प्रयागराज के बानपुरवा गांव में शुक्रवार को सुनील कुमार (पुत्र इनरजीत) का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया, क्योंकि करीब 20 दिन पहले इसी पेड़ पर सुनील के भाई संतोष का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इस चौंकाने वाली जानकारी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने शव को फंदे से नीचे उतारने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है कि जब तक जिलाधिकारी (डीएम) को मौके पर नहीं बुलाया जाता और एक निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव को नहीं हटाया जाएगा। फिलहाल, सुनील कुमार का शव अभी भी पेड़ पर फंदे से लटका हुआ है, और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरा तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
प्रयागराज के बानपुरवा गांव में शुक्रवार को सुनील कुमार (पुत्र इनरजीत) का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया, क्योंकि करीब 20 दिन पहले इसी
पेड़ पर सुनील के भाई संतोष का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इस चौंकाने वाली जानकारी के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने शव को फंदे से
नीचे उतारने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है कि जब तक जिलाधिकारी (डीएम) को मौके पर नहीं बुलाया जाता और एक निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव को नहीं हटाया
जाएगा। फिलहाल, सुनील कुमार का शव अभी भी पेड़ पर फंदे से लटका हुआ है, और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरा तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
- मेजा विधायक संदीप पटेल ने मेजा के कुकुर कटवा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से भेंट की और उन्हें तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।2
- प्रयागराज के सांसद उज्वल रमण सिंह ने मेजा क्षेत्र में स्थित कुकुरकटवा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलकर मुलाकात की।1
- प्रयागराज जिले के मेजा तहसील क्षेत्र स्थित विकासखंड उरूवा के सोरांव गांव में मेजा रोड रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरू हो गई है। इस पहल से अब बारिश के दिनों में यात्रियों को स्टेशन तक पहुँचने के लिए पानी से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। प्रयागराज-मिर्जापुर के बीच स्थित यह स्टेशन दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में स्टेशन के मुख्य गेट के पास पानी भर जाने से खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिसके कारण कई बार फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आती थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से बनी हुई यह समस्या मुख्य द्वार के पास की नाली के पूरी तरह पट जाने के कारण थी, जिससे जल निकासी बाधित हो गई थी और हर बारिश में स्थिति बदतर हो जाती थी। संबंधित विभाग ने लंबे समय तक इस ओर ध्यान नहीं दिया था। दैनिक भास्कर द्वारा इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभाग ने इसका संज्ञान लिया और अब मुख्य गेट के पास नाली निर्माण का कार्य शुरू करा दिया है। कार्य पूरा होने के बाद जलभराव की इस समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की है।1
- हमारे प्यारे मोदी जी के लिए कुछ शब्द और एक गीत प्रस्तुत किया गया है।2
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के सांसद उज्वल रमण सिंह ने मेजा क्षेत्र के कुकुरकटवा गाँव का दौरा किया। उन्होंने इस गाँव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलकर उनसे मुलाकात की।1
- मुंबई इस वक्त एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ पानी का संकट खत्म होते ही अब जलभराव की आफत आ गई है। शहर का हाल ऐसा है कि एक दिन यह पानी की एक-एक बूँद को तरस रहा था, और अगले ही दिन यह सैलाब में डूबा हुआ नज़र आ रहा है। यह स्थिति मुंबई के लिए एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि क्या यह उसकी नियति है।1