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अमानगंज। ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर अमानगंज नगर में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान NUSI जिला महासचिव शिवम सिंह एवं NUSI नगर अध्यक्ष अनिक विश्वकर्मा के नेतृत्व में थाना चौराहा पर कार्यक्रम में शामिल लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। अमानगंज। ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर अमानगंज नगर में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान NUSI जिला महासचिव शिवम सिंह एवं NUSI नगर अध्यक्ष अनिक विश्वकर्मा के नेतृत्व में थाना चौराहा पर कार्यक्रम में शामिल लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

2 hrs ago
user_Arun Lodhi
Arun Lodhi
Media and information sciences faculty अमनगंज, पन्ना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

अमानगंज। ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर अमानगंज नगर में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान NUSI जिला महासचिव शिवम सिंह एवं NUSI नगर अध्यक्ष अनिक विश्वकर्मा के नेतृत्व में थाना चौराहा पर कार्यक्रम में शामिल लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। अमानगंज। ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर अमानगंज नगर में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस दौरान NUSI जिला महासचिव शिवम सिंह एवं NUSI नगर अध्यक्ष अनिक विश्वकर्मा के नेतृत्व में थाना चौराहा पर कार्यक्रम में शामिल लोगों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

More news from Panna and nearby areas
  • हेडलाइन– गौशाला में गौवंश की बदहाल स्थिति, समाजसेवियों ने कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग। एंकर– पन्ना। नगर पालिका गौशाला में गौवंश की कथित बदहाल स्थिति को लेकर शहर के समाजसेवियों, गौप्रेमियों और गौसेवकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में गौशाला की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गौशाला में कई गौवंश खुले आसमान के नीचे कीचड़ और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर बताए जा रहे हैं। आरोप है कि गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, सूखी जगह, शेड और वर्षा से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उनके बीमार होने और मृत्यु का खतरा बना हुआ है। समाजसेवियों का कहना है कि गौशाला के संचालन एवं गौवंश के रखरखाव के लिए शासन द्वारा संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में गौशाला की वर्तमान व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों और उनके उपयोग की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई है कि गौशाला का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, सभी गौवंश की संख्या एवं स्वास्थ्य का सत्यापन किया जाए तथा बीमार और घायल गौवंश का पशु चिकित्सकों से उपचार कराया जाए। साथ ही पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, शेड, सूखी भूमि और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि गौशाला में किसी गौवंश की मृत्यु हुई है तो उसकी पशु चिकित्सकीय जांच एवं आवश्यकतानुसार पोस्टमार्टम कराया जाए। इसके अलावा गौशाला को प्राप्त शासकीय राशि, चारा एवं अन्य संसाधनों के उपयोग का लेखा परीक्षण कराया जाए और यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। समाजसेवियों ने नगर में घूम रहे पालतू गौवंश के संबंध में गौपालकों की जिम्मेदारी तय करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित प्रशासनिक और पशु चिकित्सा निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। ज्ञापन के अंत में समाजसेवियों ने कहा कि "गौवंश की सेवा केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि हमारी मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी भी है।" उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।
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    हेडलाइन–
गौशाला में गौवंश की बदहाल स्थिति, समाजसेवियों ने कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग।
एंकर–
पन्ना। नगर पालिका गौशाला में गौवंश की कथित बदहाल स्थिति को लेकर शहर के समाजसेवियों, गौप्रेमियों और गौसेवकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में गौशाला की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन के अनुसार पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गौशाला में कई गौवंश खुले आसमान के नीचे कीचड़ और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर बताए जा रहे हैं। आरोप है कि गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, सूखी जगह, शेड और वर्षा से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उनके बीमार होने और मृत्यु का खतरा बना हुआ है।
समाजसेवियों का कहना है कि गौशाला के संचालन एवं गौवंश के रखरखाव के लिए शासन द्वारा संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में गौशाला की वर्तमान व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों और उनके उपयोग की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि गौशाला का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, सभी गौवंश की संख्या एवं स्वास्थ्य का सत्यापन किया जाए तथा बीमार और घायल गौवंश का पशु चिकित्सकों से उपचार कराया जाए। साथ ही पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, शेड, सूखी भूमि और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि गौशाला में किसी गौवंश की मृत्यु हुई है तो उसकी पशु चिकित्सकीय जांच एवं आवश्यकतानुसार पोस्टमार्टम कराया जाए। इसके अलावा गौशाला को प्राप्त शासकीय राशि, चारा एवं अन्य संसाधनों के उपयोग का लेखा परीक्षण कराया जाए और यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
समाजसेवियों ने नगर में घूम रहे पालतू गौवंश के संबंध में गौपालकों की जिम्मेदारी तय करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित प्रशासनिक और पशु चिकित्सा निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है।
ज्ञापन के अंत में समाजसेवियों ने कहा कि "गौवंश की सेवा केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि हमारी मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी भी है।" उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।
    user_भागीरथ विश्वकर्मा
    भागीरथ विश्वकर्मा
    Farmer Amanganj, Panna•
    23 hrs ago
  • श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार की आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम हरे जय श्री राधे....... श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार की आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम हरे जय श्री राधे.......
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    श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार  की आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम हरे जय श्री राधे.......
श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर जू सरकार धाम पन्ना दिनांक 26 अगस्त 2026 दिन बुधवार  की आज के दर्शन जय जय श्री राधे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम हरे जय श्री राधे.......
    user_Patrakaar Rahul Mishra
    Patrakaar Rahul Mishra
    Voice of people पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *साँप का डर नहीं, सही जानकारी जरूरी: दक्षिण पन्ना में ‘सर्पलोक’ पहुँचा स्कूल-स्कूल, गाँव-गाँव* _नागपंचमी से शुरू हुई मुहिम का वनमंडल के विभिन्न अंचलों में विस्तार, कार्ड गेम के जरिए बच्चे सीख रहे विषैले-विषहीन सर्पों की पहचान, मिथक और तथ्य, सर्पदंश से बचाव व सही प्राथमिक उपचार_ साँप दिखे तो क्या करें, कौन से साँप विषैले होते हैं, सर्पदंश होने पर क्या करना चाहिए और कौन-सी प्रचलित धारणाएँ महज मिथक हैं, इन सवालों के जवाब अब बच्चे किताब या भाषण से ही नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीख रहे हैं। नागपंचमी के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा शुरू किए गए ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम आधारित जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाते हुए रैपुरा, सलेहा, मोहन्द्रा, कल्दा और शाहनगर वन परिक्षेत्रों के अनेक विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बच्चों के साथ शिक्षक, ग्रामीण, ग्राम वन समितियों के सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सहभागी बने। दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा विशेष रूप से तैयार 54 कार्डों वाले ‘सर्पलोक’ में विषैले एवं विषहीन साँपों की पहचान, सर्पों से जुड़े मिथक और वैज्ञानिक तथ्य, सर्पदंश के बाद सही प्राथमिक उपचार, बचाव के उपाय तथा संकट के समय की जाने वाली खतरनाक गलतियों को रोचक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से समझाया गया है। बच्चों को बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक एवं अवैज्ञानिक उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को यथाशीघ्र उचित स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाना जरूरी है। साथ ही जमीन पर सोने से बचने, रात में बाहर निकलते समय रोशनी का उपयोग करने और साँप दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसी व्यावहारिक सावधानियाँ भी समझाई गईं। अभियान का मूल संदेश है कि साँप से डरने के बजाय उसके बारे में सही जानकारी होना अधिक जरूरी है। सलेहा वन परिक्षेत्र में ग्राम वन समिति खभरी को भी इस अभियान से जोड़ा गया। एसडीओ श्रीमती रचना शर्मा एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री जीतू सिंह बघेल की उपस्थिति में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ जागरूकता चर्चा कर ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम वितरित किए गए। कार्यक्रम में श्री देवेंद्रगिरि गोस्वामी, परिक्षेत्र सहायक खभरी, श्री महेंद्र कुमार अग्रहरि, वनरक्षक खभरी तथा खभरी सर्किल का वन अमला उपस्थित रहा। रैपुरा वन परिक्षेत्र में शासकीय माध्यमिक शाला मनकोरा एवं शासकीय प्राथमिक शाला घुटेही में विद्यार्थियों ने ‘सर्पलोक’ के माध्यम से साँपों से जुड़ी भ्रांतियों और वैज्ञानिक तथ्यों को जाना तथा अपने सवालों और स्थानीय मान्यताओं पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम में श्रीमती रंजना नागर, परिक्षेत्र सहायक घुटेही तथा श्री बद्री प्रसाद यादव, वनपाल ने बच्चों को सर्पदंश से बचाव एवं सर्प संरक्षण की जानकारी दी। मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंवरपुर, शासकीय कन्या हाई स्कूल मोहन्द्रा तथा शासकीय माध्यमिक शाला फतेपुर सहित विभिन्न विद्यालयों में ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को सर्प सुरक्षा की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में वनपाल श्री जगदीश अहिरवार, श्री जयप्रकाश नारायण दुबे, वनरक्षक श्री अजय प्रताप सिंह तथा श्री प्रकाश प्रजापति ने बच्चों से संवाद कर सर्पदंश से बचाव एवं सही प्रतिक्रिया के बारे में बताया। वहीं कल्दा वन परिक्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल सारंगपुर में विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्ड गेम वितरित कर खेल के माध्यम से विषैले एवं विषहीन साँपों, प्राथमिक उपचार, बचाव और आम गलतियों के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम में वनपाल श्री धर्मराज सिंह, वनपाल श्री वीरभद्र सिंह तथा वनरक्षक श्री वीरेन्द्र पटेल ने सक्रिय भूमिका निभाई। शाहनगर वन परिक्षेत्र में अभियान को कई विद्यालयों तक पहुँचाया गया। बोरी-अतरहाई क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल एवं महेवा माध्यमिक विद्यालय में वनपाल श्री प्रेम नारायण वर्मा सहित वन अमले ने बच्चों को साँपों के प्रति डर और अंधविश्वास कम करने, सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक से बचने तथा शीघ्र उचित उपचार लेने की जानकारी दी। शासकीय माध्यमिक शाला गजन्दा एवं शासकीय प्राथमिक शाला चलनी में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती विनीता सिंह, उपवनक्षेत्रपाल तथा श्री शिव प्रताप सिंह, बीट गार्ड गजन्दा ने ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया। इसी क्रम में ग्राम आमा एवं देवरी के माध्यमिक विद्यालयों में श्री राम सरोवन पाण्डेय, उपवनक्षेत्रपाल/परिक्षेत्र सहायक शाहनगर, श्री ओमप्रकाश द्विवेदी, वनपाल तथा श्री रजनीश दुबे, बीट गार्ड कुनिया ने बच्चों को सर्पों के व्यवहार, विषैले एवं विषहीन सर्पों, उनसे जुड़ी भ्रांतियों और सुरक्षित सह-अस्तित्व के बारे में जानकारी दी। ‘सर्पलोक’ दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा गेम आधारित जनजागरूकता की दिशा में किया गया एक अभिनव प्रयोग है। वर्ष 2025 में वनमंडल ने सर्प संरक्षण एवं सर्पदंश से बचाव के संदेशों पर आधारित विशेष ‘साँप-सीढ़ी’ खेल तैयार किया था। उसी पहल को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ‘सर्पलोक’ को एक सरल और पोर्टेबल शिक्षण माध्यम के रूप में विकसित किया गया है, जिसे विद्यालयों, इको क्लबों, ग्राम चौपालों और सामुदायिक कार्यक्रमों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। पारंपरिक भाषण या पर्चों के बजाय खेल में स्वयं भाग लेने से बच्चे सही और गलत विकल्पों को पहचानते हैं और जीवनरक्षक संदेशों को अधिक सहजता से याद रख पाते हैं। दक्षिण पन्ना वनमंडल का प्रयास इस अभियान के माध्यम से सर्पदंश और सर्प संरक्षण, दोनों चुनौतियों को एक साथ संबोधित करना है। एक ओर सही जानकारी, सावधानियों और समय पर उपचार के माध्यम से सर्पदंश से होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर भय और भ्रांतियों के कारण साँपों को अनावश्यक रूप से मारने की प्रवृत्ति को रोककर मानव-सर्प सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है। ‘सर्पलोक’ के जरिए कोशिश यही है कि बच्चों के हाथ में खेल के पत्ते हों, लेकिन उनसे मिलने वाली सीख जरूरत पड़ने पर किसी का जीवन बचाने में काम आए।
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    *साँप का डर नहीं, सही जानकारी जरूरी: दक्षिण पन्ना में ‘सर्पलोक’ पहुँचा स्कूल-स्कूल, गाँव-गाँव*
_नागपंचमी से शुरू हुई मुहिम का वनमंडल के विभिन्न अंचलों में विस्तार, कार्ड गेम के जरिए बच्चे सीख रहे विषैले-विषहीन सर्पों की पहचान, मिथक और तथ्य, सर्पदंश से बचाव व सही प्राथमिक उपचार_
साँप दिखे तो क्या करें, कौन से साँप विषैले होते हैं, सर्पदंश होने पर क्या करना चाहिए और कौन-सी प्रचलित धारणाएँ महज मिथक हैं, इन सवालों के जवाब अब बच्चे किताब या भाषण से ही नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीख रहे हैं। नागपंचमी के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा शुरू किए गए ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम आधारित जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाते हुए रैपुरा, सलेहा, मोहन्द्रा, कल्दा और शाहनगर वन परिक्षेत्रों के अनेक विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बच्चों के साथ शिक्षक, ग्रामीण, ग्राम वन समितियों के सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सहभागी बने।
दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा विशेष रूप से तैयार 54 कार्डों वाले ‘सर्पलोक’ में विषैले एवं विषहीन साँपों की पहचान, सर्पों से जुड़े मिथक और वैज्ञानिक तथ्य, सर्पदंश के बाद सही प्राथमिक उपचार, बचाव के उपाय तथा संकट के समय की जाने वाली खतरनाक गलतियों को रोचक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से समझाया गया है। बच्चों को बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक एवं अवैज्ञानिक उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को यथाशीघ्र उचित स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाना जरूरी है। साथ ही जमीन पर सोने से बचने, रात में बाहर निकलते समय रोशनी का उपयोग करने और साँप दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसी व्यावहारिक सावधानियाँ भी समझाई गईं। अभियान का मूल संदेश है कि साँप से डरने के बजाय उसके बारे में सही जानकारी होना अधिक जरूरी है।
सलेहा वन परिक्षेत्र में ग्राम वन समिति खभरी को भी इस अभियान से जोड़ा गया। एसडीओ श्रीमती रचना शर्मा एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री जीतू सिंह बघेल की उपस्थिति में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ जागरूकता चर्चा कर ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम वितरित किए गए। कार्यक्रम में श्री देवेंद्रगिरि गोस्वामी, परिक्षेत्र सहायक खभरी, श्री महेंद्र कुमार अग्रहरि, वनरक्षक खभरी तथा खभरी सर्किल का वन अमला उपस्थित रहा।
रैपुरा वन परिक्षेत्र में शासकीय माध्यमिक शाला मनकोरा एवं शासकीय प्राथमिक शाला घुटेही में विद्यार्थियों ने ‘सर्पलोक’ के माध्यम से साँपों से जुड़ी भ्रांतियों और वैज्ञानिक तथ्यों को जाना तथा अपने सवालों और स्थानीय मान्यताओं पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम में श्रीमती रंजना नागर, परिक्षेत्र सहायक घुटेही तथा श्री बद्री प्रसाद यादव, वनपाल ने बच्चों को सर्पदंश से बचाव एवं सर्प संरक्षण की जानकारी दी।
मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंवरपुर, शासकीय कन्या हाई स्कूल मोहन्द्रा तथा शासकीय माध्यमिक शाला फतेपुर सहित विभिन्न विद्यालयों में ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को सर्प सुरक्षा की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में वनपाल श्री जगदीश अहिरवार, श्री जयप्रकाश नारायण दुबे, वनरक्षक श्री अजय प्रताप सिंह तथा श्री प्रकाश प्रजापति ने बच्चों से संवाद कर सर्पदंश से बचाव एवं सही प्रतिक्रिया के बारे में बताया।
वहीं कल्दा वन परिक्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल सारंगपुर में विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्ड गेम वितरित कर खेल के माध्यम से विषैले एवं विषहीन साँपों, प्राथमिक उपचार, बचाव और आम गलतियों के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम में वनपाल श्री धर्मराज सिंह, वनपाल श्री वीरभद्र सिंह तथा वनरक्षक श्री वीरेन्द्र पटेल ने सक्रिय भूमिका निभाई।
शाहनगर वन परिक्षेत्र में अभियान को कई विद्यालयों तक पहुँचाया गया। बोरी-अतरहाई क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल एवं महेवा माध्यमिक विद्यालय में वनपाल श्री प्रेम नारायण वर्मा सहित वन अमले ने बच्चों को साँपों के प्रति डर और अंधविश्वास कम करने, सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक से बचने तथा शीघ्र उचित उपचार लेने की जानकारी दी। शासकीय माध्यमिक शाला गजन्दा एवं शासकीय प्राथमिक शाला चलनी में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती विनीता सिंह, उपवनक्षेत्रपाल तथा श्री शिव प्रताप सिंह, बीट गार्ड गजन्दा ने ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया। इसी क्रम में ग्राम आमा एवं देवरी के माध्यमिक विद्यालयों में श्री राम सरोवन पाण्डेय, उपवनक्षेत्रपाल/परिक्षेत्र सहायक शाहनगर, श्री ओमप्रकाश द्विवेदी, वनपाल तथा श्री रजनीश दुबे, बीट गार्ड कुनिया ने बच्चों को सर्पों के व्यवहार, विषैले एवं विषहीन सर्पों, उनसे जुड़ी भ्रांतियों और सुरक्षित सह-अस्तित्व के बारे में जानकारी दी।
‘सर्पलोक’ दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा गेम आधारित जनजागरूकता की दिशा में किया गया एक अभिनव प्रयोग है। वर्ष 2025 में वनमंडल ने सर्प संरक्षण एवं सर्पदंश से बचाव के संदेशों पर आधारित विशेष ‘साँप-सीढ़ी’ खेल तैयार किया था। उसी पहल को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ‘सर्पलोक’ को एक सरल और पोर्टेबल शिक्षण माध्यम के रूप में विकसित किया गया है, जिसे विद्यालयों, इको क्लबों, ग्राम चौपालों और सामुदायिक कार्यक्रमों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। पारंपरिक भाषण या पर्चों के बजाय खेल में स्वयं भाग लेने से बच्चे सही और गलत विकल्पों को पहचानते हैं और जीवनरक्षक संदेशों को अधिक सहजता से याद रख पाते हैं।
दक्षिण पन्ना वनमंडल का प्रयास इस अभियान के माध्यम से सर्पदंश और सर्प संरक्षण, दोनों चुनौतियों को एक साथ संबोधित करना है। एक ओर सही जानकारी, सावधानियों और समय पर उपचार के माध्यम से सर्पदंश से होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर भय और भ्रांतियों के कारण साँपों को अनावश्यक रूप से मारने की प्रवृत्ति को रोककर मानव-सर्प सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है। ‘सर्पलोक’ के जरिए कोशिश यही है कि बच्चों के हाथ में खेल के पत्ते हों, लेकिन उनसे मिलने वाली सीख जरूरत पड़ने पर किसी का जीवन बचाने में काम आए।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी नगर परिषद ककरहटी में आज दिनांक जश्न ए ईद मिलादुन्नबी बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया यह जश्न पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की पैदाइश पर मनाया जाता है ककरहटी मस्जिद में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पर विशेष तैयारियां की गई साथ ही मुस्लिम भाईयो के द्वारा एक दूसरे को पर्व की मुबारकबाद दी जिसमें नगर जुलुस निकाला गया जुलूस में धार्मिक नारों एवं भाईचारे एकता के साथ जुलूस का समापन किया गया जुलूस में ककरहटीनगर समीपस्थ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मुस्लिम भाई शामिल रहे जश्न ए ईद जुलुस में ककरहटी चौकी प्रभारी एवं पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही
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    ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी 
ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी 
नगर परिषद ककरहटी में आज दिनांक जश्न ए ईद मिलादुन्नबी बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया यह जश्न पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की पैदाइश पर मनाया जाता है ककरहटी मस्जिद में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पर विशेष तैयारियां की गई साथ ही मुस्लिम भाईयो के द्वारा एक दूसरे को पर्व की मुबारकबाद दी जिसमें नगर जुलुस निकाला गया जुलूस में धार्मिक नारों एवं भाईचारे एकता के साथ जुलूस का समापन किया गया जुलूस में ककरहटीनगर समीपस्थ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मुस्लिम भाई शामिल रहे 
जश्न ए ईद जुलुस में ककरहटी चौकी प्रभारी एवं पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    21 hrs ago
  • *आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी* *लोकेशन : देवेंद्रनगर* *रिपोर्टर : अशोक विश्वकर्मा* ------------------------------------- *आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी* *एंकर:-* पन्ना जिले में विकास के दावों के बीच एक ऐसा गांव भी है, जहां आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। देवेंद्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुखोर के मजरा ग्राम रतगवा में करीब 100 घरों की बस्ती है, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों से लेकर मरीजों तक को इसी मुश्किल रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने अब जनसुनवाई में कलेक्टर से सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। *वीओ-1:* नेशनल हाईवे-39 से महज करीब 4 किलोमीटर अंदर बसा ग्राम रतगवा आज भी विकास की राह देख रहा है। गांव में न तो पक्की सड़क है और न ही स्वास्थ्य केंद्र। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। *वीओ-2:* सबसे ज्यादा परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य स्थिति में मरीज को किसी तरह चार किलोमीटर का रास्ता तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, जबकि गंभीर मरीज को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। *वीओ-3:* ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उन्होंने क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का भी ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया, लेकिन सड़क निर्माण की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका। जंगल और कच्चे रास्ते से पैदल आवाजाही के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। “कई सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बारिश में रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है। बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि गांव तक पक्की सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।” *वीओ-4:* एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और आधुनिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पन्ना का यह गांव आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से जल्द सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। *बाइट:-कंछेदी लाल (ग्रामीण)* *बाइट:-विकास रजक (आवेदन करता)*
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    *आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी*
*लोकेशन : देवेंद्रनगर*
*रिपोर्टर : अशोक विश्वकर्मा*
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*आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी*
*एंकर:-*
पन्ना जिले में विकास के दावों के बीच एक ऐसा गांव भी है, जहां आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। देवेंद्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुखोर के मजरा ग्राम रतगवा में करीब 100 घरों की बस्ती है, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों से लेकर मरीजों तक को इसी मुश्किल रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने अब जनसुनवाई में कलेक्टर से सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
*वीओ-1:*
नेशनल हाईवे-39 से महज करीब 4 किलोमीटर अंदर बसा ग्राम रतगवा आज भी विकास की राह देख रहा है। गांव में न तो पक्की सड़क है और न ही स्वास्थ्य केंद्र। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
*वीओ-2:*
सबसे ज्यादा परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य स्थिति में मरीज को किसी तरह चार किलोमीटर का रास्ता तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, जबकि गंभीर मरीज को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है।
*वीओ-3:*
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उन्होंने क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का भी ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया, लेकिन सड़क निर्माण की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका। जंगल और कच्चे रास्ते से पैदल आवाजाही के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
“कई सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बारिश में रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है। बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि गांव तक पक्की सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।”
*वीओ-4:*
एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और आधुनिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पन्ना का यह गांव आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से जल्द सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
*बाइट:-कंछेदी लाल (ग्रामीण)* 
*बाइट:-विकास रजक (आवेदन करता)*
    user_Ashok Vishwakarma
    Ashok Vishwakarma
    Local News Reporter देवेंद्रनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मोबाइल की जिद कर रहा युवक ने सुनार नदी में छलांग लगाई, बेटा को बचाने मोबाइल की जिद में युवक ने सुनार नदी में कूद गया दमोह -मोबाइल की जिद कर रहा युवक ने सुनार नदी में छलांग लगाई, बेटा को बचाने पिता ने भी लगाई छलांग दौऩो को डूबते देख माझी समाज के नरसिंहगढ़ मंडल अध्यक्ष डालचंद रायकवार ने पिता और पुत्र की जान बचाई
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    मोबाइल की जिद कर रहा युवक ने सुनार नदी में छलांग लगाई, बेटा को बचाने
मोबाइल की जिद में युवक ने सुनार नदी में कूद गया 
दमोह -मोबाइल की जिद कर रहा युवक ने सुनार नदी में छलांग लगाई, बेटा को बचाने पिता ने भी लगाई छलांग दौऩो को डूबते देख माझी समाज के नरसिंहगढ़ मंडल अध्यक्ष डालचंद रायकवार ने पिता और पुत्र की जान बचाई
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *मोहन्द्रा रेंज में 2.5 हेक्टेयर वनभूमि से हटाया अतिक्रमण* दक्षिण पन्ना वनमंडल के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट लखनचौरी के कक्ष 1171 में आज 26 अगस्त 2026 को वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। स्थानीय वन समिति के सदस्यों के सहयोग से वन अमले एवं सुरक्षा श्रमिकों ने लगभग 2.5 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई में अतिक्रमण विरोधी दल के भानू प्रताप सिंह सहित वनरक्षक अरविंद विश्वकर्मा, प्रकाश प्रजापति, गौरव दीक्षित, अभिनव पाण्डेय, रामकृपाल अहिरवार, राकेश यादव एवं अजय प्रताप सिंह तथा सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे। वनभूमि की सुरक्षा एवं अतिक्रमण की रोकथाम के लिए दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा स्थानीय वन समितियों के सहयोग से ऐसी कार्रवाई लगातार की जा रही है।
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    *मोहन्द्रा रेंज में 2.5 हेक्टेयर वनभूमि से हटाया अतिक्रमण*
दक्षिण पन्ना वनमंडल के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट लखनचौरी के कक्ष 1171 में आज 26 अगस्त 2026 को वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। स्थानीय वन समिति के सदस्यों के सहयोग से वन अमले एवं सुरक्षा श्रमिकों ने लगभग 2.5 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
कार्रवाई में अतिक्रमण विरोधी दल के भानू प्रताप सिंह सहित वनरक्षक अरविंद विश्वकर्मा, प्रकाश प्रजापति, गौरव दीक्षित, अभिनव पाण्डेय, रामकृपाल अहिरवार, राकेश यादव एवं अजय प्रताप सिंह तथा सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे। वनभूमि की सुरक्षा एवं अतिक्रमण की रोकथाम के लिए दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा स्थानीय वन समितियों के सहयोग से ऐसी कार्रवाई लगातार की जा रही है।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पहली बार कावड़ यात्रा हटा के सुरई घाट से गौरी शंकर धाम तक हर हर महादेव के जयकारें गूंजे
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    पहली बार कावड़ यात्रा हटा के सुरई घाट से गौरी शंकर धाम तक हर हर महादेव के जयकारें गूंजे
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पटेरा थाना से महज 200 मीटर दूर दिनदहाड़े दो वाहन चोरी, एक बरामद पटेरा थाना से महज 200 मीटर दूर दिनदहाड़े दो वाहन चोरी, एक बरामद पटेरा। पटेरा थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर कुछ दिन पहले दिनदहाड़े दो वाहनों की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक वाहन बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि वाहन चोरी के मामले में एक महज 8 वर्षीय बालक की भूमिका सामने आई है। पूछताछ के दौरान बालक फिलहाल कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। थाना से इतनी कम दूरी पर दिनदहाड़े वाहन चोरी की घटना ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    पटेरा थाना से महज 200 मीटर दूर दिनदहाड़े दो वाहन चोरी, एक बरामद
पटेरा थाना से महज 200 मीटर दूर दिनदहाड़े दो वाहन चोरी, एक बरामद
पटेरा। पटेरा थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर कुछ दिन पहले दिनदहाड़े दो वाहनों की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक वाहन बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि वाहन चोरी के मामले में एक महज 8 वर्षीय बालक की भूमिका सामने आई है। पूछताछ के दौरान बालक फिलहाल कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
थाना से इतनी कम दूरी पर दिनदहाड़े वाहन चोरी की घटना ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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