सागर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाया है। सागर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाया है। टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अभियान में रुचि न लेने वाले बीएमओ पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। देखिए यह रिपोर्ट। सागर जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चल रहे एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने टीकाकरण अभियान की ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कुछ ब्लॉकों में टीकाकरण की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बीएमओ यानी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर टीकाकरण अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारी से बचाने की महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी और अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के उपायुक्त को संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों और छात्रावासों को ही वैक्सीनेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाए ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं तक टीकाकरण की सुविधा आसानी से पहुंच सके। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण के कारण होता है। कलेक्टर ने जिले के अभिभावकों से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। किशोरावस्था में लगाया गया यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में टीकाकरण किया जा रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जिले की सभी पात्र किशोरियों का टीकाकरण पूरा किया जाए। कलेक्टर ने कहा है कि यह अभियान आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सभी विभाग और समाज के लोग मिलकर इसे सफल बनाएं। फिलहाल के लिए इतना ही, बने रहिए आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 24 के साथ। धन्यवाद
सागर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाया है। सागर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाया है। टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अभियान में रुचि न लेने वाले बीएमओ पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। देखिए यह रिपोर्ट। सागर जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चल रहे एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने टीकाकरण अभियान की ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कुछ ब्लॉकों में टीकाकरण की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बीएमओ यानी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर टीकाकरण अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारी से बचाने की महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी और अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के उपायुक्त को संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों और छात्रावासों को ही वैक्सीनेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाए ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं तक टीकाकरण की सुविधा आसानी से पहुंच सके। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण के कारण होता है। कलेक्टर ने जिले के अभिभावकों से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। किशोरावस्था में लगाया गया यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में टीकाकरण किया जा रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जिले की सभी पात्र किशोरियों का टीकाकरण पूरा किया जाए। कलेक्टर ने कहा है कि यह अभियान आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सभी विभाग और समाज के लोग मिलकर इसे सफल बनाएं। फिलहाल के लिए इतना ही, बने रहिए आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 24 के साथ। धन्यवाद
- Sonu prajapati journalist Presदेवरी, सागर, मध्य प्रदेश🙏3 hrs ago
- Sonu prajapati journalist Presदेवरी, सागर, मध्य प्रदेश👏3 hrs ago
- Sonu prajapati journalist Presदेवरी, सागर, मध्य प्रदेश🙏3 hrs ago
- सागर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने सख्त रुख अपनाया है। टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अभियान में रुचि न लेने वाले बीएमओ पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। देखिए यह रिपोर्ट। सागर जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चल रहे एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने टीकाकरण अभियान की ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कुछ ब्लॉकों में टीकाकरण की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बीएमओ यानी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर टीकाकरण अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारी से बचाने की महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी और अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के उपायुक्त को संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों और छात्रावासों को ही वैक्सीनेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाए ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं तक टीकाकरण की सुविधा आसानी से पहुंच सके। साथ ही जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है, जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण के कारण होता है। कलेक्टर ने जिले के अभिभावकों से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों का समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। किशोरावस्था में लगाया गया यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में टीकाकरण किया जा रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जिले की सभी पात्र किशोरियों का टीकाकरण पूरा किया जाए। कलेक्टर ने कहा है कि यह अभियान आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सभी विभाग और समाज के लोग मिलकर इसे सफल बनाएं। फिलहाल के लिए इतना ही, बने रहिए आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 24 के साथ। धन्यवाद1
- Post by Sandeep gound3
- Post by Dharmendra sahu1
- बरमान बस स्टैंड के किराना दुकान में लगी आग पुलिस और फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पाया गया1
- लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार नरसिंहपुर पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय शातिर आरोपी देवकीनंदन कपूर उर्फ देव (नई दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी बैंक-फाइनेंस कंपनी के पोस्टर लगाकर लोगों को झांसे में लेता था और बीमा, जीएसटी, डीडी, खाता परिवर्तन व लोन फीस के नाम पर पैसे वसूलता था। नरसिंहपुर निवासी ओंकार प्रसाद चौधरी से आरोपी ने लगभग 93,900 रुपये की ठगी की थी। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को दिल्ली से पकड़ा। जांच में सामने आया कि वह कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जी नामों से लोगों को कॉल कराता था तथा ठगी की रकम अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर कराता था। पुलिस ने आरोपी से 10 चेकबुक, 10 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है1
- सांकल रोड के 204 परिवारों को PWD का नोटिस, बेघर होने के डर से भड़की जनता नरसिंहपुर। शहर के सांकल रोड क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब PWD विभाग ने 204 परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस थमा दिया। विभाग ने सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे इन निर्माणों को 'अवैध कब्जा' बताते हुए हटाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस मिलते ही आक्रोशित रहवासी सोमवार दोपहर 3 बजे PWD कार्यालय पहुंचे और घेराव किया।निवासियों का कहना है कि एक तरफ सरकार आवास दे रही है, दूसरी तरफ विभाग सालों पुराने आशियाने उजाड़ रहा है। रहवासियों ने अधिकारियों को नोटिस के जवाब सौंपकर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।4
- बीना कृषि उपज मंडी में किसानों ने किया उग्र प्रदर्शनः पुलिस प्रशासन एवं कृषि उपज मंडी के विरोध में लगाए मुरादाबाद के नारे व्यवस्थाओं की कमी, चोरी की घटनाओं पर जताई नाराजगी किसानों ने मंडी सचिव कमलेश सोनकर को ज्ञापन सौंपा। राजेश बबेले बीना। बीना कृषि उपज मंडी में किसानों ने किया उग्र प्रदर्शन।पुलिस प्रशासन एवं कृषि उपज मंडी के विरोध में लगाए मुर्दाबाद के नारे व्यवस्थाओं की कमी, चोरी की घटनाओं पर जताई नाराजगी किसानों ने मंडी सचिव कमलेश सोनकर को ज्ञापन सौंपा। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कृषि उपज मंडी में किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में किसानों ने किया उग्र प्रदर्शन किया है। मंडी में बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और समस्याओं के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। *मंडी 'अवस्थाओं का अखाड़ा' बन चुकी है।* किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि मंडी 'अवस्थाओं का अखाड़ा' बन चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों को न तो उचित व्यवस्थाएं मिलती हैं और न ही उनकी उपज की समय पर खरीदी की जाती है। किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। *सीसीटीवी कैमरे चालू किए* किसानों ने मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने मांग की कि मंडी में पर्याप्त गार्ड उपलब्ध कराए जाएं और पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, सभी सीसीटीवी कैमरे चालू किए जाएं और मंडी समिति द्वारा उनकी नियमित निगरानी की जाए ताकि चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। *1 लाख 68 हजार रुपये की चोरी के मामले में, किसानों ने मांग की कि इसका भुगतान मंडी द्वारा किया जाए* प्रदर्शनकारियों ने तुलाई धर्म कांटे पर बिना किसी कटौती के करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तुलाई का कोई भी खर्च मंडी द्वारा वहन किया जाना चाहिए। जुगपुरा के एक किसान से मंडी में हुई 1 लाख 68 हजार रुपये की चोरी के मामले में, किसानों ने मांग की कि इसका भुगतान मंडी द्वारा किया जाए, क्योंकि घटना के समय मंडी के कैमरे बंद थे। *मांगें पूरी नहीं की गईं तो किसान मंडी में ताला डाल देंगे* किसानों ने मंडी में पानी की उचित व्यवस्था करने की भी मांग की, ताकि हर किसान के ट्रैक्टर के पास पानी उपलब्ध हो सके। इंदर सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो किसान मंडी में ताला डाल देंगे इस दौरान सभी किसानों ने मंडी सचिव कमलेश सोनकर को ज्ञापन सौंपा।4
- फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनी के पोस्टर लगाकर प्रचार से भ्रमित होकर प्रार्थी हुआ ठगी का शिकार। आरोपी फर्जी नामों का उपयोग कर लोगों को बनाता था शिकार।1