सुरक्षा मानकों को ताख़ पर रखकर चलाए जा रहे ऊंचे - ऊंचे झूले,मेले के नाम पर शुरू की जा रही नई प्रथा रात एक बजे तक चल रहे मेले मे महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल ठाकुरद्वारा ।कस्बे के मौहल्ला लाल बाग में आयोजित मेले मे देर रात तक जमकर हुड़दंग मचाया जा रहा है,हैरत की बात ये है कि स्थानीय प्रशासन इस सब से बेखबर है या फिर यूं कहे कि किसी अप्रिय घटना के इंतजार मे है।सूत्रों की मानें तो बिना मनोरंजन कर विभाग की अनुमति के उक्त मेले मे लगभग 50 फीट ऊंचा झूला लगाकर निर्धारित समय के बाद भी रात एक से दो बजे तक मेला कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। हाल ही मे हुए हादसों से भी क्यों नही लिया जा रहा सबक मेला संचालक जावेद अहमद का कहना है कि परमिशन रात 10 बजे तक है,जबकि सारे नियम कानून ताख पर रखकर मेला संचालक द्वारा देर रात तक उक्त मेले का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से यह सिलसिला रात दो बजे तक चल रहा है। वहीं मेले मे लगे ऊंचे - ऊंचे झूलों पर सुरक्षा संबंधी कोई भी इंतज़ाम नहीं है फिर चाहे वह अग्निशमन कीट हो या फ़िर मेडिकल संबंधी,ऐसे मे सवाल उठता है कि कई अलग अलग स्थानों पर हाल ही मे झूलों से हुए हादसों के बाद भी प्रशासन सबक क्यों नहीं ले रहा है क्यों बिना सुरक्षा संबंधी मानकों के ऊंचे ऊंचे झूले लगाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। महिला सुरक्षा पर उठ रहे सवाल कई सामाजिक लोगो का दावा है कि उक्त मेले में कोई पुलिसकर्मी तैनात नही रहता न ही महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं।जबकि नगर की बाहरी दिशा मे लगने वाले इस मेले मे बड़ी संख्या में महिलाएं मेला देखने आती हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं से अनजान बना है। गौरतलब है कि कस्बे में संचालित होटलों को कोतवाली पुलिस रात 10 बजे के बाद डंडे के बल बंद करा देती है, जबकि उसी समय सीमा वाले इस मेले पर कोई कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली पुलिस की मिलीभगत के कारण ही मेला संचालक निर्धारित समय के दो - तीन घंटे बाद तक मेला चला पा रहा है।इससे नगर में चोरी की घटनाओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मेला संचालक के हौसलों पर अंकुश लगाता है या नहीं। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नई प्रथा डालने वाले मेले पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि अपने निजी स्वार्थ के लिए नगर निवासी जावेद अहमद व कुछ बाहरी लोगों द्वारा पिछले कुछ समय से उक्त मेले का आयोजन किया जा रहा है ,जबकि कई बार ऐसा भी हुआ है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नई प्रथा बताकर मेला उखड़वाते हुए नगर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था,लेकिन इस बार राजनीतिक संरक्षण कहे या फ़िर मिलीभगत नई प्रथा चालू करने वाले इस मेले का आयोजन सारे सुरक्षा मानक और नियम कानून को दरकिनार करते हुए देर रात तक धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों लोग जमा हो रहे हैं, ऐसे मे सवाल उठता है कि यदि उक्त मेले मे कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो जवाबदेही किसकी होगी ।
सुरक्षा मानकों को ताख़ पर रखकर चलाए जा रहे ऊंचे - ऊंचे झूले,मेले के नाम पर शुरू की जा रही नई प्रथा रात एक बजे तक चल रहे मेले मे महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल ठाकुरद्वारा ।कस्बे के मौहल्ला लाल बाग में आयोजित मेले मे देर रात तक जमकर हुड़दंग मचाया जा रहा है,हैरत की बात ये है कि स्थानीय प्रशासन इस सब से बेखबर है या फिर यूं कहे कि किसी अप्रिय घटना के इंतजार मे है।सूत्रों की मानें तो बिना मनोरंजन कर विभाग की अनुमति के उक्त मेले मे लगभग 50 फीट ऊंचा झूला लगाकर निर्धारित समय के बाद भी रात एक से दो बजे तक मेला कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। हाल ही मे हुए हादसों से भी क्यों नही लिया जा रहा सबक मेला संचालक जावेद अहमद का कहना है कि परमिशन रात 10 बजे तक है,जबकि सारे नियम कानून ताख पर रखकर मेला संचालक द्वारा देर रात तक उक्त मेले का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से यह सिलसिला रात दो बजे तक चल रहा है। वहीं मेले मे लगे ऊंचे - ऊंचे झूलों पर सुरक्षा संबंधी कोई भी इंतज़ाम नहीं है फिर चाहे वह अग्निशमन कीट हो या फ़िर मेडिकल संबंधी,ऐसे मे सवाल उठता है कि कई अलग अलग स्थानों पर हाल ही मे झूलों से हुए हादसों के बाद भी प्रशासन सबक क्यों नहीं ले रहा है क्यों बिना सुरक्षा संबंधी मानकों के ऊंचे ऊंचे झूले लगाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। महिला सुरक्षा पर उठ रहे सवाल कई सामाजिक लोगो का दावा है कि उक्त मेले में कोई पुलिसकर्मी तैनात नही रहता न ही महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं।जबकि नगर की बाहरी
दिशा मे लगने वाले इस मेले मे बड़ी संख्या में महिलाएं मेला देखने आती हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं से अनजान बना है। गौरतलब है कि कस्बे में संचालित होटलों को कोतवाली पुलिस रात 10 बजे के बाद डंडे के बल बंद करा देती है, जबकि उसी समय सीमा वाले इस मेले पर कोई कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली पुलिस की मिलीभगत के कारण ही मेला संचालक निर्धारित समय के दो - तीन घंटे बाद तक मेला चला पा रहा है।इससे नगर में चोरी की घटनाओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मेला संचालक के हौसलों पर अंकुश लगाता है या नहीं। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नई प्रथा डालने वाले मेले पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि अपने निजी स्वार्थ के लिए नगर निवासी जावेद अहमद व कुछ बाहरी लोगों द्वारा पिछले कुछ समय से उक्त मेले का आयोजन किया जा रहा है ,जबकि कई बार ऐसा भी हुआ है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नई प्रथा बताकर मेला उखड़वाते हुए नगर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था,लेकिन इस बार राजनीतिक संरक्षण कहे या फ़िर मिलीभगत नई प्रथा चालू करने वाले इस मेले का आयोजन सारे सुरक्षा मानक और नियम कानून को दरकिनार करते हुए देर रात तक धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों लोग जमा हो रहे हैं, ऐसे मे सवाल उठता है कि यदि उक्त मेले मे कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो जवाबदेही किसकी होगी ।
- रात एक बजे तक चल रहे मेले मे महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल ठाकुरद्वारा ।कस्बे के मौहल्ला लाल बाग में आयोजित मेले मे देर रात तक जमकर हुड़दंग मचाया जा रहा है,हैरत की बात ये है कि स्थानीय प्रशासन इस सब से बेखबर है या फिर यूं कहे कि किसी अप्रिय घटना के इंतजार मे है।सूत्रों की मानें तो बिना मनोरंजन कर विभाग की अनुमति के उक्त मेले मे लगभग 50 फीट ऊंचा झूला लगाकर निर्धारित समय के बाद भी रात एक से दो बजे तक मेला कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। हाल ही मे हुए हादसों से भी क्यों नही लिया जा रहा सबक मेला संचालक जावेद अहमद का कहना है कि परमिशन रात 10 बजे तक है,जबकि सारे नियम कानून ताख पर रखकर मेला संचालक द्वारा देर रात तक उक्त मेले का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से यह सिलसिला रात दो बजे तक चल रहा है। वहीं मेले मे लगे ऊंचे - ऊंचे झूलों पर सुरक्षा संबंधी कोई भी इंतज़ाम नहीं है फिर चाहे वह अग्निशमन कीट हो या फ़िर मेडिकल संबंधी,ऐसे मे सवाल उठता है कि कई अलग अलग स्थानों पर हाल ही मे झूलों से हुए हादसों के बाद भी प्रशासन सबक क्यों नहीं ले रहा है क्यों बिना सुरक्षा संबंधी मानकों के ऊंचे ऊंचे झूले लगाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। महिला सुरक्षा पर उठ रहे सवाल कई सामाजिक लोगो का दावा है कि उक्त मेले में कोई पुलिसकर्मी तैनात नही रहता न ही महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं।जबकि नगर की बाहरी दिशा मे लगने वाले इस मेले मे बड़ी संख्या में महिलाएं मेला देखने आती हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं से अनजान बना है। गौरतलब है कि कस्बे में संचालित होटलों को कोतवाली पुलिस रात 10 बजे के बाद डंडे के बल बंद करा देती है, जबकि उसी समय सीमा वाले इस मेले पर कोई कार्रवाई नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली पुलिस की मिलीभगत के कारण ही मेला संचालक निर्धारित समय के दो - तीन घंटे बाद तक मेला चला पा रहा है।इससे नगर में चोरी की घटनाओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मेला संचालक के हौसलों पर अंकुश लगाता है या नहीं। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नई प्रथा डालने वाले मेले पर उठ रहे सवाल लोगों का कहना है कि अपने निजी स्वार्थ के लिए नगर निवासी जावेद अहमद व कुछ बाहरी लोगों द्वारा पिछले कुछ समय से उक्त मेले का आयोजन किया जा रहा है ,जबकि कई बार ऐसा भी हुआ है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नई प्रथा बताकर मेला उखड़वाते हुए नगर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था,लेकिन इस बार राजनीतिक संरक्षण कहे या फ़िर मिलीभगत नई प्रथा चालू करने वाले इस मेले का आयोजन सारे सुरक्षा मानक और नियम कानून को दरकिनार करते हुए देर रात तक धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों लोग जमा हो रहे हैं, ऐसे मे सवाल उठता है कि यदि उक्त मेले मे कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो जवाबदेही किसकी होगी ।2
- gaon rahata mafi jila muradabad tahsil thakurdwara ka ek khadanja Reliance tower ke samne padta hai yah road jismein ki ek mohalla acchi khasi basti hai Pradhan ke pass jaate Hain Sun nahin pata vah usse बार-बार bolate Hain vah kahta hai theek hai FIR banata nahin hai iski nali bhi sab kuchh kharab hua pada hai1
- जिला बिजनोर क्षेत्र नहटौर में दर्दनाक हादसा ट्रैक्टर चालक की मौत। फुलसंदा गांव के पास खाई में गिरा ट्रैक्टर-ट्रॉली। लकड़ियों से लदी ट्रॉली पलटकर चालक पर गिरी। राजेंद्र कुमार नामक युवक की मौके पर ही हुई मौत। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को लिया कब्जे मे लिया। पोस्टमार्टम व आगे की कानूनी कार्रवाई जारी।1
- बिजनौर के शेरकोट क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक वृद्ध महिला को लिफ्ट देने के बहाने आरोपी ने घने जंगल में ले जाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया और बाद में पत्थर से पीट-पीट कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस, बाइक, नकदी और मोबाइल भी बरामद हुए हैं। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोगों में दहशत का माहौल है।1
- धामपुर में युवक रहस्यमयी ढंग से लापता, 3.94 लाख के साथ गायब—परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका1
- Post by नीरज कुमार1
- Post by Khalid Ali1
- जिला बिजनोर क्षेत्र नहटौर में हुई घटना के बारे में बताते हुए सी ओ धामपुर अभय पांडेय1