प्रतापगढ़ जिले में सांडवा चंडिका के खैरा गौरबारी ग्राम सभा स्थित खेवन का पुरवा, जो 'छोटी काशी' के नाम से मशहूर है, वहाँ 15 दिवसीय शिवमहापुराण कथा यज्ञ में इन दिनों आस्था और भक्ति की रसधार बह रही है। इस आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कथा के छठवें दिन वृन्दावन धाम से पधारे कथा मर्मज्ञ व्यास आचार्य श्री पूर्ण चैतन्य जी महाराज ने माता पार्वती और भगवान शिव के वियोग का प्रसंग सुनाया। व्यास जी के इस सजीव वर्णन को सुनकर कथा पंडाल में उमड़ी भक्तों की भीड़ भाव विभोर हो गई। इस दौरान कथा व्यास ने मनुष्य जीवन में त्याग के महत्व को बताते हुए उसकी सार्थकता और आध्यात्मिकता पर भी विशेष बल दिया। कथा श्रवण के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़ के लिए कथा आयोजक श्री राम ललल त्रिपाठी, श्री राम संजीवन त्रिपाठी और राम मिलन त्रिपाठी द्वारा दिव्य एवं भव्य व्यवस्था की गई है, जिसमें भक्तों की सेवा और प्रसाद का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही, कथा श्रवण के लिए आए भक्तों द्वारा भी शिव भक्तों की निरंतर सेवा की जा रही है।
प्रतापगढ़ जिले में सांडवा चंडिका के खैरा गौरबारी ग्राम सभा स्थित खेवन का पुरवा, जो 'छोटी काशी' के नाम से मशहूर है, वहाँ 15 दिवसीय शिवमहापुराण कथा यज्ञ में इन दिनों आस्था और भक्ति की रसधार बह रही है। इस आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कथा के छठवें दिन वृन्दावन धाम से पधारे कथा मर्मज्ञ व्यास आचार्य श्री पूर्ण चैतन्य जी महाराज ने माता पार्वती और भगवान शिव के वियोग का प्रसंग सुनाया। व्यास जी के इस सजीव वर्णन को सुनकर कथा पंडाल में उमड़ी भक्तों की भीड़ भाव विभोर हो गई। इस दौरान कथा व्यास ने मनुष्य जीवन में त्याग के महत्व को बताते हुए उसकी सार्थकता और आध्यात्मिकता पर भी विशेष बल दिया। कथा श्रवण के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़ के लिए कथा आयोजक श्री राम ललल त्रिपाठी, श्री राम संजीवन त्रिपाठी और राम मिलन त्रिपाठी द्वारा दिव्य एवं भव्य व्यवस्था की गई है, जिसमें भक्तों की सेवा और प्रसाद का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही, कथा श्रवण के लिए आए भक्तों द्वारा भी शिव भक्तों की निरंतर सेवा की जा रही है।
- कौशांबी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र में स्थित दलेलागंज बालू खंड में कथित अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यमुना नदी की बीच धारा में प्रतिबंधित हैवी पोकलैंड मशीनों का उपयोग कर लाल मौरंग निकाली जा रही है। आरोप है कि बालू माफिया और पट्टा धारक खनन नियमावली और पर्यावरणीय मानकों को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे हैं, और नदी की मूल धारा को पाटकर खनन कराया जा रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह के खनन के आरोपों के बावजूद, खनन विभाग, प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस करोड़ों के कथित अवैध खनन कारोबार में नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे प्रशासनिक संरक्षण की आशंकाओं को बल मिल रहा है। इस वायरल वीडियो ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं, क्योंकि दिनदहाड़े चल रहे कथित अवैध खनन पर कार्रवाई न होना लोगों के बीच आक्रोश बढ़ा रहा है। यमुना के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन से हो रहे इस खिलवाड़ पर वीडियो वायरल होने के बाद भी जांच और कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यमुना की बीच धारा में यह कथित अवैध खनन का साम्राज्य फल-फूल रहा है।1
- प्रतापगढ़ जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजापाल चौराहे के पास एक आवासीय परिसर में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित हो रहे अस्पताल को सील कर दिया है। यह कदम प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत के बाद उठाया गया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और परिजनों व स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। नवजात की मौत की सूचना मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और मानकों की पड़ताल की गई, जिसके उपरांत अस्पताल को तत्काल सील कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने ही दबाव बनाने तथा कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की गई, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि ऐसे संस्थानों को कौन संरक्षण दे रहा था। अस्पताल की संचालिका बताई जा रही डॉ. शाहिदा सिद्दीकी मौके पर मौजूद नहीं मिलीं, और स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही उनके फरार होने की चर्चा पूरे क्षेत्र में रही, जिससे उन्हें कार्रवाई की भनक लगने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि ऐसे अस्पतालों की समय रहते जांच और नियमित निगरानी होती, तो शायद नवजात की जान नहीं जाती। उन्होंने जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की व्यापक जांच की मांग की है। इस कार्रवाई के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या केवल अस्पताल सील कर देने से यह मामला खत्म हो जाएगा, या नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई भी होगी। जनता यह जानना चाहती है कि बिना मानकों और आवश्यक अनुमतियों के अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और उनके संरक्षण में कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य निजी अस्पतालों में भी जांच की आशंका के चलते बेचैनी देखी जा रही है।1
- स्थानीय कस्बे में पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। छात्रों और उनके परिजनों का हुजूम चारों तरफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक टी. सरवन और जिलाधिकारी संजय चौहान ने रणवीर इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और रणवीर रणज्जय महाविद्यालय जैसे परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस दौरान प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और चेतावनी भी दी ताकि किसी भी परीक्षार्थी को कोई असुविधा न हो। इस पुलिस भर्ती परीक्षा में परीक्षार्थियों को गर्म पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है।1
- अमेठी में संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे मुरारपुर मजरे उत्तरगांव निवासी 22 वर्षीय अभय नन्द की सोमवार सुबह सरकारी टंकी की सफाई करते समय करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, तब तक वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजेंगे। मृतक के पिता शीतला प्रसाद द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने अभय नन्द को मजदूरी के लिए बुलाया था। आरोप है कि उसे सीढ़ी और अन्य सामान के साथ सरकारी टंकी की सफाई के लिए मौके पर ले जाया गया। सफाई के दौरान वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में मौके पर मौजूद लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुँचे और शव को घर ले आए। परिजनों का आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना ही युवक से टंकी की सफाई करवाई गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस गाँव पहुँची और जाँच शुरू की। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जाँच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। देर शाम तक गाँव में लोगों की भीड़ जुटी रही, क्योंकि परिजनों ने अपनी मांग पूरी होने तक पोस्टमार्टम न करवाने के अपने रुख को दोहराया।4
- चंद्रिका देवी मंदिर पर चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहाँ मंदिर परिसर की दुकानों में लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं। हाल ही में चोरों ने अतुल सिंह की होलसेल दुकान को निशाना बनाया, जहाँ तांबे के पात्र आदि की दुकान के गल्ले से नकदी चुराई गई। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। बावजूद इसके, बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र की कठवारा चौकी पुलिस इन चोरों को पकड़ने में नाकाम रही है। पुलिस पर पहले भी हुई कई ई-रिक्शा और बैटरी चोरी, फार्म हाउस चोरी, तथा आंगनबाड़ी केंद्र चोरी जैसी घटनाओं में शामिल चोरों को पकड़ने में नाकामी का आरोप है। ये वारदातें बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र के प्रतिष्ठित चंद्रिका देवी मंदिर परिसर और आसपास के गाँव में लगातार हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- अमेठी जिले के गौरीगंज विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा ऐंधी बाबूगंज सगरा में रविवार को एक धार्मिक अनुष्ठान के शुभारंभ पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और जयकारों के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा का शुभारंभ बूढ़े बाबा स्थल से विधिवत पूजन-अर्चन के बाद हुआ, जहाँ से श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए बाबूगंज सगरा स्थित मोनी आश्रम पहुंची और वहीं समाप्त हुई। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर कथा व्यास श्री कृष्ण चंद्र त्रिपाठी जी के साथ सुभाष चंद्र तिवारी, सुशील शास्त्री श्वेत जी, शिव भवन तिवारी एडवोकेट, संगम गुप्ता, सुनील तिवारी मयंक जी सहित समस्त तिवारी परिवार और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि इस धार्मिक कार्यक्रम के तहत आगामी दिनों में कथा, पूजन और अन्य आध्यात्मिक आयोजन संपन्न होंगे। इस भव्य कलश यात्रा के सफल आयोजन में ग्रामीणों और भक्तों का विशेष सहयोग रहा, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था सुचारु रही और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। गांव में आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया।1
- लखनऊ के वार्ड अम्बरगंज क्षेत्र में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समाजसेवियों ने एक अहम कदम उठाया है। अयूबी मस्जिद से पहले सड़क पर एक गहरे गड्ढे को समाजसेवियों द्वारा भर दिया गया है। यह गड्ढा लंबे समय से रिक्शों के असंतुलित होने का कारण बन रहा था, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थीं। मौजूदा पार्षद की अनदेखी के बावजूद, समाजसेवियों ने यह जिम्मेदारी संभाली और गड्ढे को पाटने का कार्य किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लखनऊ प्रशासन इस मामले में आगे क्या संज्ञान लेता है।1
- प्रतापगढ़ जनपद में एक कथित घटना के बाद पीड़ित पटेल परिवार की गुहार पर सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार ने सांसद से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले कुछ लोगों ने उनका मकान गिराकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिससे वे बेघर होने की स्थिति में आ गए हैं। सांसद एसपी सिंह पटेल ने मामले को गंभीरता से सुना और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता के साथ-साथ न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब और कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करने की बात कही, साथ ही पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इस दौरान स्थानीय लोग और समर्थक भी मौजूद रहे।1
- प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र स्थित नरई गांव में कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी मशीनों का उपयोग कर लगातार की जा रही खुदाई के कारण गांव में कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खनन से उड़ने वाली धूल और मिट्टी से आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि निजी भूमि के बाद अब सरकारी संपत्तियों के आसपास भी खुदाई की जा रही है। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि यदि खनन नियमों के विपरीत हो रहा है, तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। संग्रामगढ़ क्षेत्र में इस कथित अवैध खनन और प्रशासन की कथित चुप्पी को लेकर ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।1