मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” शहडोल। भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है।आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।
मध्यप्रदेश में आम उत्पादन की बढ़ती संभावनाएँ और “मैंगो फेस्टिवल 2026” शहडोल। भारत कृषि प्रधान देश होने के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखता है। फलों, फूलों और सब्जियों के उत्पादन के माध्यम से देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश ने उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। विशेष रूप से फल उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। भारतवर्ष में कुल लगभग 1176 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 102 लाख मीट्रिक टन उत्पादन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत, अनुकूल जलवायु और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रतिफल है। फल उत्पादन की दृष्टि से यदि किसी एक फल की लोकप्रियता और आर्थिक महत्व की चर्चा की जाए तो आम का नाम सबसे पहले आता है। आम को 'फलों का राजा' कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'मैंगो फेस्टिवल 2026' अर्थात 'आम महोत्सव' आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों — अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा। प्रदेश के लिए गौरव का विषय यह भी है कि सुंदरजा आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। रीवा जिले के प्रसिद्ध सुंदरजा आम को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने से न केवल इसकी विशिष्टता को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं। सुंदरजा आम अपनी मिठास, सुगंध और विशिष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। भारत सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नकदी फसलों, फल, फूल एवं सब्जी उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करना है। उद्यानिकी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इनकी बाजार में मांग निरंतर बनी रहती है और उत्पादन से अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त होता है। आम जैसी फसलें किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाएँ और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों का विश्वास और उत्साह बढ़ा है।आज आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आम उत्पादन को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। यदि किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यात सुविधाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो मध्यप्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आम उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 'मैंगो फेस्टिवल' 2026” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल प्रदेश की उद्यानिकी क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी मील का पत्थर साबित होगा। मध्यप्रदेश में आम उत्पादन के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि आने वाले समय में प्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और 'फलों के राजा' आम के माध्यम से किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ दिल्ली की इंदौर जिला कार्यकारिणी घोषित, विनोद शर्मा बने जिलाध्यक्ष इंदौर। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (नई दिल्ली) की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा शुक्रवार को इंदौर जिला कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा भव्य समारोह के बीच की गई। पिपलियाराव रोड स्थित मधुर मिलन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में जिले एवं तहसील स्तर के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर शपथ दिलाई गई। समारोह में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रदेश संगठन मंत्री राहुल सिंह राणा ने शपथ दिलाई। वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव एवं अरविंद द्विवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री राहुल सिंह राणा, प्रदेश महासचिव रामगोपाल बंसल तथा प्रदेश सचिव जुनैद खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शहडोल जिला इकाई के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, विदिशा जिलाध्यक्ष हाकिम सिंह रघुवंशी, महासचिव योगेश पंथी सहित एडवोकेट जगदीश जोशी, एडवोकेट विजय कुमावत एवं सुशील श्रीवास्तव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पत्रकार हितों की रक्षा और संगठन विस्तार का लिया संकल्प नवनियुक्त पदाधिकारियों ने मंच से पत्रकार हितों की रक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता को मजबूती देने तथा संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तार देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है और उसके अधिकारों, सुरक्षा तथा सम्मान के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा। इन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी घोषित कार्यकारिणी में विनोद शर्मा को जिलाध्यक्ष एवं प्रवीण जैन को महासचिव नियुक्त किया गया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर अंकित राठौर (महू), यत्नेश सेन (देपालपुर), धर्मेंद्र सोलंकी (सांवेर) एवं पूर्णिमा बीसे (इंदौर) को जिम्मेदारी सौंपी गई। सचिव पद पर जितेश पाठक (इंदौर), उदय सिंह चावड़ा (देपालपुर) एवं कमल चौधरी (सांवेर) नियुक्त किए गए। संयुक्त सचिव के रूप में विनोद शर्मा, महेश शर्मा ‘टोनी’ (महू), संतोष परमार एवं करण मेनारिया को जिम्मेदारी मिली। शिवाजी श्रीवास्तव को संगठन मंत्री तथा अनिल कौशल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जितेंद्र सोनी, ललित शर्मा, डॉ. भास्कर तिवारी, विजय जोशी (देपालपुर), गजेंद्र वैष्णव, दीनदयाल डांगी एवं कुंदन करडवाल (सांवेर) को शामिल किया गया। तहसील स्तर पर भी संगठन को मिली मजबूती संगठन को ग्रामीण एवं तहसील स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लॉकों में भी नियुक्तियां घोषित की गईं। देपालपुर ब्लॉक अध्यक्ष दीपक जाट एवं सचिव जितेंद्र नकुम, सांवेर ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश कटारिया एवं सचिव डॉ. अतुल लाड़ना, महू ब्लॉक अध्यक्ष अमित उपाध्याय एवं सचिव आकाश राठौर नियुक्त किए गए। वहीं हातोद ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी धीरेंद्र व्यास को सौंपी गई। गरिमामय आयोजन में जुटे वरिष्ठ पत्रकार कार्यक्रम का संयोजन आलोक शर्मा ‘अकेला’, डॉ. पंकज विरमाल, नवनीत शुक्ला एवं ऋषिकांत श्रीवास्तव द्वारा किया गया। मंच संचालन डॉ. अंचित स्वर्णकार ने किया। अंत में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने सभी अतिथियों, वरिष्ठ पत्रकारों एवं उपस्थित साथियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में शहर एवं जिले के वरिष्ठ पत्रकारों की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम पत्रकार एकता और संगठनात्मक मजबूती का प्रभावशाली उदाहरण बन गया।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मध्य प्रदेश के गोहपारू में बकाया बिजली बिल वसूलने गई टीम पर उपभोक्ताओं ने हमला कर दिया। मलमाथर गांव में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विभागीय कर्मचारी अब आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- शाहडोल के धनपुरी नगरपालिका के वार्ड 3, साइडिंग रोड पर पिछले 6-7 महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। इसके चलते पूरे इलाके में मच्छरों और बदबू की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। स्थानीय निवासी इस स्थिति से बेहद परेशान हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर कोयले से लदी एक चलती मालगाड़ी के तीन डिब्बों में अचानक आग लग गई। लोको पायलट और गार्ड की सतर्कता से ट्रेन को समय पर रोका गया, जिससे एक भीषण रेल हादसा टल गया। दमकल टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिसकी जांच रेलवे विभाग कर रहा है।4
- Post by Manoj Gupta Driver4
- मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तेंदूपत्ता इकट्ठा कर रही एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए महिला की जान बचाई, जिसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन विभाग ने घटना के बाद गश्त बढ़ा दी है और लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।1
- बिजली बिल वसूलने गए जूनियर इंजीनियर और कर्मचारियों को गाली-गलौज के साथ मिली धमकी शहडोल। गोहपारू तहसील के ग्राम मलमाथर में बिजली बिल वसूली के दौरान बड़ा हंगामा... बकाया वसूली करने पहुंची बिजली विभाग की टीम के साथ गाली-गलौज और मारपीट का आरोप। मौके पर मौजूद थे गोहपारू जेई ( जूनियर इंजीनियर), घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, इलाके में मचा हड़कंप। बताया जा रहा है कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया था, उन्होंने विरोध करते हुए विवाद किया। बकाया राशि इस प्रकार बताई जा रही है.... प्रेमलाल यादव ₹6,132, मोहनलाल यादव ₹9,918, हरीलाल यादव ₹1,132 मामले को लेकर विभाग द्वारा पुलिस शिकायत की तैयारी।1