मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, भोपाल द्वारा प्रदेशभर में किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण इसी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसी क्रम में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कृषकों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन रजिस्टर करने संबंधी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में कॉमन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, किसान मित्र और सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया जाएगा कि वे ग्राम पंचायत स्थित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से 15 रुपये का शुल्क देकर ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं। आगामी खरीदी को देखते हुए, किसानों की सुविधा के लिए सभी कॉमन सर्विस सेंटर को ग्राम पंचायतों से मैप करते हुए प्रतिदिन 50 किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान अपनी सुविधा अनुसार ई-टोकन रजिस्टर करवाकर, उपलब्ध खाद और उर्वरक के अनुसार तत्काल ई-टोकन जनरेट करके प्राइवेट डीलरों, मार्केट के डबल लॉकर, म.प्र. एग्रो के विक्रय केंद्र या सहकारी समितियों (यदि सदस्य हैं तो) से खाद/उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कृषकों को ई-टोकन पंजीकृत करने के लिए नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ग्राम पंचायत में किसानों को स्वयं ई-टोकन जनरेट करने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही, कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा भी ई-विकास प्रणाली से ई-टोकन जनरेट किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, भोपाल द्वारा प्रदेशभर में किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण इसी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसी क्रम में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कृषकों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन रजिस्टर करने संबंधी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में कॉमन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, किसान मित्र और सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया जाएगा कि वे ग्राम पंचायत स्थित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से 15 रुपये का शुल्क देकर ई-टोकन जनरेट कर
सकते हैं। आगामी खरीदी को देखते हुए, किसानों की सुविधा के लिए सभी कॉमन सर्विस सेंटर को ग्राम पंचायतों से मैप करते हुए प्रतिदिन 50 किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान अपनी सुविधा अनुसार ई-टोकन रजिस्टर करवाकर, उपलब्ध खाद और उर्वरक के अनुसार तत्काल ई-टोकन जनरेट करके प्राइवेट डीलरों, मार्केट के डबल लॉकर, म.प्र. एग्रो के विक्रय केंद्र या सहकारी समितियों (यदि सदस्य हैं तो) से खाद/उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक अनुभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कृषकों को ई-टोकन पंजीकृत करने के लिए नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ग्राम पंचायत में किसानों को स्वयं ई-टोकन जनरेट करने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही, कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा भी ई-विकास प्रणाली से ई-टोकन जनरेट किए जाएंगे।
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना स्थित गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण के लिए एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रविवार सुबह गायत्री शक्ति पीठ परिसर से शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से जनजागरण किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें", "धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं" और "नशा मुक्त भारत-स्वस्थ भारत" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। रैली में शामिल युवाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी शुक्रवार को पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करके, उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया है, जिसे संतों ने पर्यावरण के प्रति लगाव का प्रतीक बताया। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं की जगह वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने इस अवसर पर टिप्पणी की कि “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत विपिन बिहारी जी ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर ‘हरि के नाम पर हरियाली’ लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को साधुवाद दिया, जिन्होंने आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की दिशा में कदम बढ़ाया है, और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल करार दिया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं प्रथा न अपनाकर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।1
- बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।4
- ललितपुर के नेहरूनगर क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एक वीडियो बनाकर इन आरोपों को सार्वजनिक किया है, जिसमें उसने बताया है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के माध्यम से, पीड़ित महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वह लगातार हो रही प्रताड़ना से राहत पाने और अपनी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की अपील कर रही है।1
- भारत और अमेरिका के बीच आज से चार दिवसीय व्यापार वार्ता का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में सागर जिले की खुरई तहसील के ग्राम खिमलासा में एक जन-जागरण नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देना था। आयोजन के दौरान, रैली में शामिल लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से, आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से रोकने के तरीकों पर जोर दिया गया। इसके लिए, परम् पूज्य गुरुदेव आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित साहित्य भी भेंट किया गया, जिसमें नशा मुक्ति के लिए गुरु संदेश समाहित था। इस जागरूकता रैली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक यशपाल सिंह चंदेल, तहसील प्रभारी (स्वावलंबन शिक्षण प्रशिक्षण) श्री भगवतशरण गोस्वामी, तहसील प्रभारी (युवा जोड़ो अभियान) डॉक्टर अभिनवसागर विश्वकर्मा, श्री शरद संज्ञा, श्री आशीष गोस्वामी, श्री कृपासागर विश्वकर्मा, श्री धर्मेंद्र उपाध्याय, श्री यशवर्धन चंदेल, श्री हरिओम कुर्मी, श्री लखन पाल, श्री हरीश कुशवाहा, श्री राजाराम साहू, निखिल साहू, श्री सुरेश विश्वकर्मा, श्री चंदू पटेल, श्री सुमित विश्वकर्मा, सरदार सेन, श्री आशीष नेमा और तांती कुशवाहा सहित सभी क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।3
- सागर जिले के आगासौद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक अंधे कत्ल का मामला सामने आया, जिसका 24 घंटे के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया गया है। आगासौद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- शनिवार देर रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में इलाइट चौराहे के पास स्थित आकाश गुप्ता के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। यह गोदाम हीरो शोरूम के बगल में जैकवार शोरूम से सटा हुआ है, और इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शनिवार रात करीब 10 बजे लगी इस आग से गोदाम में रखे टाइल्स, सैनिटरी सामान, पानी की टंकियां और पाइप जल गए, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। आग इतनी विकराल थी कि एक घंटे से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी उस पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। आग बुझाने के प्रयासों के तहत, जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर गोदाम की दीवार तोड़ी गई और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद रहकर लगातार आग बुझाने की कोशिश करती रहीं। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया, और पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।1