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सतना की शहर कोतवाली पुलिस ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर मारपीट करने तथा नगदी व मोबाइल लूटने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए लोहरौरा निवासी 20 वर्षीय यश उर्फ यशवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह घटना 28 जून को हुई थी, जब आरोपियों ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में शराब पीने के लिए पैसों की मांग करते हुए कर्मचारी पुष्पराज दाहिया के साथ मारपीट की थी। इसके बाद आरोपी कर्मचारी से ₹5 हजार नगद और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी थी, वहीं अब दूसरे आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
सतना की शहर कोतवाली पुलिस ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर मारपीट करने तथा नगदी व मोबाइल लूटने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए लोहरौरा निवासी 20 वर्षीय यश उर्फ यशवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह घटना 28 जून को हुई थी, जब आरोपियों ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में शराब पीने के लिए पैसों की मांग करते हुए कर्मचारी पुष्पराज दाहिया के साथ मारपीट की थी। इसके बाद आरोपी कर्मचारी से ₹5 हजार नगद और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी थी, वहीं अब दूसरे आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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- Post by Pintu Dubey3
- सतना की शहर कोतवाली पुलिस ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर मारपीट करने तथा नगदी व मोबाइल लूटने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए लोहरौरा निवासी 20 वर्षीय यश उर्फ यशवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह घटना 28 जून को हुई थी, जब आरोपियों ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में शराब पीने के लिए पैसों की मांग करते हुए कर्मचारी पुष्पराज दाहिया के साथ मारपीट की थी। इसके बाद आरोपी कर्मचारी से ₹5 हजार नगद और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी थी, वहीं अब दूसरे आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर एक राय होकर मारपीट और नगदी लूटने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया है। फरियादी पुष्पराज दाहिया (उम्र 30 वर्ष, निवासी लोहरौरा) ने 28.06.26 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह आशीर्वाद ढाबे में नौकरी करता है और रात में ढाबे पर बैठा था। तभी अचानक यश सिंह, कार्तिक सिंह, अरविंद सिंह उर्फ छोटू, रिशू सिंह, आदित्य सिंह और अन्य लोग आए तथा शराब पीने के लिए पैसे की मांग करते हुए मारपीट करने लगे। आरोपी ढाबे में रखा मोबाइल और ₹5000 नगद लूटकर साथ ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाण्डेय और नगर पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी सिटी कोतवाली उप पुलिस अधीक्षक रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में धारा 567/26 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। पूर्व में आरोपी कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू (पिता अनिल सिंह परिहार, उम्र 20 वर्ष, निवासी लगरगवां थाना उचेहरा) को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जा चुका है। वहीं, पतासाजी के दौरान आरोपी यश उर्फ यशवर्धन सिंह (पिता निर्भय सिंह, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरौरा, थाना सिटी कोतवाली, सतना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना निरूद्ध कर दिया गया। मामले के अन्य आरोपी घटना के समय से फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक हेमराज सिंह, प्रधान आरक्षक 28 सतेन्द्र सिंह, आरक्षक 706 कृष्णरंजन और आरक्षक 1044 सतीष की सराहनीय भूमिका रही।1
- चित्रकूट में कर्वी–पहाड़ी राजपुर मार्ग पर अशोह के तालाब के पास एक अर्टिगा कार ने लोहे की छड़ें ले जा रहे रिक्शे को पीछे से टक्कर मार दी। रिक्शा चालक के अनुसार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोहे की छड़ों के पीछे लाल कपड़ा भी बांधा गया था। इसके बावजूद कार ने रिक्शे में टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गाड़ी चलाते समय कार चालक वाहन में कुछ ठीक करने के लिए नीचे झुक गया था। इस वजह से उसका ध्यान सड़क से हट गया और यह दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। वाहन चलाते समय सड़क पर पूरा ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।1
- चित्रकूट के कर्वी में नल का पानी निकालने के लिए कोई नाली नहीं है। नाली की व्यवस्था न होने के कारण पानी सीधे सड़क से होकर बह रहा है और नाली का निर्माण भी नहीं कराया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्थित थाना बहिलपुरवा क्षेत्र की देवांगना घाटी में एक 20 वर्षीय युवती के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती अपने 17 वर्षीय साथी के साथ मोटरसाइकिल से देवांगना घाटी गई थी। दोनों जब बाइक खड़ी कर पहाड़ी की ओर जंगल में पैदल गए, तभी पीछे से एक अन्य बाइक पर आए तीन युवकों में से आरोपियों ने वहां पहुंचकर युवती के साथ गलत काम किया। दोपहर लगभग 3:30 से 4:00 बजे के बीच यूपी-112 पर घटना की जानकारी मिलने के बाद पीआरवी टीम, क्षेत्राधिकारी सिटी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना बहिलपुरवा में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की जांच और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल, सर्विलांस, एसओजी और बहिलपुरवा थाना पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के सतना में लोकनिर्माण विभाग की सतना से सेमरिया मार्ग की डायवर्शन सड़क 'नैना सगमनिया मार्ग' पर जाम लग गया है। इस रास्ते पर जाम लगने की वजह से वहाँ से गुजर रहे वाहन चालक और यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और दावे सामने आने के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मांग की गई है कि यदि किसी के भी साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। यह बात किसी भी संस्था या व्यक्ति के प्रति नफरत फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जवाबदेही और अधिकारों पर चर्चा के लिए उठाई गई है। इसके साथ ही जनता से भी सवाल किया गया है कि क्या लोकतंत्र में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य हैं और इस मुद्दे पर लोगों से कमेंट के जरिए अपनी राय साझा करने की अपील की गई है।1