प्रतापगढ़ जनपद में एक कथित घटना के बाद पीड़ित पटेल परिवार की गुहार पर सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार ने सांसद से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले कुछ लोगों ने उनका मकान गिराकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिससे वे बेघर होने की स्थिति में आ गए हैं। सांसद एसपी सिंह पटेल ने मामले को गंभीरता से सुना और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता के साथ-साथ न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब और कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करने की बात कही, साथ ही पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इस दौरान स्थानीय लोग और समर्थक भी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जनपद में एक कथित घटना के बाद पीड़ित पटेल परिवार की गुहार पर सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार ने सांसद से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि कुछ दिन पहले कुछ लोगों ने उनका मकान गिराकर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिससे वे बेघर होने की स्थिति में आ गए हैं। सांसद एसपी सिंह पटेल ने मामले को गंभीरता से सुना और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता के साथ-साथ न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब और कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई कराने का प्रयास करने की बात कही, साथ ही पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। इस दौरान स्थानीय लोग और समर्थक भी मौजूद रहे।
- प्रतापगढ़ जिले में सांडवा चंडिका के खैरा गौरबारी ग्राम सभा स्थित खेवन का पुरवा, जो 'छोटी काशी' के नाम से मशहूर है, वहाँ 15 दिवसीय शिवमहापुराण कथा यज्ञ में इन दिनों आस्था और भक्ति की रसधार बह रही है। इस आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कथा के छठवें दिन वृन्दावन धाम से पधारे कथा मर्मज्ञ व्यास आचार्य श्री पूर्ण चैतन्य जी महाराज ने माता पार्वती और भगवान शिव के वियोग का प्रसंग सुनाया। व्यास जी के इस सजीव वर्णन को सुनकर कथा पंडाल में उमड़ी भक्तों की भीड़ भाव विभोर हो गई। इस दौरान कथा व्यास ने मनुष्य जीवन में त्याग के महत्व को बताते हुए उसकी सार्थकता और आध्यात्मिकता पर भी विशेष बल दिया। कथा श्रवण के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़ के लिए कथा आयोजक श्री राम ललल त्रिपाठी, श्री राम संजीवन त्रिपाठी और राम मिलन त्रिपाठी द्वारा दिव्य एवं भव्य व्यवस्था की गई है, जिसमें भक्तों की सेवा और प्रसाद का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही, कथा श्रवण के लिए आए भक्तों द्वारा भी शिव भक्तों की निरंतर सेवा की जा रही है।1
- प्रतापगढ़ जिले के नगर पंचायत मांधाता के वार्ड संख्या-1 अमैयामऊ स्थित ग्राम लाखूपुर के प्रसिद्ध रतन पांडे बाबा धाम परिसर में एक भव्य श्री रामचरितमानस पाठ, हवन और महाप्रसाद भंडारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बन गया, जहाँ पूरे धाम परिसर में भगवान श्रीराम और भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व उच्च न्यायालय प्रयागराज के अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार ‘बच्चा’ मिश्रा ने किया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए रामचरितमानस पाठ और हवन में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। हवन की पावन आहुतियों से पूरा वातावरण दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार अवनीश कुमार मिश्रा और उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान दीपेंद्र कुमार मिश्रा सहित कई सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के निवेदक आध्या प्रसाद मिश्रा ने जोर देकर कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। इस अवसर पर विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल और समाजसेवी पिंटू तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। हवन-पूजन के बाद आयोजित महाप्रसाद भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और उत्साह ने पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश प्रसारित हुआ। रतन पांडे बाबा धाम राम नाम के स्वरों से गूंज उठा और पूरा क्षेत्र भक्ति में लीन हो गया।4
- कौशाम्बी के हर्रायपुर स्थित संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहनी घाट में रविवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ गंगा नदी में नहाते समय एक किशोर डूब गया। सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की। कई घंटों की लगातार खोजबीन के बाद अंततः किशोर का शव नदी से बाहर निकाला जा सका, जिससे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। लगभग 15 वर्षीय निलेश, जो ज्ञानचन्द्र का पुत्र और गौसपुर का निवासी था, अपनी बकरियां चराने के लिए गंगा के कछार में गया था। इसी दौरान वह गंगा में नहाने लगा और अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गया। वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने उसे डूबते देख शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़े और पुलिस को भी सूचित किया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया। सूचना पाकर परिजन भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुँच गए थे, और जब कई घंटों के प्रयास के बाद निलेश का शव नदी से बाहर निकाला गया, तो पूरे परिवार में मातम छा गया।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा जी ने प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील के उपाध्यायपुर गांव में एक उच्चीकृत परिषदीय प्राथमिक विद्यालय का उद्घाटन किया है। इस विद्यालय को मुंबई के प्रतिष्ठित कॉन्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी उत्तम शिक्षा मिल सके। इस पहल के तहत, ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी अब स्मार्ट क्लास में समग्र शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।1
- महाराजा कंसा पासी किले को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच, पूर्व विधायक राकेश सिंह ने पासी समाज के समर्थन में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और उसके सम्मान की रक्षा के लिए वे हर संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे।1
- प्रतापगढ़ के रानीगंज तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक दरोगा की सोते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। यह घटना तब हुई जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे और फरियादियों की शिकायतें सुनी जा रही थीं। बताया गया है कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने समाधान दिवस में कुर्सी पर बैठे दरोगा की झपकी लेते हुए तस्वीर ले ली, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हमारी खबर अपने माध्यम से वायरल फोटो की पुष्टि नहीं करती है।1
- कौशांबी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र में स्थित दलेलागंज बालू खंड में कथित अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यमुना नदी की बीच धारा में प्रतिबंधित हैवी पोकलैंड मशीनों का उपयोग कर लाल मौरंग निकाली जा रही है। आरोप है कि बालू माफिया और पट्टा धारक खनन नियमावली और पर्यावरणीय मानकों को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे हैं, और नदी की मूल धारा को पाटकर खनन कराया जा रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह के खनन के आरोपों के बावजूद, खनन विभाग, प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस करोड़ों के कथित अवैध खनन कारोबार में नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे प्रशासनिक संरक्षण की आशंकाओं को बल मिल रहा है। इस वायरल वीडियो ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं, क्योंकि दिनदहाड़े चल रहे कथित अवैध खनन पर कार्रवाई न होना लोगों के बीच आक्रोश बढ़ा रहा है। यमुना के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन से हो रहे इस खिलवाड़ पर वीडियो वायरल होने के बाद भी जांच और कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यमुना की बीच धारा में यह कथित अवैध खनन का साम्राज्य फल-फूल रहा है।1
- प्रतापगढ़ जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजापाल चौराहे के पास एक आवासीय परिसर में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित हो रहे अस्पताल को सील कर दिया है। यह कदम प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की मौत के बाद उठाया गया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और परिजनों व स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। नवजात की मौत की सूचना मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और मानकों की पड़ताल की गई, जिसके उपरांत अस्पताल को तत्काल सील कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने ही दबाव बनाने तथा कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की गई, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि ऐसे संस्थानों को कौन संरक्षण दे रहा था। अस्पताल की संचालिका बताई जा रही डॉ. शाहिदा सिद्दीकी मौके पर मौजूद नहीं मिलीं, और स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही उनके फरार होने की चर्चा पूरे क्षेत्र में रही, जिससे उन्हें कार्रवाई की भनक लगने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि ऐसे अस्पतालों की समय रहते जांच और नियमित निगरानी होती, तो शायद नवजात की जान नहीं जाती। उन्होंने जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की व्यापक जांच की मांग की है। इस कार्रवाई के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या केवल अस्पताल सील कर देने से यह मामला खत्म हो जाएगा, या नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई भी होगी। जनता यह जानना चाहती है कि बिना मानकों और आवश्यक अनुमतियों के अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और उनके संरक्षण में कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य निजी अस्पतालों में भी जांच की आशंका के चलते बेचैनी देखी जा रही है।1
- प्रतापगढ़ में राजपाल चौराहे से लगभग 200 मीटर आगे, मदरसे गुलशन-ए-मदीना के भीतर एक संकरी गली में स्थित हिंद नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु की दुखद मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, जब परिजनों ने अपनी आपत्ति व्यक्त की, तो आरोप है कि अस्पताल के गुंडों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। इस गंभीर घटना ने जिले की पूरी मेडिकल व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह प्रश्न उठता है कि ऐसे नर्सिंग होम को आखिर कौन लाइसेंस जारी करता है, या क्या सब कुछ केवल 'सिस्टम के हवाले' छोड़ दिया गया है। इस अस्पताल की कार्यप्रणाली जिले में 'मेडिकल माफियाओं के आतंक' की स्थिति को स्पष्ट रूप से उजागर करती है, जहाँ न तो कोई उचित व्यवस्था है और न ही प्रशिक्षित कर्मचारी। यह केवल चार बेड और एक रक्तचाप मापने की मशीन लगाकर चलाए जा रहे एक नर्सिंग होम जैसा प्रतीत होता है। परिणामस्वरूप, जहाँ मरीज अपनी जान गँवा रहे हैं और उनके परिजन लूटे जा रहे हैं, वहीं इस पूरी अव्यवस्था और अन्याय पर संबंधित व्यवस्था पूरी तरह से खामोश है।1