कौशांबी (उप्र): जनपद कौशांबी के थाना संदीपन घाट क्षेत्र अंतर्गत चिकवान का पुरवा गांव के एक निवासी को लेकर जिले में इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि संबंधित व्यक्ति पर भू-माफिया गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं तथा उसका आपराधिक तत्वों से संपर्क बताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी प्रकरण के बीच पुलिस द्वारा इश्तियाक अहमद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। पत्रकारों के एक वर्ग ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी निष्पक्ष जांच के बिना की गई है। इसको लेकर जिले में पत्रकारों द्वारा लगातार तीसरे दिन धरना-प्रदर्शन जारी है। धरनारत पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई तथा गिरफ्तार व्यक्ति के मामले की पुनः समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जनपद में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। पुलिस लगातार चर्चा में बना हुआ है।
कौशांबी (उप्र): जनपद कौशांबी के थाना संदीपन घाट क्षेत्र अंतर्गत चिकवान का पुरवा गांव के एक निवासी को लेकर जिले में इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि संबंधित व्यक्ति पर भू-माफिया गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं तथा उसका आपराधिक तत्वों से संपर्क बताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी प्रकरण के बीच पुलिस द्वारा इश्तियाक अहमद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। पत्रकारों के एक वर्ग ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी निष्पक्ष जांच के बिना की गई है। इसको लेकर जिले में पत्रकारों द्वारा लगातार तीसरे दिन धरना-प्रदर्शन जारी है। धरनारत पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई तथा गिरफ्तार व्यक्ति के मामले की पुनः समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और साक्ष्यों के आधार पर की जाती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर जनपद में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। पुलिस लगातार चर्चा में बना हुआ है।
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- बेकसूर पत्रकार को जेल भेजने पर तीसरे दिन भी पत्रकारों ने दिया धरना,एसडीएम आकाश सिंह को सौंपा ज्ञापन तीसरे दिन भी डायट मैदान में प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी... संदीपन घाट थाना क्षेत्र के कशिया पूरब निवासी पत्रकार इस्तियाक अहमद को कथित रूप से राजनीतिक कारणों से जेल भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पत्रकारों ने एकजुट होकर शनिवार को तीसरे दिन भी डायट मैदान में प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की। शनिवार को एसडीएम आकाश सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार इश्तियाक अहमद एवं उनके परिजनों के खिलाफ साजिशन फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। बताया गया कि राकेश चौधरी द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया गया, जबकि घटना के समय पत्रकार मौके पर मौजूद ही नहीं थे। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि कुछ सत्ताधारी नेताओं के दबाव में साजिश के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार को शीघ्र रिहा किया जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी पत्रकार पर बिना ठोस साक्ष्य व गहन जांच के मुकदमा दर्ज न किए जाने की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिले भर के पत्रकार ने धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इसे दबाने या डराने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम आकाश सिंह ने पत्रकारों से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष बृजेश गौतम, संरक्षक रमेश चंद्र अकेला सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और एक स्वर में न्याय की मांग उठाई। इस दौरान भीम आर्मी के नेता, किसान यूनियन नेता सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव मो सैफ, समाजसेवी धनराज सिंह सहित प्रेस क्लब संरक्षक रमेश चंद्र अकेला , अध्यक्ष बृजेश गौतम , अली मुक्तजा , जिया रिजवी , अशोक विश्वकर्मा, अली अहमद , इंतजार रिजवी, डीएस यादव , राम किशन , प्रसिद्ध मिश्रा, सुनील साहू, बलराम साहू,सिराथू अध्यक्ष रवि कुमार वैश्य , रवि अग्रहरि , आबिद हुसैन , बाकर हुसैन , अनिरुद्ध पांडेय , अभिसार भारतीय , अखिलेश गौतम , संदीप पाल , मनोज मौर्य , राम विलास पटेल , शिव शंकर मोदनवाल, दिलशाद अहमद, अनुराधा यादव , रवि केसरवानी , अशोक केसरवानी , पंकज केसरवानी , राजकुमार , चंद्रशेखर , चंद्रिका प्रसाद , आर्या शुक्ला , संतलाल मौर्य , तालिब, जाहिद ,आशीष चक सहित बड़ी संख्या में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे ।1
- कौशाम्बी संदीपन घाट थाना क्षेत्र के कशिया पूरब निवासी पत्रकार इस्तियाक अहमद को कथित रूप से राजनीतिक कारणों से जेल भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पत्रकारों ने एकजुट होकर शनिवार को तीसरे दिन भी डायट मैदान में प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की। शनिवार को एसडीएम आकाश सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार इश्तियाक अहमद एवं उनके परिजनों के खिलाफ साजिशन फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। बताया गया कि राकेश चौधरी द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया गया, जबकि घटना के समय पत्रकार मौके पर मौजूद ही नहीं थे। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि कुछ सत्ताधारी नेताओं के दबाव में साजिश के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पत्रकार को शीघ्र रिहा किया जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी पत्रकार पर बिना ठोस साक्ष्य व गहन जांच के मुकदमा दर्ज न किए जाने की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिले भर के पत्रकार ने धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इसे दबाने या डराने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम आकाश सिंह ने पत्रकारों से वार्ता कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष बृजेश गौतम, संरक्षक रमेश चंद्र अकेला सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और एक स्वर में न्याय की मांग उठाई। इस दौरान भीम आर्मी के नेता, किसान यूनियन नेता सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव मो सैफ, समाजसेवी धनराज सिंह सहित प्रेस क्लब संरक्षक रमेश चंद्र अकेला , अध्यक्ष बृजेश गौतम , अली मुक्तजा , जिया रिजवी , अशोक विश्वकर्मा, अली अहमद , इंतजार रिजवी, डीएस यादव , राम किशन , प्रसिद्ध मिश्रा, सिराथू अध्यक्ष रवि कुमार वैश्य , रवि अग्रहरि , आबिद हुसैन , बाकर हुसैन , अनिरुद्ध पांडेय , अभिसार भारतीय , अखिलेश गौतम , संदीप पाल , मनोज मौर्य , राम विलास पटेल , शिव शंकर मोदनवाल, दिलशाद अहमद, अनुराधा यादव , रवि केसरवानी , अशोक केसरवानी , पंकज केसरवानी , राजकुमार , चंद्रशेखर , चंद्रिका प्रसाद , आर्या शुक्ला , संतलाल मौर्य , तालिब, जाहिद ,आशीष चक सहित बड़ी संख्या में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे ।1
- 🔴 पत्रकार की गिरफ्तारी पर बवाल – कौशांबी में संगठनों का धरना, पुलिस पर दबाव के आरोप श्रेय टीवी कौशांबी ब्यूरो चीफ शुभम पाण्डेय की खास रिपोर्ट। पत्रकारों ने जिला अधिकारी कौशांबी को सौपा ज्ञापन निष्पक्ष कार्यवाही की मांग कौशांबी से बड़ी खबर… पत्रकार इश्तियाक की गिरफ्तारी को लेकर जिले में सियासी और पत्रकारिता जगत में हलचल तेज हो गई है। पत्रकार संगठनों ने गिरफ्तारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, कौशांबी जिले में पत्रकार इश्तियाक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद पत्रकार संगठनों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। पत्रकार संगठनों का दावा है कि घटना के समय इश्तियाक एक शादी समारोह में मौजूद थे और उन्हें बेवजह फंसाया गया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने कुछ नेताओं के दबाव में आकर बिना समुचित जांच के मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी के विरोध में प्रेस क्लब कौशांबी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के सदस्य एकजुट हो गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामला यहीं नहीं थमा… मंझनपुर जिला मुख्यालय स्थित डायट परिसर में पत्रकारों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है जांच प्रक्रिया जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। श्रेय टीवी लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। मामला जांच का विषय है और दोनों पक्षों के तथ्यों के आधार पर आगे की सच्चाई सामने आएगी। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या पत्रकार संगठनों की मांगों पर प्रशासन कोई निर्णय लेता है।1
- Post by Abhishek Singh1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1