंह ने विशेष सक्रियता दिखाई। उनकी देखरेख में संपन्न हुए इस मिलन समारोह ने न केवल उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि क्षेत्रवासियों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे की मिठास को भी और गहरा कर दिया। इस अवसर पर सौरभ कांत यादव (कोटेदार) समेत क्षेत्र के अनेक सम्मानित प्रबुद्ध जन और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मलिहाबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह भाटी और चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा का कड़ा पहरा रखा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। मलिहाबाद के गोशा लालपुर में हुआ यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता के प्रति एक शानदार मिसाल बनकर सामने आया है।1
- जिम्मेदार अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह शिकायत की गई है कि नालियों में भारी गंदगी और कीड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के नारे लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहाँ साफ-सफाई के दावों के बीच गंदगी खुलकर नजर आ रही है।1
- राजधानी लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह की सक्रियता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लेकिन अब इस बड़े खुलासे के बाद नाका पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही बेहद गंभीर और दागदार करने वाले आरोप लग रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नाका पुलिस ने चेकिंग के दौरान विभागीय सतर्कता के आधार पर चार फर्जी बिजली कर्मियों को दबोचा था। पकड़े गए आरोपियों में खुद को फर्जी SDO बताने वाला मकसूद आलम, फर्जी J.E. आफताब आलम और उनके दो फर्जी कर्मचारी शाहबाज व रेहान शामिल थे। हालांकि, इस बड़े भंडाफोड़ के बाद नाका थाना पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के बजाय 'खेल' कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने गिरोह के दो सदस्यों से ₹30-30 हजार की मोटी रकम (कुल ₹60,000) ऐंठकर उन्हें चुपचाप थाने से रिहा कर दिया। परिणामस्वरूप, जहां जनता को ठगने वाले पूरे गिरोह को जेल भेजा जाना चाहिए था, वहीं पुलिस की इस कथित मेहरबानी के कारण दो शातिर जालसाज आज भी खुलेआम बाहर घूम रहे हैं। इस पूरे लेनदेन और फर्जीवाड़े की पड़ताल करने के लिए जब स्थानीय पत्रकारों ने नाका थाना प्रभारी के सरकारी CUG मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने ज़िम्मेदारी भरा जवाब देने के बजाय फोन को डिस्कनेक्ट कर दिया। विभागीय नियमों के अनुसार, पुलिस प्रभारियों को सरकारी CUG नंबर इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे पीड़ित जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण कर सकें और मीडिया को सही तथ्यों से अवगत करा सकें। लेकिन नाका थाने में CUG नंबर पर यह रवैया साफ दर्शाता है कि मामले में कुछ ऐसा है जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। यह गिरोह खुद को बिजली विभाग (लेसा) की रेड टीम या प्रवर्तन दल बताकर सीधे उपभोक्ताओं के घरों और दुकानों में घुस जाता था। ये लोग मीटर में कमियां निकालने या बिजली चोरी का फर्जी केस बनाने का डर दिखाकर आम जनता से मौके पर ही हजारों रुपये की अवैध वसूली करते थे। हालांकि, पुलिस विभाग की तरफ से इस खबर को लेकर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।1
- Post by Suresh Kumar1
- ग्राम पंचायत गोडवा बरौकी माल में विश्व योग दिवस के अवसर पर अमृत सरोवर के पास एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान प्रशासक श्री वीरेंद्र शुक्ला सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ सभी ने मिलकर विभिन्न योग क्रियाएं कीं। शिविर में पंचायत सहायक विमल अवस्थी, मंगल प्रसाद, रामस्वरूप, होरीलाल, रमेश अवस्थी और विनोद सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। ग्राम प्रधान वीरेंद्र शुक्ला ने इस अवसर पर योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "करें योग, रहें निरोग।" उन्होंने बताया कि योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ रखता है और उसे बीमारियों से दूर रहने में मदद करता है। अमृत सरोवर के पास का शांत और प्राकृतिक वातावरण योग के लिए बेहद अनुकूल था। कार्यक्रम स्थल पर किए गए पौधरोपण और सरोवर की सुंदरता ने पूरे आयोजन की शोभा और बढ़ा दी।2
- उन्नाव जिले के कुंडा मुजरा सकरौली गाँव में बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते बिजली की लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इन खराब हो चुकी लाइनों के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हुआ, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के समय बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटर के भीतर मौजूद थे, जिससे घटनास्थल पर तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेजी से फैलते धुएं और आग के कारण कई छात्रों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपनी जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। इस घटना में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और घायलों के समुचित उपचार के साथ-साथ बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।1