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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में स्थित टपरी कलां गाँव में रास्तों का बुरा हाल है। यहाँ गाँव के रास्तों की बदतर स्थिति का मामला सामने आया है।
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में स्थित टपरी कलां गाँव में रास्तों का बुरा हाल है। यहाँ गाँव के रास्तों की बदतर स्थिति का मामला सामने आया है।
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- सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में स्थित टपरी कलां गाँव में रास्तों का बुरा हाल है। यहाँ गाँव के रास्तों की बदतर स्थिति का मामला सामने आया है।4
- सहारनपुर में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल उस समय घायल हो गए, जब वह मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए अपने आवास से रवाना हो रहे थे। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोककर उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिसके कारण उनकी छाती पर गंभीर चोट आई और वे सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत सहारनपुर के जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर इलाज शुरू किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में भारी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और समर्थक जुट गए, जिससे परिसर में काफी देर तक हलचल मची रही। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मनजीत सिंह नौटियाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने मेरठ जोन के एडीजी से मिलने का समय पहले ही तय कर रखा था। उनका मकसद ललिता गौतम के पीड़ित परिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने ले जाकर उनकी बात रखवाना था। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ अधिकारी भले ही पीड़ित परिवार के संतुष्ट होने का दावा कर रहे हों, लेकिन असल में परिवार अभी भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है और उनके मन में कई सवाल हैं। इसलिए वे चाहते थे कि वरिष्ठ अधिकारी खुद इस परिवार की पूरी बात को सीधे सुनें। नौटियाल ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे अपने घर से निकले, भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया और इसी दौरान हुई धक्का-मुक्की में किसी पुलिसकर्मी की कोहनी या कोई अन्य चोट उनकी छाती पर लगी, जिससे तेज दर्द के कारण वे बेहोश हो गए। डॉक्टरों द्वारा छाती में चोट की पुष्टि करने की बात कहते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में उन्हें अस्पताल ले जाने में भी बाधा डालने की कोशिश की गई थी। इस पूरी घटना को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि डॉक्टरों की अनुमति मिलते ही वे मेरठ जाकर पीड़ित परिवार से मिलेंगे और न्याय की लड़ाई को संविधान के दायरे में रहकर जारी रखेंगे।1
- सहारनपुर में एक परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास सूची में दर्ज कर लिया गया है। एक आरटीआई कार्यकर्ता और समाज सेवक ने इस जानकारी की पुष्टि की है।2
- हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की बुजुर्गों की 50 साल पुरानी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता के दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। सढोली निवासी पीड़ित अजीत कुमार पुत्र तेजपाल सिंह रविदासी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार के पास पिछले 50 वर्षों से यह जमीन चली आ रही है। इसी जमीन पर पिछले 50-60 सालों से आटा चक्की और मसाला पीसने की मशीन लगी हुई है, जिसके लिए बैंक से लोन भी लिया गया था। पीड़ित के अनुसार, गांव के ही निवासी अवनीश कुमार शर्मा पुत्र विष्णु दास शर्मा अवैध रूप से इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और स्कूल का रास्ता बनाने के नाम पर इसे हड़पने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्कूल का रास्ता पहले से ही दूसरी तरफ मौजूद है। अजीत कुमार का गंभीर आरोप है कि अवनीश शर्मा सत्ताधारी दल के नेता हैं और 'डबल इंजन की सरकार' का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि 'सत्ता हमारी है, अधिकारी हमारे हैं, शिकायत कहीं भी कर लो, कब्जा हमारा है'। इंसाफ के लिए पीड़ित ने एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, झबरेड़ा पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की बुजुर्गों की 50 साल पुरानी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सत्ताधारी दल के एक नेता के दबाव के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। ग्राम सढोली निवासी पीड़ित अजीत कुमार पुत्र तेजपाल सिंह रविदासी ने बताया कि इस जमीन पर पिछले 50-60 सालों से उनके परिवार की आटा चक्की और मसाला पीसने की मशीन लगी हुई है, जिसके लिए उन्होंने बैंक से लोन भी लिया हुआ है। पीड़ित अजीत कुमार का आरोप है कि गांव के ही निवासी अवनीश कुमार शर्मा पुत्र विष्णु दास शर्मा, जो कि सत्ताधारी दल के नेता हैं, इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। वे स्कूल का रास्ता बनाने के नाम पर जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्कूल का रास्ता पहले से ही दूसरी तरफ मौजूद है। पीड़ित का यह भी गंभीर आरोप है कि आरोपी "डबल इंजन की सरकार" का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, जान से मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि "सत्ता हमारी है, अधिकारी हमारे हैं, शिकायत कहीं भी कर लो, कब्जा हमारा है"। न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित अजीत कुमार ने एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी 50 साल पुरानी जमीन को कब्जा मुक्त कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, झबरेड़ा पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- रामघाट रोड पर जिरौली धूम सिंह का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है, जिसके कारण वहां से गुजरने वाले राहगीर इस गंदे पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर हैं। सड़क पर लगातार बह रहे इस दूषित पानी की वजह से राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- शामली से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में आदर्श मंडी थाना पुलिस की गाड़ी सड़क पर बंद हो जाने के बाद वहाँ मौजूद आम लोग धक्का लगाकर उसे स्टार्ट कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।1
- सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव कुलसत में ससुराल वालों के तानों से परेशान होकर एक विवाहिता द्वारा संदिग्ध दवाई पीने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की पहचान रामपुर मनिहारान के गांव कंजौली की रहने वाली मनीषा के रूप में हुई है, जिनकी शादी 4 साल पहले अमित से हुई थी। आरोप है कि शादी के 4 साल बीत जाने के बाद भी बच्चे न होने के कारण ससुराल पक्ष के लोग उन्हें लगातार ताने मार रहे थे, जिससे तंग आकर उन्होंने यह संदिग्ध दवाई पी ली। दवाई पीने के बाद मनीषा की हालत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर स्थिति में पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह जानकारी प्रारंभिक सूचना पर आधारित है और पुलिस की जांच व आधिकारिक बयान के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।1