मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल, मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?
मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल, मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?
- पीजीआई तेलीबाग की काली पहाड़ी पर खुलेआम जुए और नशेड़ियो का अड्डा! तेलीबाग स्थित काली पहाड़ी पर मजदूर अड्डा बना जुआ का अड्डा,होता है खुलेआम जुआ स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूर अड्डे के नाम पर यह स्थान पूरे क्षेत्र के नशेड़ियों और अराजक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। पास स्थित शनिदेव मंदिर में मिलने वाले निःशुल्क भोजन का भी कुछ लोग गलत तरीके से लाभ उठाते हैं। अब देखना होगा कि पीजीआई पुलिस की नजर इस अड्डे पर कब पड़ती है।।1
- 🇮🇳 “यह तिरंगा हमारी सादगी, हमारे विकास, हमारी विरासत और भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 🇮🇳 “यह तिरंगा हमारी सादगी, हमारे विकास, हमारी विरासत और भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- एक सौ एक लिटर गंगा जल प्रयाग राज से लेकर बाबा बेलखन नाथ धाम में भोले नाथ बाबा का हिमांशू सिंह करेगें जलाभिषेंक एक सौ एक लिटर गंगा जल प्रयाग राज से लेकर बाबा बेलखन नाथ धाम में भोले नाथ बाबा का हिमांशू सिंह करेगें जलाभिषेंक। सभी भक्तं मातायें,बहने व बच्चें पद यात्रा नाचते व बाबा भोलेनाथ महादेव का जयघोंष करते हुऐं चिलबिला चौराहें पर बाबा भोलेनाथ महादेव के भक्तों ने माला पहनाकर बाबा भोलेनाथ महादेव का जय घोष पद यात्रा करते हुऐं चले रंजीतपुर चिलबिला चौंहान बस्ती के हिमांशू सिंह प्रयाग राज से दश कलश में एक सौ एक लिटर जल से करेगें बाबा भोलेनाथ महादेव का जलाभिषेंक ।1
- गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी* 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ *गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी* *गुम हुआ मोबाइल वापस मिलने से चेहरे पर लौटी मुस्कान, गाजीपुर पुलिस की साइबर टीम ने फिर दिखाया गुड वर्क।”* लखनऊ कमिश्नरेट के थाना गाजीपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम और खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कुल कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपये है। थाना गाजीपुर साइबर हेल्पडेस्क द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से लगातार मोबाइल फोनों को ट्रेस किया जा रहा था। तकनीकी जानकारी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोनों को बरामद किया गया। बरामद मोबाइल फोन में OPPO, VIVO, Samsung, Motorola, OnePlus, Realme, Redmi, POCO, LAVA और itel समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने गाजीपुर पुलिस और साइबर हेल्पडेस्क टीम का आभार जताया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक/कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-B आमिर अली खान, कांस्टेबल गौरव शर्मा और कांस्टेबल पूजा शर्मा की भूमिका रही। लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना/साइबर हेल्पडेस्क को सूचना दें और मोबाइल के IMEI नंबर को CEIR पोर्टल पर ब्लॉक/ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाएं। *लखनऊ कमिश्नर के दिशा निर्देशन में थाना गाजीपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य का ताबड़तोड़ जनता के हित में गुड वर्क, सभी मोबाइल धारकों ने लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को कोटि कोटि धन्यवाद अदा किया* *समीर नक़वी* |4
- ब्रेकिंग न्यूज़ लखनऊ खबर दुबग्गा में नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान, अफवाहों पर लगाम जरूरी लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले नगर निगम जोन-6 की टीम ने दुबग्गा क्षेत्र में सड़क किनारे लगे ठेले और अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। नगर निगम अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए कार्रवाई की। कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों द्वारा वसूली के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नगर निगम की ओर से अभियान को अतिक्रमण हटाने और सड़क व्यवस्था बेहतर करने की कार्रवाई बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ खाली रहने से राहगीरों को राहत मिली है। ठाकुरगंज नगर निगम की टीम का अतिक्रमण के खिलाफ अभियान सराहनीय कदम माना जा रहा है। रिपोर्टर & एडिटर मो. ज़ुनैद2
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी गुम हुआ मोबाइल वापस मिलने से चेहरे पर लौटी मुस्कान, गाजीपुर पुलिस की साइबर टीम ने फिर दिखाया गुड वर्क।” लखनऊ कमिश्नरेट के थाना गाजीपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम और खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कुल कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपये है। थाना गाजीपुर साइबर हेल्पडेस्क द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से लगातार मोबाइल फोनों को ट्रेस किया जा रहा था। तकनीकी जानकारी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोनों को बरामद किया गया। बरामद मोबाइल फोन में OPPO, VIVO, Samsung, Motorola, OnePlus, Realme, Redmi, POCO, LAVA और itel समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने गाजीपुर पुलिस और साइबर हेल्पडेस्क टीम का आभार जताया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक/कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-B आमिर अली खान, कांस्टेबल गौरव शर्मा और कांस्टेबल पूजा शर्मा की भूमिका रही। लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना/साइबर हेल्पडेस्क को सूचना दें और मोबाइल के IMEI नंबर को CEIR पोर्टल पर ब्लॉक/ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाएं। लखनऊ कमिश्नर के दिशा निर्देशन में थाना गाजीपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य का ताबड़तोड़ जनता के हित में गुड वर्क, सभी मोबाइल धारकों ने लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को कोटि कोटि धन्यवाद अदा किया अमन राठौर |1
- 🚨 लखनऊ: सावन के सोमवार पर सुबह 5 बजे से शराब बिक्री का आरोप, न्यू हैदरगंज ठेके को लेकर उठे सवाल लखनऊ। सावन के पवित्र महीने में सोमवार की सुबह करीब 5 बजे से न्यू हैदरगंज स्थित शराब के ठेके पर शराब बिक्री शुरू होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्धारित समय से पहले शराब की बिक्री कराए जाने से क्षेत्र में लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराब के ठेके से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर मंदिर भी स्थित है। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व भी क्षेत्रीय लोगों ने ठेके पर कथित रूप से समय से पहले शराब बिक्री और अन्य गतिविधियों को लेकर विरोध जताया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। वायरल वीडियो में कथित तौर पर ठेके पर सुबह के समय शराब बिक्री होती दिखाई दे रही है। वीडियो से जुड़े दावों में यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि ठेके से 24 घंटे शराब बिक्री की बात कही गई। हालांकि, ठेकेदार द्वारा 24 घंटे शराब बिक्री और आबकारी विभाग के अधिकारियों के “मैनेज” होने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायत पर आबकारी विभाग एवं प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या निर्धारित समय से पहले शराब बिक्री की जांच होगी या मामला महज शिकायत और वायरल वीडियो तक ही सीमित रहेगा? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- दुबग्गा वन रेंज में देर रात अवैध आम के पेड़ों के कटान का आरोप, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल लखनऊ। दुबग्गा वन रेंज क्षेत्र की चौकी कसमंडी कलां के अंतर्गत भदवाना और हिम्मतखेड़ा के बीच देर रात कथित रूप से आम के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वन माफिया द्वारा रात के अंधेरे में पेड़ों की कटान कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि कसमंडी रोड स्थित बैदा नगर पुलिया के पास जिम बिल्डिंग के पीछे भी कथित रूप से अवैध कटान का कार्य चल रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। एक ही प्रदेश में वन कटान के अलग-अलग नियमों का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुबग्गा और मलिहाबाद वन रेंज में पेड़ों की कटान को लेकर अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जा रही है। आरोप है कि दुबग्गा रेंज में केवल टीपी-2 के आधार पर कटान की अनुमति मिलने की बात कही जाती है। जबकि मलिहाबाद रेंज में परमिट के साथ टीपी-2 की आवश्यकता बताई जाती है। हालांकि, इन आरोपों और प्रक्रियाओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित वन विभाग के अधिकारियों से होना बाकी है। कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय बीट प्रभारी, वन दरोगा शिव सहाय और वन रक्षक रोहित सिंह पर कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के बिना क्षेत्र में इस तरह का कटान संभव नहीं है। वहीं, झखड़ बाग चौराहे के पास पूर्व में कथित रूप से किए गए अवैध कटान को लेकर भी स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है। हरियाली बढ़ाने के दावों के बीच कटान पर सवाल प्रदेश सरकार जहां हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर वन क्षेत्रों में पेड़ों की कथित अवैध कटान की शिकायतें सामने आना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलिहाबाद और दुबग्गा वन रेंज में तेजी से कथित अवैध कटान हो रहा है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय कर्मचारियों की कार्यशैली के कारण वन विभाग की एसडीओ की छवि भी प्रभावित हो रही है। अब देखना यह है कि वन विभाग इन आरोपों की जांच कर क्या कार्यवाही करता है और क्षेत्र में पेड़ों की कथित अवैध कटान पर कब प्रभावी रोक लगती है।1