अलीगढ़ के अतरौली में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने गल्ला मंडियों में किसानों से खरीदे जा रहे अनाज की तौल प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि मंडी में तौल के दौरान प्रत्येक बोरी से लगभग 1 किलोग्राम अनाज अलग कर लिया जाता है, जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही स्थानीय किसानों और लोगों के बीच इस व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि सचमुच तौल में इस प्रकार की कटौती की जा रही है, तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित मंडी प्रशासन ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मंडियों में तौल प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कांटों की नियमित जांच कराने और पूरी खरीद प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी करने की मांग उठाई है, ताकि किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
अलीगढ़ के अतरौली में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने गल्ला मंडियों में किसानों से खरीदे जा रहे अनाज की तौल प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि मंडी में तौल के दौरान प्रत्येक बोरी से लगभग 1 किलोग्राम अनाज अलग कर लिया जाता है, जिसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही स्थानीय किसानों और लोगों के बीच इस व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि सचमुच तौल में इस प्रकार की कटौती की जा रही है, तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित मंडी प्रशासन ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मंडियों में तौल प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कांटों की नियमित जांच कराने और पूरी खरीद प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी करने की मांग उठाई है, ताकि किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
- एक बेहद पीड़ादायक मामला सामने आया है, जहां सीमा पर तैनात एक आईटीबीपी (ITBP) जवान के घर पर सरकार ने बुलडोज़र चला दिया है। जब यह जवान सीमा पर अपनी ड्यूटी दे रहा था, उसी दौरान उसके घर को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया। इस घटना से उपजे गहरे दुख और पीड़ित जवान की पूरी आपबीती को खुद उनके शब्दों में सुना जा सकता है, जो जीवन की इस बेहद दर्दनाक विडंबना को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित भवानीपूर गाँव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों में यहाँ सड़क, बिजली और पक्की सड़कों के निर्माण के मामले में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थिति इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को रोजाना बरसाती पानी और कीचड़ के बीच से गुजरकर शिक्षा के लिए जाना पड़ता है, साथ ही गाँव में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान भी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ट्रिपल इंजन' सरकार के विकास दावों पर निशाना साधते हुए इसे 'डिजिटल भारत' के दावों के विपरीत बताया है। समुदाय का आरोप है कि अलीगढ़ में बंजारा जाति के गाँवों में विकास की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट प्रश्न है कि क्या बंजारा समाज से होने के कारण ही उनके गाँव में विकास योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं। समाज का तर्क है कि अन्य जातियों के गाँवों में उन्हें पूर्ण विकास नजर आता है, जबकि बंजारा बहुल गाँवों की स्थिति उपेक्षित बनी हुई है। पूरी बंजारा बिरादरी अब यह पूछ रही है कि आखिर विकास की दौड़ में उनके गाँवों को पीछे क्यों रखा गया है।4
- अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- डॉ. कंचन जैन ने ऑनलाइन गेमिंग और डोपामाइन लूप के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे वर्चुअल दुनिया का रियल डिप्रेशन करार दिया है। उनके अनुसार, यह डिजिटल रुझान मानवीय व्यवहार में गंभीर बदलाव ला रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी दी कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट किया गया है। अब इन वाहनों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेकर गुजरना होगा, साथ ही मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल इस बदलाव को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि यदि इस व्यवस्था को लेकर जनता की ओर से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार कर मौके पर ही स्थिति का निस्तारण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट कर दिया गया है, जिसके तहत अब चालकों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेना होगा। इसके अतिरिक्त, मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल, इस नई व्यवस्था को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान जनता से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार करते हुए मौके पर ही आवश्यक सुधार और बदलाव किए जाएंगे।1
- अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र स्थित पैंठ चौराहा रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार देर रात करीब 8:30 बजे मारपीट की एक घटना सामने आई है। मोहल्ला भोला नगर के निवासी बिट्टू शर्मा पुत्र राम किशोर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह बस स्टैंड पर बच्चों के लिए चिप्स खरीदने गए थे, तभी वहां मौजूद अतरौली के ही एक व्यक्ति और तीन अज्ञात युवकों ने अचानक उन्हें गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने बिट्टू शर्मा के साथ लात-घूंसे और थप्पड़ों से मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही बिट्टू शर्मा के भाई सोनू शर्मा वहां पहुंचे, तो दबंगों ने उन्हें भी अपना शिकार बनाया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। बिट्टू शर्मा ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके आधार पर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।1