राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लगभग 880 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए डबल इंजन सरकार धरातल पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में बनाए गए रोडमैप के धरातल पर दिख रहे प्रभावों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास का विवरण देते हुए बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान में 33,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 49,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का विकास हुआ है और 18,000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा उन्होंने राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना जैसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने समाज के चार प्रमुख वर्गों—किसान, मजदूर, महिला और युवा के कल्याण के बारे में बात करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है, जिसे आगे चलकर 12,000 रुपये किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों के लिए 1 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण वाली राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना और 22 लाख से अधिक पॉलिसियों वाली मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का भी ज़िक्र किया। युवाओं को रोजगार देने के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्य में 1.78 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। समारोह में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का उल्लेख किया। वहीं, सांसद मदन राठौड़ ने यमुना के पानी को राजस्थान लाने के मुख्यमंत्री के 'भगीरथी प्रयास' की प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया और उन्होंने राजकीय महाविद्यालय के पास पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस भव्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे के दौरान नसीराबाद-सरवाड़-केकड़ी-देवली फेज-प्रथम फोर लेन सड़क सहित कई ग्रामीण और मुख्य सड़कों के सुदृढ़ीकरण व चौड़ाईकरण कार्यों तथा विभिन्न विद्यालयों में कमरों के निर्माण का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय भवन तथा क्षेत्र की विभिन्न पुलियाओं और सड़कों के उन्नयन कार्यों का लोकार्पण भी किया।
राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लगभग 880 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए डबल इंजन सरकार धरातल पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में बनाए गए रोडमैप के धरातल पर दिख रहे प्रभावों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास का विवरण देते हुए बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान में 33,000 करोड़ रुपये से अधिक
की लागत से लगभग 49,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का विकास हुआ है और 18,000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा उन्होंने राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना जैसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने समाज के चार प्रमुख वर्गों—किसान, मजदूर, महिला और युवा के कल्याण के बारे में बात करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है, जिसे आगे चलकर 12,000 रुपये किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों के लिए 1 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण वाली राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट
कार्ड ऋण योजना और 22 लाख से अधिक पॉलिसियों वाली मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का भी ज़िक्र किया। युवाओं को रोजगार देने के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्य में 1.78 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। समारोह में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का उल्लेख किया। वहीं, सांसद मदन राठौड़ ने यमुना के पानी को राजस्थान लाने के मुख्यमंत्री के 'भगीरथी प्रयास' की प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया और उन्होंने राजकीय
महाविद्यालय के पास पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस भव्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे के दौरान नसीराबाद-सरवाड़-केकड़ी-देवली फेज-प्रथम फोर लेन सड़क सहित कई ग्रामीण और मुख्य सड़कों के सुदृढ़ीकरण व चौड़ाईकरण कार्यों तथा विभिन्न विद्यालयों में कमरों के निर्माण का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय भवन तथा क्षेत्र की विभिन्न पुलियाओं और सड़कों के उन्नयन कार्यों का लोकार्पण भी किया।
- मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बालिका कॉलेज परिसर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन वहां पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। कॉलेज परिसर के भीतर इस हाईटेंशन लाइन की मौजूदगी के कारण छात्राओं की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।1
- अजमेर जिले के ग्राम काकलवाडा में किशनगढ़-मालपुरा स्टेट हाईवे संख्या 7ई पर स्थित अलख जी महाराज चौराहे के पास तालाब की पुलिया पर सुरक्षा दीवार नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के समीप तालाब का नाला भी है, लेकिन वहां किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। शाम के समय तेज रफ्तार वाहनों की हेडलाइट की रोशनी के कारण चालकों को पुलिया का किनारा स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। पहले इस स्थान पर ग्राम पंचायत द्वारा सुरक्षा दीवार बनाई गई थी, लेकिन नई सड़क का निर्माण करने के दौरान ठेकेदार ने पुलिया एवं तालाब की ओर सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण नहीं कराया। ग्राम निवासी हाथीराम कुड़ी ने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा दीवार और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए तो यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाने और आवश्यक चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।3