शाहपुरा के स्थित निजी सह-शिक्षा (Co-ed) स्कूल युवराज सिंह तंवर ने अपनी अद्वितीय शैक्षणिक योग्यता का प्रदर्शन करते हुए 95.17प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। कशिश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा पुर्व निवासी-टोडा दरीबा , वर्तमान निवासी शाहपुरा क्षेत्र गौरवान्वित है,10 वीं की बोर्ड परीक्षा में 95.17 % से अधिक अंक प्राप्त कर होनहार छात्रा ने इतिहास रच दिया है। इस शानदार सफलता पर दादा-दादी की आँखों में ख़ुशी के आंसू छलक आए, जो उनके वर्षों के अनुशासन और मेहनत का परिणाम है। यह उपलब्धि परिवार के लिए बेहद गौरवपूर्ण क्षण है, जिसमें दादा जी ने बच्चे को आशीर्वाद दिया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की । कशिश ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट सहयोग को दिया है। विद्यालय परिवार ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर इस जीत का जश्न मनाया। कशिश की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पिता नरेंद्र सिंह तंवर और माता सुनीता कंवर भावुक हो गए।
शाहपुरा के स्थित निजी सह-शिक्षा (Co-ed) स्कूल युवराज सिंह तंवर ने अपनी अद्वितीय शैक्षणिक योग्यता का प्रदर्शन करते हुए 95.17प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। कशिश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा पुर्व निवासी-टोडा दरीबा , वर्तमान निवासी शाहपुरा क्षेत्र गौरवान्वित है,10 वीं की बोर्ड परीक्षा में 95.17 % से अधिक अंक प्राप्त कर होनहार छात्रा ने इतिहास रच दिया है। इस शानदार सफलता पर दादा-दादी की आँखों में ख़ुशी के आंसू छलक आए, जो उनके वर्षों के अनुशासन और मेहनत का परिणाम है। यह उपलब्धि परिवार के लिए बेहद गौरवपूर्ण क्षण है, जिसमें दादा जी ने बच्चे को आशीर्वाद दिया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की । कशिश ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के अटूट सहयोग को दिया है। विद्यालय परिवार ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर इस जीत का जश्न मनाया। कशिश की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पिता नरेंद्र सिंह तंवर और माता सुनीता कंवर भावुक हो गए।
- Jay Shri Ram1
- वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में आज नीमराना जिला कोटपुतली बहरोड़ में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और ठेका प्रथा बंद को लेकर एसडीएम साहब को सौंपा गया ज्ञापन।।। जिस दौरान वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि , संजय जयपुर,, प्रदीप सिंगेलिया,, विनोद वाल्मीकि , संजय वाल्मीकि ,, मनोज पार्षद बहरोड़,, चौखराम वाल्मीकि आदि वाल्मीकिसेना के लोग मौजूद रहे नीमराना नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और ठेका प्रथा बंद की मांग को लेकर आज कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, साथ ही ईपीएफ कटौती, साप्ताहिक अवकाश, और अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेका व्यवस्था के तहत शोषण हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि: समय पर पूरा वेतन दिया जाए ईपीएफ और अन्य सरकारी सुविधाएं लागू की जाएं साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए और ठेका प्रथा बंद की जाय। समस्त कर्मचारियों ने वाल्मीकि सेना को आश्वाशन दिया कि अगर सरकार ने हमारी ठेका प्रथा बंद की मांग जल्द से जल्द नही मानी तो हमे चाहे जयपुर जाना पड़े या कहीं भी जाना पड़े हम चलने को तैयार है और ठेका प्रथा बंद करके ही दम लेंगे वाल्मीकि सेना ने भी ये ठान लिया है कि ठेका प्रथा बंद करवाने के लिए किसी भी हद तक गुजरना पड़े ठेका प्रथा कोबंद करवाके ही दम लेंगे,, वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि ने चेतावनी दि कि अगर मांग को जल्दी से जल्दी नही मानी गई तो आन्दोलन को और तेज किया जाएगा2
- Suresh kumat jat4
- दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय एक दो लोगों की वजह से स्टे लगा दिया गया था वो उस समय पर वो कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में गांव के लोगों को उस समय पर मुआवजा राशि भी प्रदान कर दिया था। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ *लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- दौसा। मंगलवार को कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे और MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का कार्य को पुन: जल्दी शुरू करने को लेकर ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया है कि इससे कुण्डल में MDR 48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78 ) का सैशन सन् 1979 में स्वीकृत हुआ था और 1984 में इस रोड़ का निर्माण कार्य करवाया गया था वो रोड़ आज भी बना हुआ है जो की अधुरा पड़ा हुआ है उस पर डामर डालनी बाकी थी तो उस समय कुछ व्यक्तियों के द्वारा स्टे लगा दिया गया था इसके चलते कार्य रुक गया था जिसमें 1984 में ग्रामीणों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दि गई थी। *ज्ञापन में ग्रामीणों की मांग* *प्रस्तावित MDR-48 तब्दील कर (स्टेट हाईवे -78) की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ* 1. यह सड़क ग्राम/कस्बे के नजदीक से होकर गुजरती है,जिससे स्थानीय आवागमन सुगम होगा। 2. ग्राम के मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा। 3. यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है- खोर्रा खुर्द, चौबडीवाला,सौरतलाई दुड़की,बगडे़डा़,भावती, 4. उरवाडी,कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया,एवं नारायणी माता रोड को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. यह मार्ग भांवता में स्थित प्रसिद्ध संत महाराज मंदिर तथा ढखोड़वाले बालाजी मंदिर व दुर्गा माता मंदिर से भी जुड़ता है,जिससे धार्मिक आवागमन बढ़ेगा। 5. इस सड़क के माध्यम से थानागाजी, टहला, प्रतापगढ़, गोलाकाबास, भानगढ़,नारायणी माता एवं भर्तहरी धाम तक आवागमन सरल होगा। 6. सड़क से सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल,संस्कृत स्कूल सीधे जुड़े हुए हैं। 7. प्रमुख सरकारी सस्थान जैसे पोस्ट ऑफिस, वन विभाग कार्यालय, पंचायत भवन,पटवार भवन, वर्तमान तहसील भवन एवं आईटी केंद्र इस मार्ग से जुड़े हैं। 8. यह मार्ग निर्माणाधीन तहसील भवन,प्रस्तावित CHC अस्पताल,प्रस्तावित पुलिस थाना एवं ईसरदा बांध परियोजना की जलदाय टंकी तक पहुँच के लिए महत्वपूर्ण लिंक रोड का कार्य करेगा। 9. मार्ग के आसपास सिवाईचक एवं चारागाह भूमि उपलब्ध है,जिससे भविष्य में महाविद्यालय, SDM कार्यालय, XEN कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। 10. यह सडक अधिकांशतः ग्राम सीमा के बाहर से होकर गुजरती है, और इसमें किसी प्रकार का पक्का निर्माण बाधित नहीं होता। 11. पूर्व में अधिकाश भूमि का मुआवजा दिया जा चुका है,जिससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। 12. इस मार्ग के निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी तथा क्षेत्र का समय पर विकास होगा। *वर्तमान स्टेट हाईवे-78 (कुण्डल-बांदीकुई मार्ग) से संबंधित समस्याएँ एवं हानि* 1. वर्तमान मार्ग एक प्राकृतिक बरसाती नाला (पंथ)जो की लगभग 64 फीट का है, जो तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। 2. लगभग 8-10 गांवों का व 10 किलोमीटर पहाड़ी क्षेत्र का पानी इसी मार्ग से आता है,जिससे गांव के अन्दर भारी जलभराव होता है। 3. वर्षा के समय पानी वापस कुण्डल गाँव में भर जाता है, क्योंकि आगे निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। 4. इस मार्ग पर बने 7-8 गरीब परिवारों के इंदिरा आवास प्रभावित होते हैं, जिन्हें हटाने पर वे बेघर हो जाएंगे। 5. सड़क की चौड़ाई कम एवं मोड़ अधिक होने के कारण यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। 6. इस मार्ग पर स्थित पुरानी बावड़ी एवं पौराणिक गोपाल जी महाराज मंदिर को भी नुकसान की आशंका है। 7. यह मार्ग मूलतः जल निकासी (नाला) के रूप में दर्ज है, जहाँ सरकारी रिकॉर्ड में रास्ता भी अवरुद्ध दर्शाया गया है। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, शर्माजी बावड़ीवाला, लालाराम जांगिड़, पवन कुमार शर्मा,रवि उपाध्याय,विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, लरोहिताश शर्मा, निक्की शर्मा,दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा,मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- मुंडावर: मसानी माता मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रागनी कॉम्पिटिशन में जमकर झूमे श्रद्धालु मुंडावर। मुंडावर उपखंड के समीपवर्ती गांव में स्थित प्रसिद्ध मसानी माता मंदिर के प्रांगण में वार्षिक मेले का भव्य आयोजन किया गया। आस्था और लोक संस्कृति के इस संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। धार्मिक अनुष्ठान और आस्था की डगर श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में मत्था टेककर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर 'माता के जयकारों' से गुंजायमान रहा। दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रागनी कॉम्पिटिशन ने बांधा समां मेले का मुख्य आकर्षण 'रागनी कॉम्पिटिशन' रहा। इस प्रतियोगिता में दूर-दराज से आए कलाकारों ने अपनी लोक कला और मधुर भजनों के जरिए उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। रागनी गायकों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा और उनके कटाक्षों का ग्रामीणों ने भरपूर आनंद लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर ग्रामीण झूमने को मजबूर हो गए। बच्चों के लिए रहा मनोरंजन का संगम मेले में सजी रंग-बिरंगी दुकानों पर बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। बच्चों ने जहां एक ओर मिट्टी और प्लास्टिक के खिलौनों की खरीदारी की, वहीं दूसरी ओर झूलों का जमकर आनंद उठाया। मेले में गुब्बारों, चाट-पकौड़ी और घरेलू सामान की दुकानों पर दिनभर रौनक बनी रही। ग्रामीणों की रही गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने बताया कि मसानी माता के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा है और यह मेला आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का एक बड़ा माध्यम है।1
- दौसा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं क्लास के रिजल्ट में दौसा जिले की होनहार छात्रा नंदिनी विजय ने 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से एक मिसाल कायम की है। नंदिनी का कहना है कि यदि स्पष्ट लक्ष्य तय करके पढ़ाई की जाए तो किसी भी टारगेट को हासिल किया जा सकता है। नंदिनी ने बताया कि वह केवल जरूरी काम होने पर ही मोबाइल का उपयोग करती थी, हालांकि खाली समय में टीवी सीरियल भी देखती थी। पढ़ाई के साथ-साथ उसे बैडमिंटन खेलना भी पसंद है, जिससे वह खुद को मानसिक रूप से फ्रेश रखती थी। मां स्कूल टीचर,पिता प्राइवेट कंपनी में मैनेजर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, खासकर मां चेतना विजय को दिया, जो ठीकरिया के संस्कृत स्कूल में अध्यापक हैं। नंदिनी तीन बहनों में से एक है और परिवार का पूरा सपोर्ट उसे लगातार मिलता रहा। नंदिनी के पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं। वहीं मां चेतना विजय ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब रिजल्ट देखा तो एक पल के लिए यकीन नहीं हुआ, लेकिन यह बहुत बड़ा अचीवमेंट है। उन्होंने बताया कि नंदिनी ने 100% रिजल्ट का लक्ष्य तय किया था, जिसे वह दीवार पर लिखकर रोज पढ़ाई करती थी। हालांकि कुछ नंबर कम रह गए, लेकिन फिर भी नंदिनी ने शानदार प्रदर्शन किया और परिवार का नाम रोशन किया। नंदिनी का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। स्टूडेंट्स को दिया संदेश नंदिनी और उनकी मां ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें। स्कूल की पढ़ाई को कभी नजरअंदाज न करें, क्योंकि वही ज्ञान सबसे ज्यादा स्थायी होता है। कोचिंग और ट्यूशन से ज्यादा ध्यान स्कूल पर देना चाहिए।4