मानपुरा भाखरी में वर्षों से जमा नालियों के कचरे की हुई सफाई, समाजसेवक पवन कीर सिसोदिया ने लिया गांव को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने का संकल्प पाली। मानपुरा भाखरी, कीरों की ढाणी में लंबे समय से नालियों में जमा कचरे की आज सफाई करवाई गई। नालियां कचरे से पूरी तरह भरी हुई थीं। सफाई के बाद जब कचरे से भरे ट्रैक्टर नजर आए तो लंबे समय से जमा कचरे की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। समाजसेवक पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि पूरा गांव स्वच्छता और विकास कार्यों में पाली जिले में अग्रणी बने। गांव में सभी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक मोहल्ले में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित हो, इसके लिए वे निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए 5,000 पौधे लगाने और उन्हें बड़े पेड़ बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार अपने स्तर पर पौधों की देखभाल कर उन्हें बड़ा पेड़ बनाने का संकल्प ले, तो पूरा गांव और पाली क्षेत्र हरियाली में एक मिसाल बन सकता है। इससे पर्यावरण बेहतर होगा, हरियाली बढ़ेगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि 5,000 पौधों की व्यवस्था वे अपने स्तर पर करवाएंगे, लेकिन पौधों को पेड़ बनाने की जिम्मेदारी सभी ग्रामीणों को मिलकर निभानी होगी। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान में सहयोग करने का वचन और संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव के किसी भी सार्वजनिक कार्य या समस्या के समाधान के लिए वे 24 घंटे ग्रामीणों की सेवा के लिए तैयार हैं। गांव के प्रत्येक मोहल्ले की समस्या को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। ग्रामीण अपनी समस्या का वीडियो बनाकर उनके मोबाइल नंबर पर भेज सकते हैं, ताकि समस्या को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर समाधान करवाने का प्रयास किया जा सके। पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सफाई करवाना नहीं, बल्कि पूरे गांव को स्वच्छ, सुंदर, विकसित और हरित गांव बनाना है।
मानपुरा भाखरी में वर्षों से जमा नालियों के कचरे की हुई सफाई, समाजसेवक पवन कीर सिसोदिया ने लिया गांव को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने का संकल्प पाली। मानपुरा भाखरी, कीरों की ढाणी में लंबे समय से नालियों में जमा कचरे की आज सफाई करवाई गई। नालियां कचरे से पूरी तरह भरी हुई थीं। सफाई के बाद जब कचरे से भरे ट्रैक्टर नजर आए तो लंबे समय से जमा कचरे की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। समाजसेवक पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि पूरा गांव स्वच्छता और विकास कार्यों में पाली जिले में अग्रणी बने। गांव में सभी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक मोहल्ले में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित हो, इसके लिए वे निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए 5,000 पौधे लगाने और उन्हें बड़े पेड़ बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार अपने स्तर पर पौधों की देखभाल कर उन्हें बड़ा पेड़ बनाने का संकल्प ले, तो पूरा गांव और पाली क्षेत्र हरियाली में एक मिसाल बन सकता है। इससे पर्यावरण बेहतर होगा, हरियाली बढ़ेगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि 5,000 पौधों की व्यवस्था वे अपने स्तर पर करवाएंगे, लेकिन पौधों को पेड़ बनाने की जिम्मेदारी सभी ग्रामीणों को मिलकर निभानी होगी। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान में सहयोग करने का वचन और संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव के किसी भी सार्वजनिक कार्य या समस्या के समाधान के लिए वे 24 घंटे ग्रामीणों की सेवा के लिए तैयार हैं। गांव के प्रत्येक मोहल्ले की समस्या को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। ग्रामीण अपनी समस्या का वीडियो बनाकर उनके मोबाइल नंबर पर भेज सकते हैं, ताकि समस्या को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर समाधान करवाने का प्रयास किया जा सके। पवन कीर सिसोदिया ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सफाई करवाना नहीं, बल्कि पूरे गांव को स्वच्छ, सुंदर, विकसित और हरित गांव बनाना है।
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- लामपोलाई से कावरियाट जाने वाली सड़क का निर्माण कुछ महीने पहले हुआ था। सड़क निर्माण के दौरान गांव में आवश्यक नाला नहीं बनाया गया, जिसके कारण अब बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और गांव का गंदा पानी सड़क पर जमा होने से गांव के बाहर करीब 3 से 4 फीट तक जलभराव हो गया है। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से पानी की निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। परिणामस्वरूप, बारिश का पानी लंबे समय तक सड़क पर ही जमा रहता है। लगातार जलभराव के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन संतुलन खोकर गिर रहे हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बड़े हादसे की आशंका जताई है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी यूनिफॉर्म और किताबें भीग जाती हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी पानी के बीच से निकलने में काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जलभराव के कारण आसपास गंदगी फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सड़क निर्माण के समय नाला भी बना दिया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधूरे निर्माण कार्य का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि मौके का शीघ्र निरीक्षण कर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए तथा नाला निर्माण कराया जाए, ताकि सड़क पर जमा गंदे पानी से लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लामपोलाई से कावरियाट जाने वाली सड़क का निर्माण कुछ महीने पहले हुआ था। सड़क निर्माण के दौरान गांव में आवश्यक नाला नहीं बनाया गया, जिसके कारण अब बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और गांव का गंदा पानी सड़क पर जमा होने से गांव के बाहर करीब 3 से 4 फीट तक जलभराव हो गया है। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से पानी की निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। परिणामस्वरूप, बारिश का पानी लंबे समय तक सड़क पर ही जमा रहता है। लगातार जलभराव के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन संतुलन खोकर गिर रहे हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बड़े हादसे की आशंका जताई है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी यूनिफॉर्म और किताबें भीग जाती हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी पानी के बीच से निकलने में काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जलभराव के कारण आसपास गंदगी फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सड़क निर्माण के समय नाला भी बना दिया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधूरे निर्माण कार्य का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि मौके का शीघ्र निरीक्षण कर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए तथा नाला निर्माण कराया जाए, ताकि सड़क पर जमा गंदे पानी से लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।1
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- bjpbhajanlal पूर्व में काँग्रेस की सरकार ने निकाय एवं पंचायत चुनावों को वर्षों तक खींचकर विकास कार्यों को बाधित किया। अब हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि प्रदेश में स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। एक चुनाव, एक व्यवस्था और समय व संसाधनों की बचत के साथ विकास कार्यों को निरंतर गति देना ही हमारी प्राथमिकता है। bjpbhajanlal पूर्व में काँग्रेस की सरकार ने निकाय एवं पंचायत चुनावों को वर्षों तक खींचकर विकास कार्यों को बाधित किया। अब हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि प्रदेश में स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। एक चुनाव, एक व्यवस्था और समय व संसाधनों की बचत के साथ विकास कार्यों को निरंतर गति देना ही हमारी प्राथमिकता है।1
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- रियांबड़ी। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रियांबड़ी के रामकृष्ण स्कूल परिसर में एक सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिनकी संरक्षण जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी गई।वृक्षारोपण के दौरान कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का विशेष संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने वादा किया कि वे अपने घरों पर भी कम से कम एक पौधा लगाएंगे और उसकी नियमित देखभाल करेंगे। उन्होंने विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और उनके विकास में सहयोग करने का भी संकल्प लिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पौधों के महत्व और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम में मागीलाल हालू, पिंटू हालू, साबू नाथ, राजू जाट, सुभाष जाट, रिजवान खान, मुकेश मेघवाल, रामकिशोर प्रजापत, ओमप्रकाश, सुमन, सुशीला, गंगा, अनीता सहित सुमन माली और गोविंद सिंह ने भी 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की शपथ ली।वक्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरण को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने से समाज में जागरूकता का संदेश पहुंचेगा।विद्यालय परिवार ने इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों और ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। सामूहिक वृक्षारोपण के बाद विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उत्साह के साथ स्वीकार की। रियांबड़ी। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रियांबड़ी के रामकृष्ण स्कूल परिसर में एक सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिनकी संरक्षण जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपी गई।वृक्षारोपण के दौरान कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का विशेष संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने वादा किया कि वे अपने घरों पर भी कम से कम एक पौधा लगाएंगे और उसकी नियमित देखभाल करेंगे। उन्होंने विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और उनके विकास में सहयोग करने का भी संकल्प लिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पौधों के महत्व और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम में मागीलाल हालू, पिंटू हालू, साबू नाथ, राजू जाट, सुभाष जाट, रिजवान खान, मुकेश मेघवाल, रामकिशोर प्रजापत, ओमप्रकाश, सुमन, सुशीला, गंगा, अनीता सहित सुमन माली और गोविंद सिंह ने भी 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की शपथ ली।वक्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरण को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने से समाज में जागरूकता का संदेश पहुंचेगा।विद्यालय परिवार ने इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों और ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। सामूहिक वृक्षारोपण के बाद विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उत्साह के साथ स्वीकार की।1
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