शेरपुर कला में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान.समय पर नहीं पहुंची मदद, खुद ही बुझानी पड़ी आग पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील पूरनपुर के गांव शेरपुर कला में स्थित एक भट्टे के पास लेबड़ा तालाब के नजदीक किसानों के खेतों में अचानक भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। इस आग में जहां तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, वहीं बीज के लिए तैयार किया गया गन्ना भी पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसान बदहवास होकर आग बुझाने में जुट गए।बताया जा रहा है कि आग लगने की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान हाजी रियाजत नूर खान ने तुरंत फोन के माध्यम से प्रशासन और फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। हालांकि, किसानों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया। तब तक किसान खुद ही बड़े प्रयासों से आग पर काबू पाने में जुटे रहे।किसानों ने बताया कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो काफी हद तक फसल को बचाया जा सकता था। देर से पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए रोष प्रकट किया। आरोप है कि जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक अधिकांश फसल जलकर खाक हो चुकी थी। बाद में टीम ने केवल खेतों की मेड़ों पर खड़े पेड़ों में लगी आग को बुझाने का कार्य किया। घटना की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल गौस मोहम्मद ने अपनी टीम के साथ नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से जानकारी जुटाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का सर्वे कर शीघ्र ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस हादसे में जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उनमें इसारत नूर खान, मोहम्मद मियां, गुड्डू खान, इजाजत नूर खान सहित दर्जनों किसान शामिल हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। किसान प्रशासन से जल्द राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
शेरपुर कला में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान.समय पर नहीं पहुंची मदद, खुद ही बुझानी पड़ी आग पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील पूरनपुर के गांव शेरपुर कला में स्थित एक भट्टे के पास लेबड़ा तालाब के नजदीक किसानों के खेतों में अचानक भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। इस आग में जहां तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, वहीं बीज के लिए तैयार किया गया गन्ना भी पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसान बदहवास होकर आग बुझाने में जुट गए।बताया जा रहा है कि आग लगने की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान हाजी रियाजत नूर खान ने तुरंत फोन के माध्यम से प्रशासन और फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। हालांकि, किसानों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया। तब तक किसान खुद ही बड़े प्रयासों से आग पर काबू पाने में जुटे रहे।किसानों ने बताया कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर
पहुंच जाती, तो काफी हद तक फसल को बचाया जा सकता था। देर से पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए रोष प्रकट किया। आरोप है कि जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक अधिकांश फसल जलकर खाक हो चुकी थी। बाद में टीम ने केवल खेतों की मेड़ों पर खड़े पेड़ों में लगी आग को बुझाने का कार्य किया। घटना की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल गौस मोहम्मद ने अपनी टीम के साथ नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से जानकारी जुटाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का सर्वे कर शीघ्र ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस हादसे में जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उनमें इसारत नूर खान, मोहम्मद मियां, गुड्डू खान, इजाजत नूर खान सहित दर्जनों किसान शामिल हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। किसान प्रशासन से जल्द राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
- माननीय @dgpup महोदय के निर्देशानुसार एवं SP पीलीभीत के नेतृत्व में थाना बरखेड़ा द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी कर अवैध सम्पत्ति अर्जित करने वाले अभियुक्त की 48,19,966/- रुपये की अचल संपत्ति फ्रीज करने के सम्बन्ध में Addl.SP पीलीभीत की बाइट @Uppolice1
- पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील पूरनपुर के गांव शेरपुर कला में स्थित एक भट्टे के पास लेबड़ा तालाब के नजदीक किसानों के खेतों में अचानक भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। इस आग में जहां तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, वहीं बीज के लिए तैयार किया गया गन्ना भी पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसान बदहवास होकर आग बुझाने में जुट गए।बताया जा रहा है कि आग लगने की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान हाजी रियाजत नूर खान ने तुरंत फोन के माध्यम से प्रशासन और फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। हालांकि, किसानों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया। तब तक किसान खुद ही बड़े प्रयासों से आग पर काबू पाने में जुटे रहे।किसानों ने बताया कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो काफी हद तक फसल को बचाया जा सकता था। देर से पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए रोष प्रकट किया। आरोप है कि जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक अधिकांश फसल जलकर खाक हो चुकी थी। बाद में टीम ने केवल खेतों की मेड़ों पर खड़े पेड़ों में लगी आग को बुझाने का कार्य किया। घटना की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल गौस मोहम्मद ने अपनी टीम के साथ नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से जानकारी जुटाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का सर्वे कर शीघ्र ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस हादसे में जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उनमें इसारत नूर खान, मोहम्मद मियां, गुड्डू खान, इजाजत नूर खान सहित दर्जनों किसान शामिल हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। किसान प्रशासन से जल्द राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।2
- जरा बुजुर्ग, पूरनपुर: गांव जरा बुजुर्ग में इन दिनों LPG गैस को लेकर हालात बेहद खराब हो गए हैं। लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए कई-कई घंटों तक लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। ⏰ घंटों इंतजार, फिर भी खाली हाथ स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद शाम तक नंबर नहीं आता। कई लोग बिना गैस लिए ही घर लौटने को मजबूर हैं। 😡 ग्रामीणों में बढ़ता गुस्सा गांव वालों का आरोप है कि गैस एजेंसी की लापरवाही और अनियमित सप्लाई के कारण यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। 📉 सप्लाई में गड़बड़ी बनी वजह बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं पहुंच रही, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बन गया है। 🗣️ प्रशासन से कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने और नियमित गैस सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। 👉 अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।2
- Post by लालू प्रसाद3
- रणथंभौर: जोन-3 में बाघ का शाही अंदाज, खुली जिप्सी में दीदार कर रोमांचित हुए पर्यटक सवाई माधोपुर | विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। पार्क के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय माने जाने वाले जोन संख्या 3 में पर्यटकों को बाघ का एक यादगार दीदार हुआ, जिसने सफारी पर निकले लोगों का दिन बना दिया। जिप्सी के सामने 'शाही चहलकदमी' मंगलवार सुबह की पाली में जब पर्यटकों का दल जिप्सी से जंगल भ्रमण पर था, तभी अचानक झाड़ियों के बीच से निकलकर एक विशाल बाघ मुख्य रास्ते पर आ गया। बाघ को इतने करीब और खुले अंदाज में देखकर पर्यटकों की सांसें थम गईं। बाघ ने बिना किसी हड़बड़ाहट के जिप्सी के सामने काफी देर तक चहलकदमी की और फिर पास ही स्थित झील के किनारे आराम फरमाने लगा। पर्यटकों में दिखा भारी उत्साह खुली जिप्सी में बाघ को महज कुछ ही फीट की दूरी पर देखकर पर्यटक गदगद हो गए। प्रकृति और वन्यजीवों की इस अद्भुत खूबसूरती को पर्यटकों ने अपने कैमरों और मोबाइल में कैद किया। सफारी से लौटे पर्यटकों ने बताया कि "यह उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव था। बाघ का इस तरह बेखौफ होकर घूमना रणथंभौर की असली पहचान है।" जोन-3: बाघों का पसंदीदा ठिकाना रणथंभौर का जोन-3 अपनी झीलों (पद्म तालाब, राजबाग और मलिक तालाब) और ऐतिहासिक किले के बैकड्रॉप के कारण बाघों की पहली पसंद माना जाता है। वर्तमान में यहाँ की शानदार साइटिंग ने पर्यटकों के बीच इस जोन का क्रेज और बढ़ा दिया है। विशेष नोट: हाल ही में रणथंभौर के जोन-9 में बाघ, लेपर्ड और कुनो से आए चीता (KP-2) के एक साथ देखे जाने की दुर्लभ घटना ने भी पूरी दुनिया का ध्यान रणथंभौर की ओर खींचा है।1
- Post by समाचार Crime News1
- Post by संदीप मिश्रा1
- किन कारणों से अब सरकार के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना नामुमकिन सा होगा...जानने के लिए देखें और अपनी राय दें।1