अमेठी में संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे मुरारपुर मजरे उत्तरगांव निवासी 22 वर्षीय अभय नन्द की सोमवार सुबह सरकारी टंकी की सफाई करते समय करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, तब तक वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजेंगे। मृतक के पिता शीतला प्रसाद द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने अभय नन्द को मजदूरी के लिए बुलाया था। आरोप है कि उसे सीढ़ी और अन्य सामान के साथ सरकारी टंकी की सफाई के लिए मौके पर ले जाया गया। सफाई के दौरान वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में मौके पर मौजूद लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुँचे और शव को घर ले आए। परिजनों का आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना ही युवक से टंकी की सफाई करवाई गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस गाँव पहुँची और जाँच शुरू की। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जाँच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। देर शाम तक गाँव में लोगों की भीड़ जुटी रही, क्योंकि परिजनों ने अपनी मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम न करवाने के अपने रुख को दोहराया।
अमेठी में संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे मुरारपुर मजरे उत्तरगांव निवासी 22 वर्षीय अभय नन्द की सोमवार सुबह सरकारी टंकी की सफाई करते समय करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, तब तक वे शव को
पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजेंगे। मृतक के पिता शीतला प्रसाद द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने अभय नन्द को मजदूरी के लिए बुलाया था। आरोप है कि उसे सीढ़ी और अन्य सामान के साथ सरकारी टंकी की सफाई के लिए मौके पर ले जाया गया। सफाई के दौरान वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे
वह गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में मौके पर मौजूद लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुँचे और शव को घर ले आए। परिजनों का आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना ही युवक से टंकी की सफाई करवाई गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के
खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस गाँव पहुँची और जाँच शुरू की। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जाँच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। देर शाम तक गाँव में लोगों की भीड़ जुटी रही, क्योंकि परिजनों ने अपनी मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम न करवाने के अपने रुख को दोहराया।
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पोस्ट में 'जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय. महाकाल' के जयकारों को दोहराया गया है। यह उद्घोष महाकाल के प्रति भक्तिभाव व्यक्त करता है।1
- थाना आसपुर देवसरा पुलिस ने एक सराहनीय कार्रवाई करते हुए चेकिंग के दौरान नशीले पदार्थ एमडी (मेथामफेटामाइन ड्रग्स) की तस्करी करते हुए पाँच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक चार पहिया अर्टिगा कार और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस पूरी घटना और नशीले पदार्थ एमडी की तस्करी के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने विस्तृत जानकारी दी है।1
- मोस्ट निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद ने विधानसभा 190 लंभुआ से अपनी बात रखते हुए हुंकार भरी। उन्होंने अपनी पहचान बताते हुए कहा कि भले ही उनकी कर्मभूमि एम.जी.एस. इंटर कॉलेज, सिविल लाइन, सुल्तानपुर है, लेकिन वे लंभुआ में गोमती नदी की गोद में पले-बढ़े हैं, और इस क्षेत्र के सभी लोग उनके अपने हैं।1
- चुनावी सरगर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने मतदाताओं के रुझान पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लोग अभी भी वोट के महत्व को नहीं समझ रहे हैं और 'भौकाल वाले आदमी' को प्राथमिकता दे रहे हैं। निषाद के अनुसार, यदि 'भौकाल वाला' व्यक्ति चुनाव जीतता है, तो वह केवल अपने खर्च किए गए पैसे और संसाधनों की वसूली करेगा, जिसमें उसकी गाड़ियों का डीजल खर्च भी शामिल है, जिससे आम जनता को कोई लाभ नहीं होगा। लोकतंत्र की मूल भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें हर कोई चुनाव लड़ने और विधायक बनने का अधिकार रखता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति यह है कि जिसके पास पैसा या 'भौकाल' नहीं है, उसे लोग गंभीरता से नहीं लेते। निषाद ने सीधे मतदाताओं से सवाल किया कि उन्हें 'भौकाली आदमी' चाहिए या 'सही आदमी', और यह तय करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर छोड़ दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन चुनावी हलचलों के बीच वह स्वयं लोगों के दिलों में अपनी जगह बना पाएंगे।1
- महाराजा कंसा पासी किले को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच, पूर्व विधायक राकेश सिंह ने पासी समाज के समर्थन में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और उसके सम्मान की रक्षा के लिए वे हर संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे।1
- प्रतापगढ़ जिले में सांडवा चंडिका के खैरा गौरबारी ग्राम सभा स्थित खेवन का पुरवा, जो 'छोटी काशी' के नाम से मशहूर है, वहाँ 15 दिवसीय शिवमहापुराण कथा यज्ञ में इन दिनों आस्था और भक्ति की रसधार बह रही है। इस आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कथा के छठवें दिन वृन्दावन धाम से पधारे कथा मर्मज्ञ व्यास आचार्य श्री पूर्ण चैतन्य जी महाराज ने माता पार्वती और भगवान शिव के वियोग का प्रसंग सुनाया। व्यास जी के इस सजीव वर्णन को सुनकर कथा पंडाल में उमड़ी भक्तों की भीड़ भाव विभोर हो गई। इस दौरान कथा व्यास ने मनुष्य जीवन में त्याग के महत्व को बताते हुए उसकी सार्थकता और आध्यात्मिकता पर भी विशेष बल दिया। कथा श्रवण के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़ के लिए कथा आयोजक श्री राम ललल त्रिपाठी, श्री राम संजीवन त्रिपाठी और राम मिलन त्रिपाठी द्वारा दिव्य एवं भव्य व्यवस्था की गई है, जिसमें भक्तों की सेवा और प्रसाद का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही, कथा श्रवण के लिए आए भक्तों द्वारा भी शिव भक्तों की निरंतर सेवा की जा रही है।1
- प्रतापगढ़ जिले के नगर पंचायत मांधाता के वार्ड संख्या-1 अमैयामऊ स्थित ग्राम लाखूपुर के प्रसिद्ध रतन पांडे बाबा धाम परिसर में एक भव्य श्री रामचरितमानस पाठ, हवन और महाप्रसाद भंडारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बन गया, जहाँ पूरे धाम परिसर में भगवान श्रीराम और भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व उच्च न्यायालय प्रयागराज के अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार ‘बच्चा’ मिश्रा ने किया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए रामचरितमानस पाठ और हवन में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। हवन की पावन आहुतियों से पूरा वातावरण दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार अवनीश कुमार मिश्रा और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान दीपेंद्र कुमार मिश्रा सहित कई सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के निवेदक आध्या प्रसाद मिश्रा ने जोर देकर कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। इस अवसर पर विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल और समाजसेवी पिंटू तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। हवन-पूजन के बाद आयोजित महाप्रसाद भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और उत्साह ने पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश प्रसारित हुआ। रतन पांडे बाबा धाम राम नाम के स्वरों से गूंज उठा और पूरा क्षेत्र भक्ति में लीन हो गया।4
- कौशाम्बी के हर्रायपुर स्थित संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहनी घाट में रविवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ गंगा नदी में नहाते समय एक किशोर डूब गया। सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की। कई घंटों की लगातार खोजबीन के बाद अंततः किशोर का शव नदी से बाहर निकाला जा सका, जिससे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। लगभग 15 वर्षीय निलेश, जो ज्ञानचन्द्र का पुत्र और गौसपुर का निवासी था, अपनी बकरियां चराने के लिए गंगा के कछार में गया था। इसी दौरान वह गंगा में नहाने लगा और अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गया। वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने उसे डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़े और पुलिस को भी सूचित किया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया। सूचना पाकर परिजन भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुँच गए थे, और जब कई घंटों के प्रयास के बाद निलेश का शव नदी से बाहर निकाला गया, तो पूरे परिवार में मातम छा गया।1
- मथुरा से सामने आए एक वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में सीधे तौर पर कहा गया है कि यह घटना आदित्यनाथ की 'फर्जी और खोखली' कानून व्यवस्था के दावों की याद दिलाती है और उनका उपहास करती है। वीडियो में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर स्वयं को "मंत्री जी का भतीजा हूँ" कहकर पुलिस कर्मियों पर पिस्तौल तान दी। इस घटना के दौरान "असहाय और बेचारी उत्तर प्रदेश पुलिस की हालत पस्त हो गई"। पोस्ट में इस स्थिति पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा गया है कि अगर घटनास्थल पर कोई "दाढ़ी वाला" व्यक्ति होता, तो "पुलिस की पिस्तौलें चल गई होतीं"।1